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योनि क्या है? योनि में कितने छेद होते है और योनि के सभी छेद का क्या नाम होता है- yoni kiya hai? Yoni me kitne ched hote hai aur yoni ke sabhi ched ka naam btaye

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3 योनि के सभी छेद का नाम बताए – yoni ke sabhi ched ka naam bataye

योनि क्या है? – yoni kya hai? 

योनि ( yoni ) महिलाओं का एक बहुत ही महत्वपूर्ण अंग है. जिसे हम प्राइवेट पार्ट के नाम से जानते है. इस योनि से महिलाओं का कई महत्वपूर्ण कार्य होता है. इस योनि से हम प्रजनन करते हैं, शारीरिक संबंध का आंनद लेते है. मासिक धर्म में उत्पन्न होने वाली खून भी इसी योनि से होकर बाहर निकलती है. 

अगर हम योनि की सरंचना की बात करे, तो इसकी सरंचना मुलायम और लचीले (flexible) उत्तकों से मिलकर बनीं होती है. योनि में जो टिशू मौजूद होते है, वो काफी लचीला होता है, जो लुब्रिकेशन (lubrication) और उत्तेजकता पैदा करने में मदद करता है. 

योनि में कितने छेद होते है? – yoni me kitne ched hote hai?

योनि में कितने छेद होते है? यह सवाल अक्सर उन लोगो के मन में होता है, जो शारीरिक सम्बन्ध बनाते है. अक्सर उस समय यह सवाल उत्पन्न होता है. आमतौर पर महिला के योनि में 3 छेद होते है. लेकिन डॉक्टर ऐशा कहते है कि महिला के योनि में केवल 1 ही छेद होते है. 

महिला के योनि में जो एक छेद होता है, उसका मुख्य कार्य मूत्र त्याग करना होता है. महिला के योनि में जो दूसरा छेद होता है, उसका उपयोग अन्य काई मुख्य कामों में होता है. इस दूसरे छेद से हम मूत्र त्याग नहीं कर सकते है. 

इस दूसरे छेद से हम सिर्फ शारीरिक संबंध बनाने का लुत्फ उठा सकते हैं. अगर आप पहले छेद से ऐशा करना चाहेंगे, तो यह मुमकिन नहीं है. महिला के योनि तीसरा छेद जो होता है, उसका मुख्य कार्य शरीर के मौजूद व्यर्थ पदार्थ को बाहर निकालना होता है. 

यह छेद महिला के कूल्हों के बीच में होता है. इस छेद से भी आप शारीरिक संबंध बनाने का आनंद ले सकते है. महिला के योनि का दूसरा छेद सबसे महत्वपूर्ण होता है. इस दूसरे छेद से महिला अपने बच्चे को जन्म देती है और शारीरिक संबंध का आनंद भी ले पाती है.

योनि के सभी छेद का नाम बताए – yoni ke sabhi ched ka naam bataye 

आम तौर पर अगर सीधे लफ्जों में बोला जाए, तो योनि में कुल 3 छेद होते है, जिसमे हर छेद का कार्य अलग अलग होता है. योनि में जो पहला छेद होता है उसका मुख्य कार्य शरीर में मौजूद हानिकारक यूरीन को बाहर निकालना जिसे आम भाषा में मूत्र मार्ग बोल सकते है जहां से मूत्र को आसानी से बाहर निकाल जाता है. 

दूसरा होता है, वो छेद जिसमे हम अपना लिंग डालकर शारीरिक सम्बन्ध बनाने का भरपूर आनन्द लेते है. जिससे महिला और पुरष दोनों को संतुष्टि मिलती है और तीसरा छेद वो होता है, जिसे हम गुदा के रूप में जानते है. इस छेद का मुख्य कार्य होता है शरीर में मौजूद व्यर्थ पदार्थ को बाहर निकालना. 

योनि के पहले छेद का काम बताए – yoni ke pehle ched ka naam bataye 

योनि के पहले छेद का नाम यूरेथ्रा (urethra) में होता है. यह एक वैज्ञानिक नाम है. यह योनि के एकदम सुरूवात में हुए है. यह वेजाइना के ठीक ऊपर होता है. यह देखने में बहुत छोटा है, जिसे आप आपनी आंखो से देख पाना मुश्किल होता है. 

