Home Othershealth नई पहचान दिलाता प्लास्टिक सर्जरी | plastic surgery in Hindi |

नई पहचान दिलाता प्लास्टिक सर्जरी | plastic surgery in Hindi |

प्लास्टिक सर्जरी किया होता है | what is Plastic Surgery in Hindi |

Plastic Surgery – कुछ ऐसी भी बीमारियां या समस्या होती है, जो जीवन के लिए तो ख़तरनाक नहीं होती, लेकिन में घोर निराशा जरूर भर देती है. ऐसे ही कुछ प्रमुख समस्याएं हैं कटे होंठ व तालू, जलने या घाव के कारण आई विकृत्ती.
आज मेडिकल साइंस इतना विकसित हो चुका है कि इन समस्याओं से काफी हद तक छुटकारा पाना संभव है. इन समस्याओं से निजात दिलाने में कारगर तकनीक है प्लास्टिक सर्जरी. इसके जरिए कैसे जीवन में मुस्कान बिखेरी जा सकती है.

प्लास्टिक सर्जरी के नाम से आमतौर पर लोग समझते हैं कि प्लास्टिक के माध्यम से सर्जरी की जाएगी, मगर ऐसा कुछ नहीं है. प्लास्टिक शब्द ग्रीक वर्ड ‘ प्लास्टिको ‘ से लिया गया है, जिसका अर्थ है नया आकार देना. प्लास्टिक सर्जरी हाईटेक होती टेक्नोलॉजी में बहुत विस्तृत हो चुकी है. 
वर्तमान में इस सर्जरी से मोटापा कम करने से लेकर एक्सीडेंट में कटे अंगों को जोड़ना भी संभव हो चुका है. जन्मजात विकृतियों को दूर भी किया जा सकता है.
अभी भी अधिकांश लोग प्लास्टिक सर्जरी को सिर्फ सुंदर बनाने वाली और काफी महंगी चिकित्सा मानते हैं, लेकिन वास्तविकता यही है कि सिर्फ 0.5 फ़ीसदी लोग ही सुंदरता के लिए यह सर्जरी करवाते हैं. 

99.5% सर्जरी किसी दुर्घटना के कारण होने वाली विकृति या जलने के कारण होती है. कटे होठ और तालू ठीक करने में यह सर्जरी किसी वरदान से कम नहीं है. हमारे एक्सपर्ट दे रहे हैं इस सर्जरी से जुड़ी विशेष जानकारी.

प्लास्टिक सर्जरी को अपनाने का कारण | Indications of plastic surgery in Hindi |

वैसे तो लोग कई कारणों से प्लास्टिक सर्जरी अपनाते हैं कुछ कारण इस प्रकार है –

  1. जवां दिखना.
  2. आत्मविश्वस को बढ़ाना.
  3. अचानक से दुर्घटना में किसी अंग को नुकसान पहुंचना.
  4. जन्म जाट विकार को समाप्त करना.

प्लास्टिक सर्जरी कितने प्रकार की होती है – type of plastic surgery in Hindi

प्लास्टिक सर्जरी आमतौर पर त्वचा के टिशू के फैक्टर पर काम करती है. सर्जरी में स्क्रीन टिशु की मदद से शरीर के किसी भी अंग की स्किन को हटाकर, उस हिस्से के आकार को बदला जा सकता है. सर्जरी के कुछ समय बाद ही अंग सामान्य हो लगने लगता है. वर्तमान में सौंदर्य के प्रति लोगों के बढ़ते आकर्षण से भी प्लास्टिक सर्जरी की डिमांड बढ़ी है. सर्जरी को अनेक क्षेत्रों में बांटा गया है. कुछ प्रमुख निम्न है. 

