Home Othershealth सोशल डिस्तांसिंग से अधिक कारगर मास्क | Social Distancing |

सोशल डिस्तांसिंग से अधिक कारगर मास्क | Social Distancing |

Social Distancing – कोरोना वायरस से बचाव के लिए सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया है. अब भी लोगों में मास्क पहनना को लेकर काफी कंफ्यूजन है. कोई व्यक्ति न95 पहनने की बात कर रहे हैं. कोई कपड़े का मास्क लगा रहा है. वहीं, कुछ सर्जिकल मास्क लगा रहे हैं.

हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान एम्स के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने कुछ सुझाव दिए हैं. उन्होंने तीन प्रकार के मास्क के बारे में बताया. इसमें कपड़े का 3 लेयर वाला, सर्जिकल और N95 मास्क शामिल है.

उनके मुताबिक मास्क लगाने से वायरस वायरस का प्रसार कम होगा और अब तक की यही सबसे कारगर उपाय है. यहां उनकी बातों को सवाल जवाब के रूप में समझिए, जो आपके बेहद काम की है. 

साधारण कपड़े का मास्क किसे पहनना चाहिए? 

सामान्य लोगों को साधारण कपड़े का ही मास्क पहनना चाहिए. हॉटस्पॉट एरिया या अस्पताल कर्मियों को विशेष प्रकार के मास्क की जरूरत होती है. यह जरूरी है कि महामारी में लोगों को अच्छी गुणवत्ता वाली मास्क का ही उपयोग करना चाहिए. 

मास्क पहनना क्यों जरूरी है ?

भारत में कोरोना वायरस के 80 फ़ीसदी मामले एसिंप्टोमेटिक या हल्के लक्षणों वाले हैं. ऐसे में मास्क नहीं पहनने पर अनजाने में एसिंप्टोमेटिक मरीज स्वस्थ लोगों को संक्रमित कर देंगे. ड्रॉपलेट के माध्यम से संक्रमण फैल सकता है. गौरतलब है कि जो लोग स्वास्थ्य हैं, वह मास्क पहनकर संक्रमण से अपना बचाव कर सकते हैं. मास्क लगाने से संक्रमण फैलने की आशंका कम रहेगी.

सर्जिकल मास्क किसे पहनना चाहिए?

हॉटस्पॉट एरिया या अस्पतालों में सर्जिकल मास्क पहनना जरूरी है. कंटेंटमेंट जॉन या जहां पर ज्यादा मरीज है वहां वायरस के प्रसार का खतरा ज्यादा होता है.

N95 मास्क का उपयोग कब और किसे करना चाहिए? 

सभी व्यक्ति को n95 मास्क पहनने की आवश्यकता नहीं है. जहां हवा में वायरस फैलने की ज्यादा आशंका है, वहां N95 मास्क पहनना चाहिए. आईसीयू जैसे बेहद ही संवेदनशील जगह पर ही इसका इस्तेमाल करना चाहिए. 

पार्क में जोगिंग या एक्सरसाइज के दौरान मार्क्स पहनने से सांस सांस संबंधी समस्या आ सकती है क्या 

अगर आप कॉटन का मास्क लगा रहे हैं, तो एक्सरसाइज या पार्क में जोगिंग करते समय सांस संबंधी समस्या नहीं आएगी. खुले में संक्रमण का खतरा कम है. लेकिन भीड़ भाड़ वाली जगह पर मास्क लगाना सुरक्षा के लिहाज से बेहतर होगा. यदि इन जगहों पर अकेले हैं, तो बिना मास्क लगाए भी जोगिंग या एक्सरसाइज कर सकते हैं.

अमेरिका में क्या है इस स्थिति 

भारत की तरह अमेरिका में भी सरकार ने कपड़े का मास्क पहनने का सुझाव दिया है. अमेरिकी संस्था सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन ( सीडीसी ) ने सुझाव दिया है कि सार्वजनिक स्थानों पर सामान्य लोग कपड़े का मास्क पहनकर ही निकले.

कैसे अधिक कारगर है मास्क 

कारगर दवा और वैक्सीन अब तक उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में सोशल डिस्टेंसिंग को ही सबसे बड़ा हथियार माना जा रहा है. शोध में यह बात सामने आ रही है कि संक्रमण से बचाव में सोशल डिस्टेंसिंग से ज्यादा प्रभावशाली मास्क है.

