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वसंत कुसुमाकर के फायदे, उपयोग और दुष्प्रभाव – Vasant Kusumakar uses, benefits and side effect in Hindi

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4 वसंत कुसुमाकर बनाने की विधि – Vasant Kusumakar making vidhi in Hindi
4.8 मासिक धर्म के रोगों में वसंत कुसुमाकर के फायदे – Vasant Kusumakar benefits in hindi

वसंत कुसुमाकर – Vasant Kusumakar in hindi

दोस्तो आज हम इस आर्टिकल में वसंत कुसुमाकर ( Vasant Kusumakar ) के बारे में जानने की कोशिश करेंगे. वसंत कुसुमाकर जेल के बारे में आपको विस्तार से जानकारी देने की कोशिश करेंगे हमारे एक्सपर्ट. आज हम वसंत कुसुमाकर के उन सभी पहलू पर बात करेंगे, जिसको लोग गूगल पर बहुत अधिक मात्रा में सर्च करते हैं. 

उस सामग्री की पूरी जानकारी लेने की कोशिश करते हैं. हिमालया वसंत कुसुमाकर ( Vasant Kusumakar ) के फायदे, नुकसान, सेवन विधि, तासीर और बनाने की विधि. इन सभी पर विस्तार से जानने की कोशिश करेंगे. बहुत से लोग इसके बारे में जानते तो है लेकिन उन्हें यह पता नहीं होता है कि ये कैसे काम करता है. 

वसंत कुसुमाकर क्या है? – what is Vasant Kusumakar in Hindi

Vasant Kusumakar एक आयुर्वेदिक औषधि है. वसंत कुसुमाकर का उपयोग मुख्य रूप से कई प्रकार के रोगों में किया जाता है. वसंत कुसुमाकर एक बहुत ही अनमोल दवा है. जिसमे बहुत ही बेशकीमती औषधि का इस्तेमाल किया जाता है. 

वसंत कुसुमाकर के नाम का भी एक मतलब होता है. जैसा कि आप जानते है कि वसंत एक ऋतु का नाम है और कुसुमाकर का हिंदी में अर्थ होता है पौधा. इसका मतलब यह हुआ एक ऐशा पौधा जो वसंत ऋतु में खिलता हो. 

वसंत कुसुमाकर का मतलब हुआ, ऐशा दवा जिसका सेवन करने से शरीर में नई ऊर्जा एवं उमंग पैदा करना. जो जीवन में पूरी तरह से जोश भर दें. इसका निर्माण भारत की सभी बड़ी आयुर्वेदिक कंपनियों द्वारा किया जाता है. इसका निर्माण Dabur, Zandu, Baidyanath, Patanjali एवं  Himalya कंपनी द्वारा किया जाता है. 

इसका उपयोग मुख्य रूप से पुरषों के गुप्त रोग से जुड़ी कई प्रकार की समस्याओं में किया जाता है. वसंत कुसुमाकर का का उपयोग मर्दाना कमजोरी, नामर्दानगी, मधुमेह, हृदय रोग एवं मस्तिष्क रोग में किया जाता है. इन सभी रोगों में यह एक बहुत ही उत्तम दवा है. 

जटिल और पुरानी समस्याओं में बसंत कुसुमाकर रस का सेवन करना बहुत ही लाभदायक सिद्ध होता है. इस दवा का सेवन ब्लड शुगर से जुड़ी समस्या में किया जाता है. इसके सेवन से ब्लड शुगर को स्तर सामान्य हो जाता है. इसका सेवन आप पाउडर और टैबलेट के रूप में किया जाता है. क्यूंकि यह दोनों रूप में उपलब्ध होता है. लेकिन इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. 

वसंत कुसुमाकर के घटक द्रव्य – Vasant Kusumakar ingredients in hindi 

Vasant Kusumakar में निम्न घटक द्रव्य का इस्तेमाल किया जाता है. 

  • 1. हत्का – स्वर्ण भस्म – 20 ग्रा.
  • 2. चन्द्र – राजभाषा भस्म  20 ग्रा.
  • 3. वंगा भस्म – टिन कैलक्स – 30 ग्रा.
  • 4. अहि – नागा भस्म – लीड कैलक्स – 30 ग्रा.
  • 5. लोह भस्म – लोहा से तैयार भस्म – 30 ग्रा.
  • 6. अभ्रक भस्म – शुद्ध और संसाधित माइका – 40 ग्रा.
  • 7. प्रवाल भस्म – कोरल का भष्म – 40 ग्रा.
  • 8. मुक्ता भस्म – भस्म ऑफ पर्ल – 40 ग्रा.

