Home Yoga निरोग रहना है तो करे वज्रासन | Benefits of Vajrasana in Hindi...

निरोग रहना है तो करे वज्रासन | Benefits of Vajrasana in Hindi |

वज्रासन – Vajrasana in Hindi

आधुनिक जीवनशैली के कारण पुरुष और महिलाओं में अनेक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो रही है. ऐसी ही एक समस्या है पाचन शक्ति का कमजोर होना, जो कई रोगों को जन्म देता है. Vajrasana ना केवल पाचन क्रिया को ठीक करता है, बल्कि शरीर को हमेशा सुंदर तथा निरोग बनाए रखता है.

वज्रासन को विरासन भी कहते हैं. इस आसन में शरीर वज्र की तरह मजबूत व शक्तिशाली होता है. इसलिए इसे वज्रासन कहते हैं. हठयोग में इस आसन का बहुत महत्व है, क्योंकि इस आसन को करने से आध्यात्मिक शक्ति का विकास होता है. 
इस आसन का अभ्यास स्त्री-पुरुष दोनों समान रूप से अधिक समय तक आसानी से कर सकते हैं. वज्रासन को भोजन करने के बाद भी किया जा सकता है.

Vajrasana

वज्रासन की विधि – Vajrasana in Hindi |

  • वज्रासन के लिए सबसे पहले चटाई पर सामान्य स्थिति में बैठ जाएं. अब अपने दाएं पैर को घुटनों से मोड़कर पीछे की ओर ले जाएं और दाएं नितंबों के नीचे लगाएं. एड़ी को शरीर से सटाकर तथा पंजे को ऊपर की ओर रखें. इसमें घुटने से पैर की उंगलियों तक का भाग फर्स से बिल्कुल सटाकर रखें.
  • फिर बाएं पैर को भी घुटनों से मोड़कर पीछे की और नितंब से लगाए. दोनों घुटने को मिलाकर रखें तथा तलवों को अलग- अलग रखें. अब दोनों हाथों को तानकर घुटनों पर रखें और अपने पूरे शरीर का भार एड़ी और पंजों पर डाल कर बैठ जाए.
  • अपने कमर, रीढ़ की हड्डी, सिर आडक को बिल्कुल सीधा व तान कर रखें. इस स्थिति में आने के बाद दृष्टि को नाक के अगले भाग पर टिका कर सामान्य रूप से सांस लें और छाती को फुलाएं. इस स्थिति में 10 से 15 मिनट तक रहें.

वज्रासन के फायदे – Benefits of Vajrasana in Hindi

Vajrasana से शरीर मजबूत होता है और आयु में वृद्धि होती है. यह आसन आंखों को की रोशनी को बढ़ाता है. इससे पंजो, घुटनों, पिंडलियों, जांघों, कमर व रीढ़ को बल मिलता है. यह अत्यधिक नींद आने की समस्या को दूर कर मन को एकाग्र करता है तथा स्मरण शक्ति को बढ़ाता है. 

Vajrasana कमर दर्द, सिया टीका एवं पीठ के दर्द को ठीक करता है. गठिया रोग से भी बचाव होता है. भोजन करने के बाद 5 मिनट तक आसन को करने से यह पाचन शक्ति मजबूत होती है तथा भोजन जल्द हजम होता है.

इस आसन का नाभि पर लाभकारी प्रभाव पड़ता है. आंतों पर दवाब पढ़ने से इनकी विकृति दूर होती है. यह पेट में गैस दर्द आदि को भी खत्म करता है. युवावस्था में इस आसन में बैठकर कंघी करने से बाल सफेद नहीं होते है. यह आसन पीलिया रोग ठीक करता है. इससे खून का बहाव ठीक रहता है, जिससे शरीर निरोग वा सुंदर बना रहता है. 

Health Expertshttps://othershealth.in
Health experts: आजकल की जीवनशैली ऐसी है की लोग विभीन्न तरह की बीमारियों से पीड़ित है और दवा लेते लेते थक चुके है। Othershealth.in के माध्यम से आप अच्छे से अच्छा घरेलू उपचार और चिकित्सा कर सकते है। हम Doctors and Experts की टीम है,जिसमे चिकित्सा विशेषज्ञ के द्वारा यह जानकारी दी गयी है की हम एक अच्छी और स्वस्थ जीवन कैसे जी सकते हैं।

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read

ज़ालिम लोशन के फायदे, उपयोग और दुष्प्रभाव – zalim lotion uses, benefits and side effect in Hindi

ज़ालिम लोशन - zalim lotion in Hindi आज हम इस आर्टिकल में ज़ालिम लोशन ( zalim lotion in hindi )...

जापानी एम कैप्सूल के फायदे, उपयोग और दुष्प्रभाव – japani m capsule uses, benefits and side effect in Hindi

जापानी एम कैप्सूल - japani m capsule in Hindi आज हम इस आर्टिकल में जापानी एम कैप्सूल ( japani...

स्टेमेटिल टैबलेट के फायदे, उपयोग और दुष्प्रभाव – stemetil md tablet uses, benefits and side effect in Hindi

स्टेमेटिल एमडी टैबलेट - stemetil md tablet in Hindi   हम इस आर्टिकल में स्टेमेटिल एमडी टैबलेट ( stemetil md tablet...

बर्नोल क्रीम के फायदे, उपयोग और दुष्प्रभाव – burnol cream uses, benefits and side effect in Hindi

बर्नोल क्रीम - burnol cream in Hindi आज हम इस आर्टिकल में बर्नोल क्रीम ( burnol cream in Hindi...

दिव्य मेदोहर वटी के फायदे, नुकसान और सेवन करने की विधि – Divya medohar vati uses, benefits and side effect in Hindi

दिव्य मेदोहर वटी - Divya medohar vati in Hindi दिव्य मेदोहर वटी Divya medohar vati uses in hindi एक...