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श्रृंग भस्म के फायदे, उपयोग और दुष्प्रभाव – shringa bhasma uses, benefits and side effect in Hindi

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3 श्रृंग भस्म के घटक द्रव्य – shringa bhasma ingredients in hindi
3.4 श्रृंग भस्म की सेवन विधि – shringa bhasma uses in hindi

श्रृंग भस्म – shringa bhasma in Hindi

दोस्तो आज हम इस आर्टिकल में श्रृंग भस्म के बारे में जानने की कोशिश करेंगे. श्रृंग भस्म के बारे में आपको विस्तार से जानकारी देने की कोशिश करेंगे हमारे एक्सपर्ट. आज हम श्रृंग भस्म के उन सभी पहलू पर बात करेंगे, जिसको लोग गूगल पर बहुत अधिक सर्च करते हैं. या उस सामग्री की पूरी जानकारी लेने की कोशिश करते हैं. Shringa bhasma के फायदे, नुकसान, सेवन विधि, तासीर और बनाने की विधि. इन सभी पर विस्तार से जानने की कोशिश करेंगे.

श्रृंग भस्म क्या है? – what is shringa bhasma in hindi

श्रृंग भस्म एक आयुर्वेदिक औषधि है. जिसका मुख्य उपयोग निमोनिया, सर्दी, जुखाम, आम दोष, बलगम वाली खांसी, इन्फ्लूएंजा, सीने के दर्द, हार्ट में होने वाले दर्द, बुखार, टीबी में होने वाला बुखार, हड्डियों से संबंधित विकार, सूखा रोग आदि बीमारियों में इसका सेवन मुख्य रूप से किया जाता है. 

श्रृंग एक संस्कृत शब्द है, जिसका मतलब होता है. हिरण की सिंघ. जैसा कि आपको नाम से समझ में आ गया होगा. इसको बनाने के लिए मुख्य रूप से हिरण के सिंघ का प्रयोग किया जाता है. इसके अलावा इसमें आक के पत्ते का भी इस्तेमाल किया जाता है. 


हम आपकी जानकारी के लिए बता दे. कि इस भस्म हो बनाने के लिए किसी भी हिरण की हत्या नहीं की जाती है. क्यूंकि हिरण की हत्या करना गैर कानूनी है. और ऐशा करने पर आप पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है. इसलिए आप ऐशा करने से बचें. 

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श्रृंग भस्म के घटक द्रव्य – shringa bhasma ingredients in hindi

  • श्रृंग भस्म को बनाने में निम्नलिखित घटक द्रव्य का इस्तेमाल किया जाता है.
  • 1. हिरण का सिंह 
  • 2. आक के पत्ते

श्रृंग भस्म के फायदे – shringa bhasma benefits in hindi

श्रृंग भस्म के फायदे बहुत से रोगों मैं होते है. इसलिए इसका सेवन बहुत से रोगों में किया जाता है. इसका सेवन किन किन बीमारियों में किया जाता है. उनका वर्णन नीचे विस्तार में किया गया है. 

1. बलगम वाली खांसी में : बलगम वाली खांसी में श्रृंग भस्म बहुत ही फायदेमंद है. इसमें मौजूद घटक बलगम वाली खांसी पर बहुत अधिक प्रभाव डालते है. जिससे बलगम मुंह के रास्ते बाहर निकल जाता है. इसका सेवन आप दिन में दो बार शहद के साथ कर सकते है. 

2. छोटे बच्चो के निमोनिया में : छोटे बच्चो में निमोनिया की समस्या आम है. ऐसे में बहुत से लोगो को पता नहीं होता किया करना चाहिए. ऐसे समय में अगर आप बच्चे को श्रृंग भस्म का सेवन करवाते है, तो यह आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित होता है.