कॉस्मेटिक सर्जरी – Cosmetic surgery in Hindi

यह सर्जरी लुक इंप्रूव करने के लिए की जाती है. आज कॉस्मेटिक सर्जरी का इस्तेमाल भारत में भी बड़े स्तर पर हो रहा है. हाई प्रोफाइल लोग ही नहीं, मध्यवर्गीय क्षेणी से जुड़े लोग भी यह सर्जरी करा रहे हैं. 
हाईटेक होती टेक्नोलॉजी के कारण यह पहले की अपेक्षा सस्ती हो चुकी है. इसके अंतर्गत टमी-टक ( निकला हुआ पेट ), फेसलिफ्ट, नाक सौंदर्यकरण, ब्रेस्ट रिडक्शन आदि किए जाते हैं.

जन्म से कटे होंठ या तालू

इस सर्जरी से जन्म से कटे होठ एवं तालु आदि सही किए जाते हैं. कटे हुए होंठ व तालू ऑपरेशन के बाद सामान्य लगने लगते हैं|

कैंसर के बाद आई विकृति 

अक्सर कैंसर के अंतिम स्टेज में या फिर इलाज के दौरान शरीर के किसी अंग में विकृति आ जाती है. इसे प्लास्टिक सर्जरी से ही ठीक किया जा सकता है.

कटे अंग जोड़ने में

यदि एक्सीडेंट के कारण शरीर का कोई अंग कट जाए, तो उसे भी प्लास्टिक सर्जरी से जोड़ा जा सकता है. मगर इसके लिए तुरंत ऑपरेशन की जरूरत होती है. यदि एक्सीडेंट के 24 घंटे के अंदर ऑपरेशन किया जाता है, तो कटे अंगों को जोड़ना पूरी तरह संभव है.

जलने के कारण आई विकृति 

प्लास्टिक सर्जरी से शरीर के जली हुई स्किन को ठीक किया जा सकता है. स्किन टिशु की मदद से जली हुई स्किन बदल दी जाती है. इस सर्जरी को कराने के चंद दिनों बाद ही शरीर का वह हिस्सा सामान्य लगने लगता है. 

प्लास्टिक सर्जरी के फायदे – benefits of plastic surgery in Hindi 

इसका सबसे अच्छा फायदा यह है कि आप हर उस अंग में बदलाव ला सकते है जिससे आपकी खूसूरती खराब दिखती हो, वैसे तो इसके और भी फायदे है, जिनका वर्णन नीचे किया गया है. जो निम्न लिखत है.

  • आत्मविश्वास को बढ़ाता है : कई बार जीवन में होने वाली दुर्घटनाएं हमें अंदर से तोड़ देती है, और यही स्थिति हमें काफी हताश करती है. व्यक्ति के इसी हताशा को दूर करने के लिए हम प्लास्टिक सर्जरी का इस्तेमाल करते है और उस व्यक्ति को हताशा से बाहर निकालने का प्रयास करते हैं और इसमें काफी हद तक सफल भी होते है.
  • चेहरे को खूबसरत बनाना : कई बार ज़िन्दगी में कुछ ऐसे दुर्घटना हो जाती है जिससे इंसान का चेहरा काफी खराब दिखने लगता है. जिससे इंसान का आत्मविश्वास खोने लगत है. व्यक्ति प्लास्टिक सर्जरी करा कर अपने चेहरे को ठीक करने के साथ-साथ अपना आत्मविश्वास भी बड़ा सकता है. 

प्लास्टिक सर्जरी के नुकसान – plastic surgery side in Hindi 

हर सर्जरी के अपने अलग-अलग साइड इफेक्ट हो सकते हैं. बहुत कम केस में ही यह साइड इफेक्ट नजर आते हैं. जैसे सही दिनचर्या नहीं अपनाना, साफ सफाई ना रखना, परहेज ना करना आदि. विभिन्न सर्जरी में कुछ कॉमन साइड इफेक्ट भी है- जैसे- इंफेक्शन, रक्त संचार में बाधा, लाल दाने होना, स्किन छिल जाना, खून आना आदि.