वसंत कुसुमाकर बनाने की विधि – Vasant Kusumakar making vidhi in Hindi

Vasant Kusumakar को बनाने की विधि काफी आसान है, इसे कोई भी आसानी से घर पर भी बना सकता है. अगर आपको वसंत कुसुमाकर बनाने की विधि नहीं पता, तो आज हम आपको वसंत कुसुमाकर बनाने की विधि के बार में भी बताएंगे. 

प्रवाल भस्म या प्रवाल पिष्टी, रस सिंदूर, मोती पिष्टी या मोती भसम, अभ्रक भस्म प्रत्येक 4-4 तोला, चांदी भस्म, स्वर्ण भस्म प्रत्येक 2-2 तोला, लोह भस्म, नाग भस्म व् बंग भस्म प्रत्येक 3-3 तोला आपको पहले जमा कर लेना चाहिए. 

उसके बाद आपको इन सभी औषधि को गिलोय के रस,हल्दी का पानी, कमल के फूलो का रस, गन्ने का रस, मालती के फूलो का रस, शतावरी का रस, केले के तने का रस एवं भिगोये गए चन्दन का पानी इन सब कि 7-7 बार भावना दें. उसके बाद आपको इन सभी को 3 से 4 घंटे तक अच्छी तरह से घोटे. उसके बाद आपको इसमें और भी अन्य सामग्री डालने की जरूरत है. 

उसके बाद आपको इसमें 2 तोला कस्तूरी मिला लें. उसके बाद फिर से आपको इस कम से कम 2 से 3 घंटे तक घोतना चाहिए. इसके बाद जब यह अच्छी तरह से घुट जाए. तब आप इसकी छोटी छोटी गोलियां बना लें. 

वसंत कुसुमाकर के फायदे – Vasant Kusumakar benefits in hindi

वसंत कुसुमाकर के फायदे के काई प्रकार के रोग में है. आज हम आपको इस आर्टिकल में इसके फायदे के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी देने की कोशिश करेंगे. नीचे आपको वसंत कुसुमाकर के फायदे के बारे में बताया जा रहा है. जिसके बारे में आप जानकर उसका फायदा ले सकते है. 

मधुमेह में वसंत कुसुमाकर के फायदे – Vasant Kusumakar benefits in hindi 

अगर आपको मधुमेह से जुड़ी कोई भी समस्या है, तो आपको इसका सेवन करना चाहिए. इसका सेवन आप मधुमेह type-1 और type-2 दोनों टाइप के मधुमेह में आप इसका सेवन कर सकते है. मधुमेह में इसका सेवन करने का मुख्य कारण होता है. इसमें मौजूद एंटी हाईपरबुलाईसेमिक गुण. 

अगर आप मधुमेह का इलाज आयुर्वेदिक औषधि के जरिए करवा रहे है, तो ऐसे में आपको वसंत कुसुमाकर का भी सेवन करना चाहिए. मधुमेह रोग में आयुर्वेदिक रोग विशेषज्ञ इसका सेवन करने की सलाह देते है. क्यूंकि मधुमेह में इसका सेवन करने से बहुत लाभ मिलता है. 

वसंत कुसुमाकर रस एक प्रकार से बलवर्धक, कामोत्तेजक, बाजीकरण और रसायन है, जो सप्त धातु को पुष्ट कर शरीर को नई उर्जा और यौवन प्रदान करती हैं. जिससे हमें मधुमेह जैसे हानिकारक बीमारियों से लड़ने में काफी मदद मिलती है. 

बार बार पेशाब कि समस्या में वसंत कुसुमाकर के फायदे – Vasant Kusumakar benefits in hindi 

अगर किसी व्यक्ति को बार बार पेशाब आने की समस्या रहती है, तो उस व्यक्ति को वसंत कुसुमाकर का सेवन अवश्य करना चाहिए. इसके सेवन से बार बार पेशाब आने की समस्या में काफी राहत मिलती है. बार बार पेशाब आना भी एक गंभीर समस्या है. जिससे कई तरह को अन्य समस्या के उत्पन्न होने का खतरा बना रहता है. ऐसे में अगर आप इसका सेवन करके पेशाब की समस्या को खतम कर देते है. तो इससे आप कई प्रकार की समस्याओं से बच सकते है. 

