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Covid-19 : रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए अपनाएं घरेलू उपाय | Home Remedies to Increase Immunity |

Increase Immunity – कोरोना वायरस से बचने के लिए लोग कई तरह के घरेलू नुस्खे अपना रहे हैं. पर ऐसे नुस्खे अपनाने से शरीर की दिक्कतें भी बढ़ सकती है. मसलन 1 दिन में 2 दिन 3 बार से अधिक काड़ा पीने या गरम मसालों से बनी चाय पीने से पेट से संबंधित बीमारी भी हो सकती है.
ऐसे में किसी भी घरेलू नुस्खे को अपनाने से पहले विशेषज्ञ से परामर्श भी लेना जरूरी है. इस मामले में कब क्या करना चाहिए, इसके लिए आयुर्वेद, होम्योपैथी व एलोपैथ की प्रैक्टिस करने वाले कुछ चिकित्सकों से बात की गई है. प्रस्तुत है इनसे हुई बातचीत के प्रमुख अंश. 

रोज तीन बार से अधिक काड़ा पीना सही नहीं | Home Remedies to Increase Immunity |

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम आयुष मेडिकल ऑफिसर सुमित सर ने बताया कि आयुर्वेदिक काढ़ा शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए काफी लाभदायक है. पर दिन में 3 बार से अधिक काढ़ा पीने से पेट से संबंधित समस्याएं हो सकती है. 

उन्होंने बताया कि 50 से 60 एमएल आयुष कवाथ दिन में 2 से 3 बार पिया जा सकता है. या फिर दालचीनी, तुलसी के पत्ते, सूखी अदरक, काली मिर्च को मिलाकर काढ़ा बनाया जा सकता है.

दालचीनी, अदरक के अधिक सेवन से पेट खराब हो सकता है. या शरीर में उष्णता बढ़ती जाती है. इससे त्वचा, पेट, छाती व गले में जलन हो सकती है. इसलिए दिन में दो से तीन बार काढ़ा को पिया जा सकता है.

इम्यूनिट के लिए लें गर्म पानी में नींबू का रस | Increase Immunity With lemon |

डॉ सुर बताते हैं कि आजकल लोग कोरोना से बचने के लिए गर्म या गुनगुना पानी पी रहे हैं. पर इसके कई अन्य फायदे भी है. अगर आप मोटापे से परेशान हैं और इसे कम करना चाह रहे हैं, तो रोज सुबह एक गिलास गर्म पानी आपके लिए मददगार साबित होगा.

गर्म पानी से शरीर में जमा वसा खत्म हो जाती है. नतीजन आपका वजन कम होने लगता है. रोज सुबह गर्म पानी पीने से पाचन शक्ति भी दूरस्त होती है. जो खाना अच्छे से पहचाने या डाइजेस्ट करने में मददगार होगी और पूरी सेहत को सही बनाए रखेगी.

गरम पानी ब्लड सरकुलेशन को भी ठीक करता है. इतना ही नहीं गर्म पानी पीने से पूरे शरीर में फैले विषाक्त पदार्थ बाहर निकलते हैं. इस बदलते मौसम में हेल्दी बने रहने के लिए रोज सुबह खाली पेट एक गिलास गर्म पानी में नींबू डालकर पिएं इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है.

अगर आपको कब्ज की शिकायत रहती है, तो भी गर्म पानी आपकी मदद करेगा. ऐसे में सुबह गर्म पानी पीना काफी फायदेमंद साबित हो सकता है. अगर छाती में जलन या जुकाम की शिकायत अक्सर रहती है, तो ऐसे में गर्म पानी दवा के रूप में काम करेगा. गर्म पानी पीने से आपका गला ठीक रहेगा और छाती को आराम मिलेगा.

धूप से कारोना पर असर नहीं 

नेताई चरण चक्रवर्ती होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के पैथोलॉजी विभाग के डॉक्टर बताते हैं कि सुबह की धूप शरीर के लिए काफी फायदेमंद है. ऊष्मा का मुख्य स्रोत होने के कारण सूर्य की रोशनी ठंड से पूरे शरीर को गर्माहट देती है. जिससे शरीर के भीतर की ठंडक और पित्त की कमी दूर होती है. 