3. फेफड़ा संबंधित रोग में : हम आपकी जानकारी के लिए बता दें. कि श्रृंग भस्म फेफड़े संबंधित रोगों मैं बहुत लाभकारी है. फेफड़े के आस पास एक झिल्ली मौजूद होती है. फेफड़े में कुछ परिवर्तन आने से इस झिल्ली में सूजन आ जाती है. जिसके कारण छाती मैं तेज़ दर्द महसूस होता है. इसके अलावा सांस लेने में भी दिक्कत आती है. ऐसे समय में 

4. तेज़ बुखार में : तेज़ बुखार का मुख्य कारण होता है. मैकोबेक्टिरम ट्यूबरक्लोसिस बैक्टीरिया. इस बैक्टीरिया के कारण शरीर में अचानक से तेज़ बुखार आ जाती है. तेज़ बुखार से बचने के लिए आप श्रृंग भस्म का सेवन कर सकते हैं. श्रृंग भस्म इस बैक्टीरिया को मार देता है. या उसे गतिहीन कर देता है. जिससे यह पूरे शरीर में फ़ैल नहीं पता हैं. 

5. छाती के दर्द में : फेफड़े के आस पास मौजूद झिल्ली में सूजन आने के कारण छाती में तेज़ दर्द होता है. जिससे अंदर से बेचैनी सा महसूस होता है. ऐसे में अगर आप श्रृंग भस्म का सेवन देसी घी के साथ करते है, तो यह बहुत लाभकारी होता है. 

श्रृंग भस्म के फायदे – shringa bhasma benefits in hindi

6. सूखा रोग में : अगर आप श्रृंग भस्म का सेवन सूखा रोग में करते हैं, तो यह बहुत लाभकारी है. इसका सेवन आप 

7. छाई रोग में : इस रोग में भी shringa bhasma बहुत फायदेमंद है. क्यूंकि इस रोग को यह जड़ से खतम करने में सहायक होता है. 

8. ह्रदय को मजबूत बनाने में : अगर आप shringa bhasma का सेवन देसी घी के साथ करते है. तो यह हिरदय के लिए बहुत फायदेमंद साबित होता है. shringa bhasma का सेवन आपको देसी घी के साथ दिन में दो बार करना चाहिए. सुबह और शाम. 

9. सूजन दूर करने में : जिसको अक्सर बदन, हाथ या पैर में सूजन रहती हो, उनको इसका सेवन करना चाहिए. इससे उनको सूजन दूर करने में बहुत मदद मिलती है. 

10. पेशाब रोग में : पेशाब संबंधी बहुत से विकारों में इसका सेवन किया जाता है. क्यूंकि यह पेशाब संबंधी  बहुत से विकारों मैं बहुत लाभकारी है. 

11. सिर के दर्द में : shringa bhasma का सेवन उन लोगो को करना चाहिए. जिनके सिर में अक्सर दर्द रहता है. उन सभी लोगों के लिए यह बहुत लाभकारी है. 

12. अनिद्रा में : अगर आप नींद की समस्या से परेशान है. या आपको रात में नींद नहीं आती है. तो आपको एक बार श्रृंग भस्म का सेवन करके देखना चाहिए. क्यूंकि बहुत से लोगों का यह मानना है, कि इसके सेवन के बाद बहुत अच्छी नींद आती है. अगर यह बात सच है, तो यह आपको फायदा अवश्य करेगा.  

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श्रृंग भस्म के नुकसान – shringa bhasma side effect in Hindi

  • 1. श्रृंग भस्म का सेवन करने से पहले डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. 
  • 2. इसका सेवन हमेशा सीमित मात्रा मे ही करना चाहिए. अधिक सेवन से आपको नुकसान भी हो सकता है. 
  • 3. अगर आपको इसमें मौजूद घटक से एलर्जी है, तो इसका सेवन करने से बचना चाहिए. 
  • 4. इसको हमेशा बच्चो की पहुंच से दूर रखना चाहिए. 
  • 5. इसका सेवन केवल बलगम वाली खांसी में ही करना चाहिए. सूखी खांसी में इसका सेवन नहीं करना चाहिए. ऐशा करने से स्तिथि और भी गंभीर ही जाती है. 