अक्षय रोग में वसंत कुसुमाकर के फायदे – Vasant Kusumakar benefits in hindi 

बचपन में हम बहुत अधिक मात्रा में हस्तमैथुन करते है. जिस कारण जवानी में हमे कुछ रोगों का भी सामना करना पड़ता हैं. इनमे से ही एक रोग है अक्षय रोग. इश्क रोग का मुख्य कारण है. बहुत अधिक मात्रा में वीर्य का हानि होना. इस समस्या के समाधान के लिए आप वसंत कुसुमाकर का सेवन कर सकते है. इसके सेवन से आपको काफी अधिक लाभ मिलता है. 

एनीमिया में वसंत कुसुमाकर के फायदे – Vasant Kusumakar benefits in hindi 

एनीमिया रोग में भी आप वसंत कुसुमाकर का सेवन कर सकते है. इस रोग में भी इसका सेवन करने के काफी फायदे होते है. इसके सेवन से आपको पुराने रक्तपित्त, कफ एवं खांसी, सांस लेने में दिक्कत होना, खून की कमी की समस्या से छुटकारा मिलता है. आपको इन सभी रोग में इसका सेवन डॉक्टर से सलाह लेने के बाद करना चाहिए. 

शीघ्रपतन में वसंत कुसुमाकर के फायदे – Vasant Kusumakar benefits in hindi 

शीघ्रपतन की समस्या से लगभग आज हर व्यक्ति परेशान है. आज हर कोई चाहता है. कि उसका दंपत्ति जीवन सुखमय हो, लेकिन कभी कभी ऐशा नहीं हो पाता है. इसका मुख्य कारण होता है. हमारे द्वारा बचपन में कि गई गलतियां और बहुत अधिक मात्रा में हस्तमैथुन करना. 

अगर आप सीमित मात्रा में हस्तमैथुन करते है, तो इससे आपको किसी तरह की समस्या नहीं होती है. लेकिन यदि आप बहुत अधिक मात्रा में हस्तमैथुन करते है, तो इससे आपको कई तरह की समस्या हो सकती है जैसे – लिंग का खड़ा ना होना, लिंग का ढीलापन, लिंग का छोटापन, शीघ्रपतन आदि और भी कई समस्याएं उत्पन्न हो सकती है. 

अगर आप भी ऐसे है किसी समस्या से परेशान है, तो आपको  वसंत कुसुमाकर का सेवन अवश्य करना चाहिए. इससे आपको इन सभी समस्याओं से लड़ने वा दूर करने में काफी मदद मिलती है. एवं आप इं समस्याओं से छुटकारा पाते है. 

नकसीर रोग में वसंत कुसुमाकर के फायदे – Vasant Kusumakar benefits in hindi 

यह समस्या हमेशा गर्मी में उत्पन्न होती है. गर्मी के समय में अगर कुछ अधिक गर्म चीज का सेवन करने से नाक से खून गिरने लगता है. बहुत बार हम उन चीज़ों का भी सेवन कर लेते है. जिसके तासीर काफी गरम होती है. जिस वजह से हमे इं समस्याओं का सामना करना पड़ता है. हालांकि यह कोई बड़ी समस्या नहीं है. 

लेकिन अगर आपके नाक से बार बार खून बाहर आने लगे. तो आगे चलकर यह काफी बड़ी समस्या बन सकती है. इस समस्या से निजात पाने के लिए आपको वसंत कुसुमाकर का सेवन अवश्य करना चाहिए. इसका सेवन करने से आपको इस समस्या से बहुत जल्दी निजात मिल जाता है. 

मासिक धर्म के रोगों में वसंत कुसुमाकर के फायदे – Vasant Kusumakar benefits in hindi 

मासिक धर्म से जुड़ी समस्या में भी आपको इसका सेवन अवश्य करना चाहिए. क्यूंकि बहुत सी महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान बहुत अधिक पीड़ा होती है. एवं खून भी काफी अधिक मात्रा में स्त्रावित होता है. ऐसे समय में आपको इसका सेवन अवश्य करना चाहिए. इससे आपको इस समस्या में काफी राहत मिलता है. और आपको दर्द से भी छुटकारा मिलता है. 

पतले खून कि समस्या में वसंत कुसुमाकर के फायदे – Vasant Kusumakar benefits in hindi 

अपने अक्सर डॉक्टर से यह बोलते हुए सुना होगा. कि आपका ख़ून बहुत पतला है. यह एक आम समस्या है, जिससे काफी से लोग परेशान रहते है. जिन लोगो का खून बहुत पतला होता है. उनके शरीर का अगर कोई भी हिस्सा हल्का सा भी कट जाता है, तो बहुत अधिक मात्र में खून बहने लगता है. 