इस छेद का मुख्य कार्य होता है. शरीर में मौजूद यूरीन को बाहर निकालना है. जब महिलाएं पेशाब करती है, तो इस दौरान यह छेद थोड़ा सा बढ़ा हो जाता है, जिससे इसके जरिए आसानी से शरीर की यूरीन बाजार निकल जाती है. यह यूरीन को शरीर से बाहर निकलने के लिए ब्लड से जरिए होकर गुजरने वाला एक रास्ता बनाता है. जिससे आसानी से यूरीन बाहर निकल सकें. 

जब आप शारीरिक सम्बन्ध बनाने के दौरान लिंग को योनि के दूसरे छेद में डालते है, तो इस दौरान यह पूरी तरह से लगभग बन्द हो जाता है, जिससे शारीरिक संबंध बनाने के दौरान महिला के पहले छेद से यूरीन के बाहर निकलने के संभावना बेहद कम होती है. 

योनि के दूसरे छेद का काम बताए – yoni ke dusre ched ka naam bataye 

यह एक तरह का sx ऑर्गन होता है. जिसे कई तरह के नामों से जाना जाता है. इस ऑर्गन का वैज्ञानिक नाम वुल्वा (vulva) है, जिसके बारे में बहुत कम ही लोगों की जानकारी होती हैं. लेकिन इसे किसी अन्य नाम से जानते है. डॉक्टर इसे वेजाइना के नाम से जानते है.

इसी वुल्वा के अंदर एक छेद होता है, जिसे लोग वेजाइना बोलते है. इसे लोकल में और भी कई नामों से हम लोग जानते है जैसे चूट, बुर और भी कई तरह के नाम होता है. यह योनि का सबसे महत्वपूर्ण छेद होता है. वेजाइना एक कार्य मुख्य रूप से महिलाओं के गर्भाश्य को बाहर से भीतर जोड़ना होता है. 

इस छेद की मुख्य काम की बात करे, तो इस छेद की ही मदद से हम शारीरिक संबंध बनाने का आनंद ले पाते है, महिला बच्चों को जन्म दे पाती है, मासिक धर्म के दौरान महिलाओं का खून इसी छेद से बाहर निकलता है, र्भपात के दौरान भ्रूण को महिला के शरीर से बाहर निकालने जैसे कई अन्य काम इस छेद की सहायता से होते है. इसलिए इसे योनि का सबसे महत्वपूर्ण छेद बोला जाता है.

योनि के तीसरे छेद का काम बताए – yoni ke tisre ched ka kaam bataye 

अब सवाल यह आता है कि तीसरे छेद का किया काम होता है, तो इसका जवाब बेहद सरल है. इस छेद का मुख्य काम शरीर में मौजूद मल का त्याग करने का हैं. लेकिन आजकल लोग अधिक मज़ा लेने के लिए भी इसका करते है. मतलब महिला और दोनों को इस छेद में लिंग डाल कर शारीरिक संबंध बनाने में काफी अधिक आनंद मिलता है. 

यह छेद हमारे दोनों कूल्हों के बीच में होता है. और इस छेद की खास बात यह है कि यह छेद पुरष और महिला दोनों में होता है और दोनों में ही इसका कार्य एक जैसा ही है. पुरष भी इस छेद का उपयोग अपना मल त्यागने के लिए करते है और महिलाएं भी इसका उपयोग इसके लिए ही करती है.

लिंग को योनि के किस किस छेद में डाल सकते है – ling ko yoni ke kis ched mai dal sakte hai 

लिंग को योनि के किस छेद में डाल सकते है या किस छेद में डालना चाहिए. इस सवाल को लेकर काफी बहस होती रहती है. अक्सर लड़को को भी इस सवाल की सही जानकारी नहीं होती है. लड़को में केवल यही भ्रम रहता है कि लिंग को योनि के पहले छेद में डालना होता है. 