सुबह की धूप में विटामिन डी मौजूद होने पर ही शरीर कैल्शियम का अवशोषण कर पाता है. पर दिन भर धूप में खड़े होने से सनबर्न हो सकता है. त्वचा की अन्य समस्याएं हो सकती है. इस मौसम में प्रोटीन की अधिक जरूरत है. हरी सब्जी, पालक, टमाटर, गाजर, अंडा, दूध आदि का सेवन करना जरूरी है. शाकाहारी लोग छेना भी खा सकते हैं. 

सही है गर्म पानी में नमक डालकर गरारे करना 

इस विषय में डॉक्टर विश्वजीत घोष आयुष मेडिकल ऑफिसर बताते हैं की करो ना काल में गले के दर्द से लोग परेशान हो जा रहे हैं. इससे निजात पाने के लिए नमक के पानी से गरारे करना काफी जरूरी है.
नमक के पानी से गरारे करना गले के दर्द या फिर खराश के लिए काफी कारगर साबित होता है. एक गिलास गर्म पानी में नमक मिलाकर पांच से छह बार गरारे करें. रात को ऐसा करने से आप चैन से सो सकते हैं. क्योंकि ऐसा करने से गले की खराश आपको परेशान नहीं करेगी. नमक के पानी से गरारे करने से गले की सूजन से राहत मिलेगी और मुंह के बैक्टीरिया खत्म होंगे.

 Immunity को बढ़ाने में कारगर है गिलोय | Giloy is effective in Increase Immunity |

डॉक्टर घोष के अनुसार शरीर की प्रतिरोधक क्षमता यानी Increase Immunity में गिलोय काफी कारगर है. यह आपको कई रोगों से लड़ने की क्षमता देता है. Corona से बचने के लिए आपके भीतर मजबूत इम्यूनिटी का होना जरूरी है.

इसलिए जरूरी है कि रोजाना आप निश्चित मात्रा में गिलोय का सेवन करें. गिलोय के जूस का नियमित सेवन करने से बुखार, फ्लू, डेंगू, मलेरिया, पेट में कीड़े होने की समस्या, रक्त में खराबी, लो ब्लड प्रेशर, हार्ट की बीमारी, टीवी पेट के रोग, डायबिटीज और त्वचा संबंधी बीमारियों से राहत मिल सकती है. गिलोय से भूख भी बढ़ती है. गिलोय के टेबलेट, रस व चूर्ण बाजार में उपलब्ध है. टेबलेट या रस को लगातार एक महीने तक लिया जा सकता है. 

किया कहते हैं एलोपैथी चिकित्सक 

कोलकाता स्कूल ऑफ ट्रॉपिकल मेडिसिन के डॉक्टर मानव कुमार घोष व इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व राज्य अध्यक्ष डॉक्टर आरबी दुबे बताते हैं कि दवा जब तक उपलब्ध ना हो जाए, तब तक बचाव ही एक मात्र इलाज है. डॉक्टर को उसके अनुसार गले में दर्द व खराश को दूर करने के लिए गर्म पानी में बेटाडिन से कुल्ला किया जा सकता है.  

डॉक्टर दुबे के अनुसार बचाव के लिए आयुर्वेदिक उपायओ को अपनाया जा सकता है. गिलोय काफी फायदेमंद है. इसके अलावा गरम पानी पी सकते हैं. बाहर से आने के बाद हल्का गर्म पानी से स्नान भी किया जा सकता है. हल्का गर्म पानी से नाक की सफाई करें. व कुल्ला जरूर करें.   

अपने हिसाब से ना करें आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट 

करवाना के संक्रमण से बचाव के लिए हर कोई अपने हिसाब से काढ़ा बनाकर सेवन कर रहा है. लेकिन खुद से आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट ना करें, क्योंकि आयुर्वेदिक औषधि में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण उचित मात्रा की है. 