ऐसे व्यक्ति को अपने खून को गाढ़ा करने के लिए वसंत कुसुमाकर का सेवन अवश्य करना चाहिए. इसके सेवन से आपका ख़ून बहुत जल्दी गाढ़ा होने लगता है. इसके अलावा आप डॉक्टर से सलाह लेकर और भी कई चीजों का सेवन करके आपने खून को गाढ़ा कर सकते है. 

वृधावस्था के रोगों में वसंत कुसुमाकर के फायदे – Vasant Kusumakar benefits in hindi 

जैसा कि आप लोग जानते है. जैसे जैसे बुढ़ापा आता है वैसे वैसे हमे कई रोगों का सामना करना पड़ता है. हम जितने बूढ़े होते है. हमे रोग भी उतना ही अधिक होता है.वसंत कुसुमाकर के सेवन से आपको बुढ़ापा में कई प्रकार की बीमारियों से लड़ने में काफी मदद मिलती है. बुढ़ापा के कारण सबसे पहले हमारी आंखे कमजोर होने लगती है. 

आंखें कमजोर होने के बाद हमारी पाचन शक्ति काफी कमजोर हो जाती है. हम कुछ भी खाना खाते है. हमारा पाचन तंत्र हमारे खाने को पचा नहीं पाता है. जिससे हमारा शरीर दिन बा दिन कमजोर होने लगता है. जिससे हमारे चलने फिरने की क्षमता कम होती जाती है. 

इसके जैसी और भी कई प्रकार की समस्या उत्पन्न हो जाती है. जिससे हमें बुढ़ापे में काफी समस्या का सामना करना पड़ता है. इन सभी समस्याओं में आपको इसका सेवन अवश्य करना चाहिए. इसके सेवन से आपकी आंखों को नई ऊर्जा प्राप्त होता है. दिल एवं दिमाग को ताक़त मिलती है. जिससे हमें बुढ़ापा से लड़ने में काफी मदद मिलती है. 

वसंत कुसुमाकर के नुकसान – Vasant Kusumakar side effect in Hindi

वसंत कुसुमाकर का सेवन करने के कुछ नुकसान भी हो सकते हैं. इसके सेवन से किया किया नुकसान हो सकते है. इसके बारे में हम आपको नीचे विस्तारपूर्वक बताने की कोशिश करेंगे. 

  • 1. वसंत कुसुमाकर का सेवन आपको हमेशा सीमित मात्रा में करना चाहिए. अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से कई प्रकार की समस्या उत्पन्न हो सकती है. 
  • 2. इसका सेवन कभी भी बिना डॉक्टर की देखरेख नहीं करना चाहिए. इसका सेवन हमेशा डॉक्टर की देखरेख में करना चाहिए. 
  • 3. गर्भवती महिला को है स्तनपान कराने वाली महिला को वसंत कुसुमाकर का सेवन करने से बचना चाहिए. 
  • 4. वसंत कुसुमाकर का सेवन बच्चो को नहीं करना चाहिए. इसका सेवन केवल उन्ही को करना चाहिए जिसकी उम्र 18+ साल से अधिक हो. इससे कम उम्र के बच्चो को इसका सेवन करने से बचना चाहिए. 
  • 5. वसंत कुसुमाकर में मौजूद किसी घटक द्रव्य से आपको एलर्जी है, तो आपको इसका सेवन करने से बचना चाहिए. 

वसंत कुसुमाकर की सेवन विधि – Vasant Kusumakar Sevan vidhi in hindi

वसंत कुसुमाकर का सेवन आपको एक दिन में 2 बार करना चाहिए. इसका सेवन कई प्रकार के रोग में किया जाता है. आपको इसका सेवन एक दिन में 2 बार खाना खाने के बाद करना चाहिए. इसका सेवन आपको सुबह नाश्ता करने के बाद और रात में खाना खाने के बाद करना चाहिए.  इसका सेवन अलग अलग रोगों में अलग अलग तरीके से किया जाता है. 

मधुमेह : मधुमेह रोग में आपको इसका सेवन आपको जामुन की गुठली के चूर्ण और शिलाजीत के साथ करना चाहिए. 

अम्लपित्त : कुष्मांड अभिनय के साथ एवं हृदय संबंधित समस्याओं में अर्जुन के छाल के क्वाथ के साथ इसका सेवन करना चाहिए

स्वपनदोष, शीघ्रपतन, नपुंसकता तथा वीर्य स्राव में आपको इसका सेवन हल्के गर्म दूध के साथ करना चाहिए. मस्तिष्क तथा स्मरण शक्ति के लिए आंवले के मुरब्बे के साथ इसका सेवन करने चाहिए. 