लेकिन यह केवल एक भ्रम है. सच्चाई कुछ ही है. दरअसल योनि का जो पहला छेद होता है. उसमे से केवल महिलाएं पेशाब ही कर सकती है. उसमे आप अपना लिंग नहीं डाल सकते है. लिंग को हमेशा महिला के दूसरे छेद में ही डाला जाता है. 

योनि का जो ऊपर वाला छेद होता है, वो काफी छोटा होता है. और उसमे कुछ भी डालने की संभावना बेहद कम रहती है खास कर लिंग. लेकिन योनि का जो दूसरा छेद होता है. उत्तेजना के दौरान खुला जाता हैं और देखने में काफी बढ़ा भी लगता है, जिसमे आप अपने लिंग को आसानी से डाल सकते है. 

शारीरिक सम्बन्ध बनाने का सबसे अधिक आनंद भी इसी छेद में आता है. आप अधिक आंनद के लिए गुदा का भी उपयोग कर सकतें है. इससे आपको और अधिक आनंद प्राप्त होता है. लेकिन आप जो भी करे, इसमें महिला की सहमति होना बेहद जरूरी है. 

योनि के छेद का आकर बढ़ सकता है क्या? – yoni ke ched ka aakar badh sakta hai kya?

जैसा कि आप जानते ही है कि महिला की योनि महिला के लिए कितना महत्वपूर्ण होती है. इसकी सरंचना भी काफी जटिल होती है. जितनी जटिल योनि की प्रक्रिया है उतना ही कठिन कार्य भी करना पड़ता है. आपको ऐशा लगता होगा कि योनि का सिर्फ एक ही कार्य है. 

लोगो को सिर्फ़ यही लगता है कि इसका काम सिर्फ शारीरिक संबंध बनाने का है, लेकिन ऐसा नहीं है. इसका काम ना सिर्फ शारीरिक संबंध बनाने का है, बल्कि और भी कई महत्वपूर्ण काम होते है इस योनि के. लेकिन लोगो में कई तरह की गलत धारणा होती है, जिसके वजह से लोगो के मन में कई तरह के सवाल होते है. 

लोगो में गलत धरना के वजह से योनि के बारे में गलत गलत बातें करते है. जिससे लड़कियों को काफी खराब महसूस होता है. योनि के बारे में बात करे, तो इसकी गहराई 3 से 6 तक की या उससे अधिक भी होती है, लेकिन इसकी खास बात यह है कि इसकी आकार बदलते रहती है. 

अगर कोई महिला प्रेगनेंट है और वो किसी शिशु को जन्म देने वाली हो, तो इस दौरान योनि की गहराई अधिक हो जाती है. अगर किसी व्यक्ति का 6 इंच से अधिक लंबा होता है, तो इस दौरान भी महिला के योनि की गहराई अधिक हो जाती है. आप इसे स्प्रिंग के रूप में भी समझ सकते है. 

लेकिन यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि योनि का अगर शारीरिक संबंध या बच्चे को जन्म देने के समय बढ़ जाता है, तो यह अस्थाई होता है. कहने का तात्पर्य यह है कि इसका पुनः उतना ही हो जाता है जितना की पहले रहता है. इसलिए किसी भी महिला को इस दौरान घबराना नहीं चाहिए.

योनि के ढीले होने का कारण किया होता है? – yoni ke dhile hone ka karan kya hota hai?

वैसे तो योनि ( yoni ) के ढीले होने के कई कारण हो सकते है. बहुत सी लड़कियां शादी से पूर्व ही कई बार शारीरिक संबंध बना लेती है, जिसके कारण उनका योनि काफी ढीला हो जाता है, जिसके कारण शादी से बाद पति को आनंद नहीं मिल पाता है. इसके अलावा और भी कई कारण हो सकते है. जिसकी जानकारी आपको नीचे दी जा रही है. 

जब तक महिला अपने पहले बच्चे को जन्म नहीं दे देती है, तब तक उनका योनि ( yoni ) काफी टाईट रहता है, लेकिन जैसे ही महिला किसी बच्चे को जन्म देती है उनका योनि काफी ढीला हो जाता है. इसके अलावा और भी कई तरह के कारण होते है. 

