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Pashinee-mudra की विधि, लाभ और सावधानियां |

Pushinee-mudra

Pashinee Mudra

Pashinee Mudra

पाश का अर्थ होता है फंदा. और पशिनी का अर्थ हुआ फंदे में बांधने वाला. इस मुद्रा में शरीर के विभिन्न अंगों को जैसे हाथ, पैर, कमर, गर्दन आदि को बांधा जाता है इसलिए इसे pashinee mudra कहते हैं. Pashinee mudra तीन प्रकार से की जाती है. लेकिन आज हम उसके एक प्रकार के मुद्रा के बारे में वर्णन करेंगे जिसका नाम है हलासन. आज हम हलासन मुद्रा के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे.

 विधि:

पंजों के बीच लगभग आधे मीटर या 1 मीटर की दूरी रखें पैरों को घुटनों से मोड़ें और जांघों को वक्ष में इतना समीप लाए कि घुटने, कानों, कंधों, और जमीन का स्पर्श करने लगे.और भुजाओं को मजबूती से पैरों के चारों तरफ लपेट लें. इस स्थिति में पूरे शरीर को स्थिर करें और आंखों को बंद कर ले. धीरे-धीरे गहरी सांस ले. जितनी देर आराम से संभव हो इस स्थिति में रहे. किसी तरह की परेशानी होने से  धीरे-धीरे भुजाओं की पकड़ ढीली करें और हलासन में लौट आएं.

इसके बाद धीरे-धीरे पैरों को नीचे करे. थोड़ी देर गहरी सांस ले और विश्राम करें. थोड़ी देर बाद जब आराम मिले तो इस विधि को दोबारा करे. इस विधि को आप एक दिन मैं 5 से 6 बार करे. ज्यादा करने की कोशिश ना करे. इससे आपके रीढ़ की हड्डी में परेशानी आ सकती है.

लाभ:

Pashinee mudra तंत्रिका तंत्र में संतुलन बनाती है. और प्रत्याहार की स्थिति उत्पन्न करती है. यह मेरुदंड और पीठ की पेशियों में खिंचाव पैदा करती है और मेरुदंड के अंदर व उसके चारों ओर की सभी नारियों को क्रियाशील बनाती है.

यह उदर के सभी अंगो की मालिश करती है. गला, फेफड़ा, कफ, पेट, वायुदोष, पीठ, कमर, घुटने, मेरुदंड – ये सभी दोष ठीक हो जाते हैं पाशीनी  मुद्रा आंतो को सबल एवं निरोगी बनाती है.

इससे वजन कम करने में भी बहुत मदद मिलती है. यह आसन कमर की हड्डी को भी मजबूत बनाता है. इस आसन को करने से भूख में बढ़ोतरी होती हैं. इससे बहुत हद तक कमर दर्द भी दो होता है और फेफड़ा वा हिर्दय को मजबूत भी बनाता है.

सावधानी:

जो लोग किसी भी रीढ़ की हड्डी की स्थिति से पीड़ित हैं| इस मुद्रा से बचना चाहिए। क्योंकि इस आसन को करने से सबसे ज्यादा असर  रीढ़ की हड्डी में पड़ता है इसलिए अगर कोई भी बीमारी हो तो इस मुद्रा को नहीं करना चाहिए क्योंकि हो सकता है इसको करने से आपकी रीढ़ की हड्डी की बीमारी और ज्यादा हो जाए और इसको करने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें या कोई योग्य गुरु के पास जाए जिसको इस मुद्रा के बारे में अच्छी जानकारी हूं.

उम्मीद करता हूं आपको समझ में आ गया होगा कि किस तरह pashinee mudra को करना है और अगर इससे जुड़ी कोई भी सवाल हो आपके पास तो आप सीधा हमारे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके हमसे साला ले सकते हैं. हम आपके कमेंट का जवाब देने की कोशिश करेंगे।

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