श्रृंग भस्म की सेवन विधि – shringa bhasma uses in hindi

इसका सेवन आप दिन में दो बार कर सकते है. लेकिन आपको इसकी एक बात पता होनी चाहिए. इसका सेवन किसी भी के लोग कर तो सकते है, लेकिन सभी की मात्रा अलग है.

  • शिशु एक दिन में इसका सेवन 20 से 60 मिलीग्राम तक कर सकते है.
  • बच्चे एक दिन में 50 से 125 मिलीग्राम.
  • वयस्क एक दिन में 125 से 375 मिलीग्राम.
  • वृद्धावस्था में एक दिन में 125 से 250 मिलीग्राम तक आप इसका सेवन कर सकते है. अधिक जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं.

श्रृंग भस्म बनाने की विधि – shringa bhasma making vidhi

श्रृंग भस्म को बनाने की विधि काफी आसान है, इसे कोई भी आसानी से घर पर भी बना सकता है. अगर आपको श्रृंग भस्म बनाने की विधि नहीं पता, तो आज हम आपको श्रृंग भस्म बनाने की विधि के बार में भी बताएंगे. 


1. सबसे पहले आपको हिरण के टूटे हुए सिंघ को ढूंढना है. उसके बाद आपको आक के पाते की लुगदी बना लें. याद रखे आक के पत्ते का वजन हिरण के टूटे हुए सिंघ से 4 गुणा अधिक होना चाहिए. तभी आप सही तरीके से श्रृंग भस्म बना सकते हैं. 


2. उसके बाद आपको एक सूती कपड़ा लेना है. और उस कपड़े पर आक के पत्ते से बने लुगदी को अच्छे तरीके से पूरे कपड़े पर फैला देना है. 


3. इसके बाद आपको हिरण का सिंघ कोनिस्के ऊपर अलग अलग करके रख देना है. आपको हिरण के सिंघ को कुछ इस प्रकार रखना है. कि कोई भी सिंघ एक दूसरे से जुड़ा हुआ ना हो. 

श्रृंग भस्म बनाने की विधि – shringa bhasma making vidhi


4. इसके बाद आपको आक के पत्ते की हिरण के सिंघ के ऊपर से रख देना है. इसके बाद आपको इस सूती कपड़े का एक पोटली बना लेना है. उसके बाद आपको पोटली को मिट्टी के नीचे अच्छी तरह से ढक देना है. ताकि वायु अंदर प्रवेश ना कर सके. वायु के चले जाने से यह खराब हो जाता है. 


5. उसके बाद आपको इस पोटली को कुछ दिनों के लिए वैसे ही छोड़ देना है. उसके बाद जब आप इस पोटली को बाहर निकलेंगे तो यह पूरा सूखा हुआ प्राप्त होगा. आपको इसको गजपुर करने पर सफेद रंग की भस्म प्राप्त होगी. 


नोट : आप को जो ध्यान देने वाली बात है. वो यह है, कि हिरण को मारना गैर कानूनी है. इसलिए आप हिरण को मार कर उनका सिंघ निकालने की कोशिश ना करे. ऐशा करने पर आपको सजा भी हो सकती है. 

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श्रृंगए भस्म की रासायनिक संरचना – shringa bhasma uses in hindi

श्रृंग भस्म का निर्माण करते वक्त हिरण का सिंह रासायनिक संरचना में बदल जाता है. आपके जानकारी के लिए बता दिन यह सिर्फ रासायनिक संरचना में बदलता है. हिरण के सिंह के सभी गुण वैसे ही रहते है. इसमें कोई भी बदलाव नहीं आता है. हिरण के सिंह में कैल्शियम, मैग्नीशियम, जस्ता और अमीनो और अमीनो अम्ल मौजूद होते है.

श्रृंग भस्म के औषधीय गुण – shringa bhasma uses in hindi

श्रृंग भस्म मुख्य रूप से बलगम और कफ को खतम करने का कार्य करता है. श्रृंग भस्म के और भी बहुत से औषधीय गुण है. उन सभी गुणों का वर्णन नीचे किया गया है. 