बहुत बार बच्चे को जन्म देने के लिए महिला को सर्जरी का भी सहारा लेना पड़ता है, जिसके कारण भी उनका योनि काफी ढीला हो जाता है. ऐशा इसलिए होता क्यूंकि बहुत बार किसी तरह की परेशानी की वजह से महिला बच्चे को नॉर्मल डिलीवरी नहीं कर पाती है, जिसके कारण उन्हें सर्जरी का सहारा लेना पड़ता है. 

जब महिला का उम्र 40+ से अधिक हो जाता है, तो इस दौरान उनका योनि काफी ढीला हो जाता है, जिसके बाद शारीरिक सम्बन्ध बनाने में पुरष को जरा सा भी आनंद नहीं आता है. 

कुछ महिलाओं का योनि ( yoni ) ढीला होने का कारण उनका वजन भी होता है. क्यूंकि अधिक वजन होने के कारण भी योनि के ढीले होने की संभावना बनी रहती है. 

लड़की का कोन सा छेद शारीरिक संबध बनाने के लिए आरामदायक है? – ladki ka kon sa ched sharirik  sambhandh banane ke liye aaramdayak hai?  

अगर कोई पुरष यह सवाल करता है, तो यह सुनने में थोड़ा अजीब से लगता है. क्यूंकि अक्सर यह सवाल वही लोग करते है, जिन्होंने अभी तक किसी महिला के साथ शारीरिक संबंध नहीं बनाया हो. जो लोग महिला के साथ शारीरिक संबंध बना चुके है. उनके इस सवाल का जवाब देना काफी आसान हो जाता है. 

इसलिए बहुत से लोग इस तरह के सवाल पर ध्यान नहीं देते है, लेकिन शादी से पहले यह जान लेना आपके लिए बेहद जरूरी है. अगर हम सीधे तौर पर कहें, तो योनि के छेद में ही डालने में सबसे ज्यादा आराम दायक होता है. क्यूंकि इसमें शारीरिक सम्बन्ध बनाने में भी अधिक मज़ा मिलता है और लड़की के लिए काफी आरामदायक होता है. 

इसके मुकाबले अगर आप गुदा मैथुन करते है, तो इसमें लड़कियों को काफी दर्द महसूस होता है, जिसके कारण बहुत सी लड़कियां गुदा मैथुन करने से मन कर देती है. क्यूंकि दर्द होने के कारण उन्हें काफी डर भी लगता है. इसलिए अगर आप आराम से शारीरिक सम्बन्ध का मज़ा लेना चाहते है, तो आपको योनि में लिंग को प्रवेश करा कर भरपूर आनंद ले सकते हैं. 

जब आप पहली बार किसी लड़की के साथ शारीरिक संबंध बनाते हैं, तो उन्हे काफी दर्द महसूस होता है. इसलिए पीछे उनकी वर्जिनिटी होती है. क्यूंकि जब आप पहली बार किसी लड़की के योनि में लिंग परवेश करवाते है, तो उनके योनि के ऊपर एक झिल्ली होती है, जो लिंग के जाने से फट जाती है और उसमें से खून निकलने लगता है. 

जिससे उन्हें काफी डर भी लगता है और काफी तकलीफ भी होती है. लेकिन बहुत सी लड़कियां अपने योनि में उंगली करके उसे पहले से ही फार देती है, जिससे उन्हें कामुकता के दौरान दर्द थोड़ा कम होता है, लेकिन कुछ लड़कियां ऐसी भी होती है, जो शादी से पहले ही शारीरिक सम्बन्ध बना लेती है, जिस वजह से उन्हें दर्द का अनुभव नहीं होता है. 

लेकिन कुछ लड़कियां ऐसी भी होती है. जिन्हे गुदा और योनि दोनों जगह में लिंग लेना पसंद होता है. इसमें उन्हें काफी आराम भी मिलता है, लेकिन किसी के भी साथ आपको गुदा मैथुन करने से पूर्व साथी से पूछ लेना चाहिए. क्यूंकि बहुत बार लड़कियां गुदा मैथुन के लिए लड़कियां तैयार नहीं होती है. 