क्या कटे अंगों को प्लास्टिक सर्जरी से जोड़ना संभव है ?

प्लास्टिक सर्जरी की एक विशेष शाखा के अंतर्गत अंगों का रिकंस्ट्रक्शन किया जाता है. इसे माइक्रोसर्जरी कहते हैं. इससे हाथ पैर के कट जाने पर इसे फिर से जोड़ा जा सकता है. लेकिन इसके लिए कटे अंगों को सुरक्षित रख कर घायल व्यक्ति को सही समय पर हॉस्पिटल लाना जरूरी है.  
प्लास्टिक सर्जन ऑर्थोपेडिशियन की मदद से पहले हड्डियों को जोड़ते हैं. एक बार मांसपेशियां और नर्व जुड़ जाते हैं, तो अंग फिर से गुलाबी हो जाते हैं. यदि उंगली या कलाई कुछ महीने में ठीक हो जाते हैं, वहीं बंह या कंधा को ठीक होने में कई साल लग सकते हैं.

अंग के जलने पर प्लास्टिक सर्जरी कितनी उपयोगी है? 

रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी से पहले शरीर के जले हिस्से का निरीक्षण होता है. फिर डोनर के स्कीन से उस हिस्से के लिए स्किन ग्राफ्ट किया जाता है सबसे पहले इसका उपचार जॉइंट्स पर किया जाता है. वही आर्मामेंटोरियम तकनीक में टिशूज का एक्सपेंशन होता है. यह सिर की जली त्वचा को ठीक करने में काफी कारगर है.

चेहरे पर लौट सकती है मुस्कान 

क्लेफैट लिप और क्लेफैट पैलेट इस समस्या से छुटकारा पाना संभव है. क्लेफैट लीप की सर्जरी 6 से 9 महीने एवं क्लेफैट पैलेत की सर्जरी 1 वर्ष की उम्र तक होनी चाहिए. क्लेफ्ट लिप और पैलट का उपचार सर्जरी, ऑर्थोडॉन्टिक्स एवं प्रोस्थोडॉन्टिक्स के सम्मिलित प्रयोग से किया जाता है. दातों को सीधा कर ऑपरेशन से क्लेफैट लीप एवं क्लेफैट पेलेट को सफतापूर्वक जोड़ा जाता है.

प्लास्टिक सर्जरी में कितना खर्च आता है – cost of plastic surgery in Hindi

वैसे तो सर्जरी में 15 से 20 हजार का खर्च आता है. मगर ऑपरेशन स्माइल इंडिया संस्था कई जगह निशुल्क शिविर भी आयोजित करती है. पूरी जानकारी operationsmile.org.in पर मौजूद है. प्लास्टिक सर्जरी से सभी प्रकार के घाव एवं उससे उत्पन्न विकृतियां का इलाज पूरी तरह संभव है. 

मोटापा घटाने में कारगर लाइपो सेक्शन 

लाइपोसक्शन सर्जरी से शरीर के विभिन्न हिस्सों से फैट निकाला जाता है. इसमें सक्शन मशीन को केनूला के साथ जोड़ा जाता है. जिस स्थान से फैट निकालना है वहां छोटे छेद बनाए जाते हैं. फिर मांसपेशियों और स्किन के बीच से सकसन द्वारा फैट को बाहर निकाला जाता है. सर्जरी में मरीज को कोई टाका नहीं लगाया जाता है.
फैट निकालने के लिए किए गए सोच में छिद्र भी चंद दिनों में भर जाते हैं. यदि निकाले गए फैट की मात्रा कम है तो सर्जरी के तुरंत बाद घर जा सकते हैं. यदि फैट की मात्रा अधिक है तो अस्पताल में एक या 2 दिन रुकना पड़ सकता है. सर्जरी के बाद बताए गए परहेज और दैनिक दिनचर्या अपनाने चाहिए. इसका खर्च लगभग 70 से 75 हजार पर आता है.  

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