  • 1. बलगम नाशक
  • 2. कफ नाशक
  • 3. काश रोधक
  • 4. सौम्य पीड़ा निवारक
  • 5. सौम्य ज्वर नाशक
  • 6. जीवाणुरोधी
  • 7. रोगाणुरोधी

श्रृंग भस्म के चिकित्सीय उपयोग – shringa bhasma uses in hindi

श्रृंग भस्म का उपयोग बहुत से रोगों में किया जाता है. इसका उपयोग मुख्य तौर पर बलगम वाली खांसी में किया जाता हैं. इसके अलावा और भी बहुत सी बीमारियों में किया है. इसका उपयोग कोन कोन से बीमारियों में किया जाता है. इसका वर्णन नीचे किया है. 

  • 1. बलगम वाली खांसी में. 
  • 2. सूखा रोग 
  • 3. छय रोग
  • 4. सामान्य शित
  • 5. छाती में दर्द. 
  • 6. पायरिया 
  • 7. निमोनिया

श्रृंग भस्म का मूल्य – shringa bhasma price

श्रृंग भस्म के मूल्य की बात करे, तो इसके 450ग्राम शीशी की कीमत ₹130 rupay है. और यह आपको कहीं भी किसी भी दवाई दुकान पर मिल जाएगा. या फिर आप इसे किसी भी ऑनलाइन स्टोर से खरीद सकते है. आप की जानकारी के आप को बता देना चाहते हैं, श्रृंग भस्म का निर्माण कई कंपनियां करती है. जैसे – डाबर और बैद्यनाथ.

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श्रृंग भस्म के बारे में डॉक्टर से पूछे गए सवाल और उनके जवाब 

Q1. श्रृंग भस्म का सेवन कितने दिनों तक करना चाहिए? 

Ans : श्रृंग भस्म का सेवन लगातार 3 महीनों तक किया जा सकता है. इससे अधिक सेवन करने से पहले डॉक्टर से संपर्क करें. 

Q2. श्रृंग भस्म का सेवन कब करना चाहिए? 

Ans : श्रृंग भस्म का सेवन आप खाना खाने के बाद कर सकते हैं. खाना खाने से पहले इसका सेवन नहीं करना चाहिए. खाना खाने से पहले इसका सेवन करने से पेट की कुछ समस्या उत्पन्न हो सकती है. जिससे आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. 

Q3. क्या श्रृंग भस्म का सेवन शराब के साथ किया जा सकता है? 

Ans : नहीं. श्रृंग भस्म का सेवन शराब के साथ नहीं किया जा सकता है. ऐशा करने से आपके शरीर को पहुंच सकती है. जिससे आपको तकलीफ़ होगी. इसलिए इसका सेवन शराब के साथ ना करके हल्के गुनगुने पानी के साथ करना चाहिए.   

Q4. क्या श्रृंग भस्म के सेवन से मुझे इसकी लत लग सकती है? 

Ans : नही. इसके सेवन से किसी प्रकार की लत नहीं लगती है. क्यूंकि पूरी तरह से एक आयुर्वेदिक औषधि है. आयुर्वेदिक औषधि होने के कारण इसकी लत लगने की संभावना बहुत कम है. फिर भी अगर आपको ऐशा लगे, तो आप तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें. 

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Q5. क्या श्रृंग भस्म का सेवन करने के बाद ड्राइविंग किया जा सकता है? 

Ans : हां. श्रृंग भस्म का सेवन करने के बाद ड्राइविंग किया जा सकता है. क्यूंकि श्रृंग भस्म का सेवन करने से नींद या नशा नहीं आता है. 

Q6. क्या श्रृंग भस्म का सेवन बच्चे भी कर सकते है? 

Ans : हां. इसका सेवन बच्चे भी कर सकते हैं. क्यूंकि श्रृंग भस्म का सेवन बच्चो के लिए पूरी तरह से सुरक्षित है. 

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