अंत में यही निष्कर्ष सामने आता है कि गुदा और योनि दोनों में ही लिंग लेना काफी आरामदायक होता है लेकिन यह लड़कियों पर डिपेंड करता है कि उन्हें किस में लिंग रहना ज्यादा अच्छा लगता है. क्यूंकि हर लड़की की आपनी अपनी पसंद होती है. 

पुरुष अपना लिंग महिला के किस छेद में डालना पसंद करता है? – purush apna ling mahila ke kis ched me dalna pasand karta hai?

अगर आपको बच्चे की जल्दबाजी है, तो आपको योनि के बढ़े वाले छेद में अपना लिंग डालना चाहिए, लेकिन यदि आप प्रजनन प्रक्रिया का आंनद लेना चाहते हैं, तो आपको योनि के पीछे वाले छेद जिसे हम गुदा ( अनाल ) कहते है उसमे डाल के पूरा आनंद लेना चाहिए. इससे आपको काफी अधिक आनंद मिलेगा. हां इसको सुरवात में करने में थोड़ा दर्द जरूर हो सकता है. लेकिन बाद में यह आपको आनंदित करता है.  

बच्चों का जन्म महिला या लड़की के किस छेद से होता है? – bacho ka janam mahila ya ladki ke kis ched se hota hai? 

इस सवाल का जवाब महिलाओं को तो पता रहता है, लेकिन पुरषों के पास इसके बारे में विस्तार से जानकारी उपलब्ध नहीं होती है और कई लोग दावा तो करते है कि उनको पता है. पर उन्हे भी इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं होती है. गूगल पर भी इसकी जानकारी संचेप में उपलब्ध नहीं है, लेकिन हम आपको इस सवाल की पूरी जानकारी देने की कोशिश करेंगे. 

अगर सीधे तौर पर कहा जाए, तो बच्चे का जन्म योनि के उसी द्वार से होता है, जिसकी सहायता से हम शारीरिक सम्बन्ध बनाने का आंनद ले पाते है. यह एक प्राकृतिक घटना है, जिसके बारे सभी को जानने का पूरा अधिकार है. लेकिन महिलाएं इन सभी बातों को करना पसंद नहीं करती है. 

पीरियड का खून किस छेद से बाहर निकलता है? – period ka khun kis ched se bahar nikalta hai? 

अक्सर पुरषों के मन में यह सवाल उठता है, लेकिन उन्हें इसकी सही जानकारी नहीं होती है, इसके पीछे का कारण यह होता है कि  महिलाएं इन सभी बातों पर खुलकर बात करने से झिझकती है. क्यूंकि उन्हे इस तरह की बात करना पसंद नहीं होता है या उन्हे इस तरह की बात करने में काफी सर्म महसूस होती है, लेकिन हम आपको जानकारी के लिए बता दें कि लड़की को पीरियड का खून योनि ( yoni ) के उसी छेद से आता है, जिसके अंदर हम आपका लिंग प्रवेश करा कर शारीरिक संबंध का आंनद उठाते है. 

अंतः में हम यही निष्कर्ष पर पहुंचते हैं कि सिर्फ एक ही छेद होते है. उसके अलावा जितने भी छेद मौजूद होते है. उन सभी का काम अलग अलग होता है. जिसके बारे आपको पूरी तरह से जानकारी ऊपर दी गई है. आपको ज्यादा से ज्यादा जानकारी प्राप्त हो सके. इसलिए हम इतना विस्तार आपको जानकारी दे रहे है. जिससे आपके मन में किसी तरह की सवाल नहीं रहे. 

नोट : अगर आपको इस लेख से जुड़े किसी तरह के सवाल का जवाब चाहिए, तो आपको अवश्य ही हमसे संपर्क करना चाहिए. हमारी हेल्थ एक्सपर्ट की टीम आपको आपके सभी सवालों का जवाब देने की कोशिश करेंगे. 

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