अधिक मात्रा में किसी भी चीज को लेना हितकारी नहीं होता, चाहे वह भोजन ही क्यों ना हो, यह बातें नाड़ी वैद्य डीके शर्मा ने कही. उन्होंने बताया कि corona काल में रोग से बचाव के लिए सबसे अधिक जरूरी इम्यूनिटी को बढ़ाना है. 

सबसे पहले कोशिश या होनी चाहिए कि शरीर व खासकर फेफड़ों को मजबूत कैसे बनाए रखा जाए. सर्दी, खांसी या यूं कहें कि कफ के दुष्प्रभाव से बचने के लिए संतुलित आहार की आवश्यकता है. 

बिना उचित मात्रा में कड़ा अपने हिसाब से ना लें, क्योंकि सभी व्यक्ति की शारीरिक क्षमता अलग-अलग होती है. ऐसे में अधिक मात्रा हो जाने पर परेशानी हो सकती है. अगर उचित गाइडलाइन ना हो, तो ऐसे में दो गिलास पानी के लिए एक लॉन्ग, चार चुटकी हल्दी, चार चुटकी जीरा, व दो चुटकी सौंफ मिलाकर 10 से 15 मिनट तक उबालें लें और चाय के कप की साइज में चार व्यक्ति सुबह और शाम लें.

उपलब्धता के आधार पर आप इसमें गिलोय एक टुकड़े मिला सकते हैं. इसके अलावा तुलसी के चार पांच पत्ते, नीम के 4 पत्ते भी मिला सकते हैं. शारीरिक क्षमता बढ़ाने के लिए योग व व्यायाम कारगर हो सकता है. योगा या व्यायाम की जानकारी के अभाव में आप सिर्फ रस्सी कूदकर भी अपनी शारीरिक क्षमता को बढ़ाएं रख सकते हैं. 

गर्म पानी के बजाय गुनगुना पानी अधिक लाभदायक 

किसी भी ट्रीटमेंट को शुरू करने के पहले उसकी सही मात्रा और उससे होने वाले फायदे व नुकसान के बारे में जान लेना बेहद जरूरी है, क्योंकि हर चीज की अपनी तासीर होती है और हर व्यक्ति की भी अपनी एक तासीर होती है. 

ऐसे में दोनों के बीच सही संतुलन स्वास्थ्य रहने या स्वास्थ्य होने की दिशा में सबसे बड़ी जरूरत मानी जाती है. अधिक गर्म पानी पीने की बजाय गुनगुने पानी को पीना ज्यादा लाभदायक है. यह बातें वैध सुभाष शर्मा ने कही.

उन्होंने बताया कि ठंडा पानी जहां कफ वृद्धि कारक है, तो वह अधिक गर्म पानी पीना अल्सर को बढ़ावा दे सकता है. काड़ा में आयुर्वेदिक घटक की मात्रा भी बहुत सोच समझकर इस्तेमाल की जानी चाहिए, जो व्यक्ति काड़ा ले रहा है. वह किस प्रकार की जलवायु में रह रहा है. उसकी शरीर की अपनी तासीर क्या है. यह सब कुछ मसालों के सेवन और मात्रा के लिए जरूरी है. 

अगर अधिक गर्म प्रदेश हो, तो गरम पदार्थों का प्रयोग कम ही करें तो अच्छा है. शरीर में उष्णता अधिक है, तो अधिक मात्रा में गर्म मसालों का सेवन परेशानी को बढ़ा भी सकती है. मौसम्मी, संतरा, हल्के गर्म पानी में नींबू का उपयोग वात, पित्त और कफ को कंट्रोल करने में सहायक है.  
मगर याद रहे कि बाहर और शरीर के अंदर तापमान में बैलेंस होना बहुत जरूरी है. संतुलित खानपान पर ध्यान रखा जाए, तो बहुत अच्छा है. भारी भोजन लेने की बजाय स्वस्थ भोजन लेना ज्यादा लाभदायक है. सुबह 6:00 से लेकर 8:00 बजे तक ही धूप लेना अच्छा है. इसके बाद यह फायदे की बजाय नुकसान करती है.

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