अमेरिका स्थित ‘द प्रेसिडेंट ऑफ द नेशनल एकेडमी’ के विज्ञान के शोधकर्ताओं ने इस से जुड़ा अध्ययन किया है. यह हवा में मौजूद संक्रमण से व्यक्ति का बचाव करता है. शोधकर्ताओं ने कहा है कि जब मास्क पहनना अनिवार्य किया गया, तो रोज नए संक्रमण दर में लगभग 3% की कमी देखी गई. जबकि देश के अन्य हिस्सों में संक्रमण दर में बढ़ोतरी हुई है. 

मास्क के पहनने को लेकर क्या कहता है

महामारी की शुरुआत में who का मानना था की मास्क से करोना वायरस के प्रसार को रोका नहीं जा सकता. तब कहा गया था कि स्वस्थ व्यक्ति को मास्क पहनने की आवश्यकता नहीं है. जबकि पिछले दिनों डब्ल्यूएचओ ने मास्क के उपयोग का समर्थन किया. साथ ही, इस बात पर सहमति जताई कि इससे संक्रमण के प्रसार को कम किया जा सकता है और इसे अनिवार्य किया जाना चाहिए.

मास्क के उपयोग से जुड़ी समस्याएं 

स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा मास्क का उपयोग सीमित समय के लिए करने का परामर्श दिया जाता है. इसका उपयोग हमें हमेशा नहीं करना चाहिए. अनावश्यक लंबे समय तक इसका यूज करने से स्वास्थ्य संबंधी कुछ परेशानियां आ सकती है, जैसे –  1. रक्त में ऑक्सीजन की कमी होना. 2. ब्रेन तक ऑक्सीजन की सप्लाई बाधित. 3. खुद को कमजोर महसूस करना.4. अस्थमा मरीज को सांस संबंधी परेशानी होने से मृत्यु भी हो सकती है. 

मास्क से होने वाली परेशानियों से बचने का उपाय 

नीचे बचाव के कुछ उपायों के बारे में बताया गया है जैसे, 

  1. जब आप अकेले हैं, तब मास्क का उपयोग ना करें. कई लोग कार में अकेले यात्रा करते वक्त भी मास्क पहनते रहते हैं. अधिकांश कारों में ऐसी लगी होती है. ऐसे में मास्क पहनने की जरूरत नहीं है. सही जानकारी के अभाव में ज्यादातर लोग ऐसी गलती कर रहे हैं.   
  2. घर में या बेड पर सोते वक्त मास्क ना पहने. 
  3. सिर्फ भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क का उपयोग करें. किसी व्यक्ति के नजदीकी संपर्क में आने पर ही इसका इस्तेमाल करें. 
  4. यदि आप अकेले रहते हैं, तो इसका उपयोग कम से कम करने की कोशिश करें.

क्वालिटी मास्क की कमी होगी दूर रिप्लेसेबल फिल्टर हुआ विकसित

बाजारों में तरह-तरह के मास्क आ रहे हैं, मगर अच्छी गुणवत्ता वाले मास्क कम उपलब्ध है. शोधकर्ताओं ने अब पतले लेयर वाला रिप्लेसवेल और बेहतर फिल्टर विकसित किया है, जिसे n95 मस्क में लगाया जाएगा. इस फिल्टर को जब चाहे बदला जा सकेगा.

सामान्य n95 मस्क की तुलना में इसके फिल्टर के छिद्रों की साइज छोटी होगी, जो वायरस को रोकने में सक्षम है. सऊदी अरब स्थिति में अब्दुल्ला विज्ञान और प्रौद्योगिकी विवि के अनुसार, यह फिल्टर वायरस के कणों को रोकने में सक्षम है. खासतौर पर N95 को स्वस्थ कर्मिय एक बार ही यूज करते हैं. 
यह 300 नैनोमीटर से छोटे कणों को 85 फ़ीसदी तक फिल्टर करता है. SARS-COV-2 के वायरस के पार्टिकल साइज 65 से 125 नैनोमीटर के बीच होते हैं. इसलिए कुछ वायरस के पार्टिकल्स फिल्टर के लेयर से बाहर जा सकते हैं. शोधकर्ताओं ने फिल्टर के छिद्रों के द्वारा पास होने वाली हवा कि दर को मापा है, ताकि सांस लेने में दिक्कत न हो.

पाया कि फिल्टर के छिद्र 60 एनएम से छोटे है. जो वायरस के कणों को रोकने में ज्यादा सक्षम है. ठीक से सांस लेने के लिए छिद्रों को एक दूसरे से अधिकतम 330 नैनोमीटर पर रखा जाना चाहिए.
हाइड्रोफोबिल झिल्ली खुद को भी साफ करती है, क्योंकि ड्रॉपलेट् इसमें जमा नहीं होता. फिल्टर का छिद्र वायरस या अन्य दूसरे कनो द्वारा मास्क को गिला करने से बचाता है.

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