वसंत कुसुमाकर के चिकित्सीय उपयोग – Vasant Kusumakar uses in hindi 

Vasant Kusumakar का सेवन निम्न चिकित्सीय रोग में किया जाता है. 

  • 1. पतले खून कि समस्या 
  • 2. मासिक धर्म 
  • 3. नकसीर 
  • 4. शीघ्रपतन 
  • 5. एनीमिया 
  • 6. अक्षय रोग 
  • 7. पेशाब कि समस्या 
  • 8. मधुमेह 

वसंत कुसुमाकर का मूल्य – Vasant Kusumakar price

Vasant Kusumakar के एक डब्बे का मूल्य ₹2300 rupay है. इसमें वसंत कुसुमाकर के एक डब्बे में कुल 10 ग्राम चूर्ण की उपलब्ध होता है. इसे आप किसी भी ऑनलाइन स्टोर या दवाई की दुकान से खरीद सकते है. अगर आप इसको ऑनलाइन खरीदते है, तो इसमें आपको काफी फायदा मिलता है. क्यूंकि ऑनलाइन आपको कुछ छूट भी मिल जाता है. 

वसंत कुसुमाकर के बारे में डॉक्टर से पूछे गए सवाल और उनके जवाब 

Q1. वसंत कुसुमाकर का सेवन कितने दिनों तक करना चाहिए? 

Ans : वसंत कुसुमाकर का सेवन आपको 4 से 6 हफ्तों तक करना चाहिए. इससे अधिक इसका सेवन करने के लिए आपको पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए. अगर इजाजत दे तभी आप इसका सेवन करे. अन्यथा वसंत कुसुमाकर का सेवन करने से बचें. 

Q2. वसंत कुसुमाकर का सेवन कब करना चाहिए? 

Ans : वसंत कुसुमाकर का सेवन आप खाना खाने के बाद दूध या हल्के गुनगुने पानी के साथ कर सकते है. इसका सेवन आपको एक दिन में 2 बार करना चाहिए. 

Q3. क्या वसंत कुसुमाकर के सेवन से मुझे इसकी लत लग सकती है?

Ans : नहीं. वसंत कुसुमाकर का सेवन करने से लत लगने की समस्या उत्पन्न नहीं होती है, क्यूंकि इसको बनाने में किसी तरह के हानिकारक तत्व का उपयोग नहीं किया जाता हैं. 

Q4. क्या वसंत कुसुमाकर सेवन शराब के साथ किया जा सकता है?

Ans : नहीं. वसंत कुसुमाकर का सेवन शराब के साथ नहीं किया जा सकता है. इससे रोगी को अन्य काई प्रकार की समस्या उत्पन्न हो सकती है. इसलिए इसका सेवन शराब के साथ करने से बचना चाहिए. 

Q5. क्या वसंत कुसुमाकर के सेवन के बाद ड्राइविंग किया जा सकता है?

Ans : हां. आप वसंत कुसुमाकर का सेवन करने के बाद ड्राइविंग कर सकते है. इससे उन्हें किसी तरह का नुकसान नहीं होता है. 

Q6. क्या वसंत कुसुमाकर का सेवन बच्चो के लिए सुरक्षित है?

Ans : हां. वसंत कुसुमाकर का सेवन बच्चो को कराने से पहले किसी विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लेना चाहिए. इससे बच्चे को होने वाली नुकसान से बचाया जा सकता है. 

Q7. क्या वसंत कुसुमाकर का सेवन महिलाएं कर सकती है?

 Ans : हां. वसंत कुसुमाकर का सेवन महिलाएं कर सकती है. लेकिन इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए. उसके बाद ही इसका सेवन करना चाहिए. अइशा ना करने से उन्हे कुछ नुकसान भी हो सकता है. 

Q8. क्या वसंत कुसुमाकर का सेवन गुनगुने पानी के साथ किया जा सकता है? 

Ans : वसंत कुसुमाकर का सेवन हल्के गुनगुने पानी के साथ किया जा सकता है. पानी के साथ इसका सेवन करने किसी तेज़ का हानिकारक प्रभाव नहीं पड़ता है. यह पूरी तरह सुरक्षित है. 

नोट : वसंत कुसुमाकर के बारे में कोई और प्रश्न है, तो हमे कॉमेंट बॉक्स में लिख कर जरूर बताएं. हम आपके सभी सवालों के जवाब देने की कोशिश करेंगें. इसके अलावा आप हमे e-mail पर मैसेज भी कर सकते है. 

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