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निराशा किया है, निराशा क्यों होती है और निराशा कैसे दूर करें – nirasha kaise dur kare

निराशा किया है – Have disappointed in Hindi

इस महामारी के समय मैं हम इस लेख में दुख या निराशा होने से हमारे शरीर पर क्या असर पड़ता है और कैसे ठीक किया जा सकता है इस पर हम चर्चा करेंगे. करोना काल में हमारी जिंदगी में जिस तरह बदलाव हुए हैं, उससे निराश होना एक स्वाभाविक स्थिति है. लेकिन अब हम कैसे इससे बाहर निकले, उस पर गौर करना चाहिए.

आखिर यह निराशाजनक स्थिति होती क्या है इसे जाने, पहचाने और कैसे ठीक करें. अपने अक्सर लोगों को यह कहते सुना हुआ कि आज मूड नहीं है. या आज मूड खराब है लेकिन यह मूड होता क्या है?

जब किसी व्यक्ति के व्यवहार में कोई परिवर्तन आता है, तो उसे मूड या मनोदशा कहते हैं और जब इन मनोभावों या मनोदशा में किसी प्रकार का विकार आ जाता है तो उसे निराशाजनक स्थिति कहते हैं. इस प्रकार से कह सकते हैं कि निराशा इंसान के मनोभाव या मनोदशा का एक प्रकार का विकार होता है.

क्यों होती है निराशा – Why disappoint in Hindi

1. जब दिमाग के कुछ निश्चित केमिकल जैसे सेरातिन नोर एपाइनफ्रिन और डोपामिन का संतुलन बिगड़ जाए.

2. कुछ बीमारियां जैसे टाइफाइड, इन्फ्लूएंजा आदि बीमारियां मूड को बदल देती है.

3. आनुवंशिक कारण भी होते हैं. अक्सर माता-पिता के नर्वस सिस्टम के असंतुलन होने के कारण बच्चा भी मोडी हो जाता है. मां मैं हताशा या निराशा के भाव होने पर उसका असर बच्चों पर भी होता है.

4. कुछ केमिकल ड्रग्स भी शरीर में असंतुलन पैदा करते हैं.

5. हारमोंस की गड़बड़ी भी मूड चेंज होने का एक कारण है. एड्रिनल तथा दूसरे ग्लांड्स से स्त्रावित होने वाले हारमोंस की गड़बड़ी के कारण एक अच्छा भला इंसान मुडी हो जाता है.

इसके अलावा भी निराश रहने के कई कारण है जैसे- आर्थिक समस्या, नौकरी या पढ़ाई से संबंधित समस्या, पारिवारिक समस्या, रिलेशनशिप में समस्या, सेक्सुअल प्रॉब्लम और शारीरिक कमजोरी आदि.  

निराशा से किया किया समस्या उत्पन्न होती हैं

याददाश्त में परिवर्तन की समस्या 

1. एकाग्रता में व्यवधान उत्पन्न होता है और आसानी से ध्यान भंग हो जाता है.

2. सूचनाएं याद नहीं रख पाना.

3. सूचनाओं पर धीमी रफ्तार से सोचना या दुविधा में रहना.

4. समस्याओं से निपटने के लिए काफी मेहनत करना.

5. अमूर्त रूप से नहीं सोच पाना.

अनुभूति के साथ समस्या 

1. अयोग्य, निराश और असहाय होने का अनुभव होना. 

2. छोटी-छोटी बातों पर अपराधबोध महसूस करना. 

3. मृत्यु या आत्महत्या का ख्याल आना. 

लोगों से मिलने जुलने में समस्या 

1. कुछ ही नजदीकी दोस्त होना.

2. सामाजिक स्थितियों में चिंतित तथा भयभीत रहना.

3. मौखिक या शारीरिक रूप से उग्र व्यवहार प्रदर्शित करना

4. उग्र संबंध होना, पूजा-अर्चना का अति आलोचक होना.

5. किसी के साथ वक्त बिताना कठिन अनुभव करना. 

6. अन्य लोगों को समझन न पाना.

7. असामान्य संदेह पैदा होना.

आदतों के साथ समस्या पैदा होना 

कुछ ऐसी आदत जो अत्यधिक और नियंत्रण योग्य होता था उसे दैनिक क्रियाकलापों में व्यवधान पहुंचता है जैसे- 

1. ड्रग्स या शराब की आदत लगना.

2. आग लगाने की इच्छा करना. 

3. जुआ खेलना. 

4. आनियांत्रित शॉपिंग करना.

निराशा दूर कैसे करे – nirasha kaise dur kare

1. नशा करने से बचें. 

2. पर्याप्त नींद लें. 

3. हमेशा खुश रहने की कोशिश करें. 

4. योग और व्यायाम करें

5. परिवार के साथ समय बिताएं. 

6. काम के समय अपने काम में व्यस्त रहें. 

7. ईश्वर से प्रार्थना करें. 

8. सोचना कम कर दे. 

9. गलत आदतों से बचे. 

10. खुद की सोच बदलें. 

निराशा दूर करने का होमियोपैथीक दवाइयां 

आर्स अल्ब ( ARS-ALB ) : मरने का डर, मरीज सोचता है कि दवा खाना बेकार है. अकेले रहने से डर लगता है, भूत प्रेत देखने की बातें करें या आत्महत्या करने की प्रबल इच्छा हो, तो या दवा उपयोगी होता है. 

ऑरम मेट ( AUR-MET ) : जिंदगी से निराशा, आत्महत्या करने की बार-बार कोशिश करें या आत्महत्या के विचार अक्सर मन में आए, नींद ना आए, लड़ाई झगड़े के सपने बार-बार देखें और नींद में रोए तो यह दवा उपयोगी होती है. 

एसिड फॉस : व्यक्ति प्रेम में असफलता के कारण निराशाजनक, किसी भी चीज में कोई रुचि ना रहना, मानसिक रूप से थका हुआ, हमेशा चिंतित सा रहता है, तो यह दवा उपयोगी होता है.

नेट मयूर : लड़ाई झगड़े या गुस्से के दुष्प्रभाव के कारण निराशाजनक, अकेले में मरीज रोना चाहता है, चिड़चिड़ा हो जाता है, आर्थिक कारण की वजह से निराशाजनक या फिर कुछ क्रॉनिक बीमारियों के कारण हो, तो यह दवा उपयोगी होती है. 

नक्स वोमिका : अत्याधिक चिड़चिड़ापन, पढ़ाई या नौकरी के कारण चिड़चिड़ापन. रात को 3:00 बजे के बाद सो ना सकने वाला, नर्वसनेस के साथ-साथ कब्ज की भी शिकायत रहे और रोगी को किसी भी प्रकार की आवाज, गंध या रोशनी सहन नहीं होती हो, तो यह दवा उपयोगी होती है.

स्टेफिसेगिर्या : किसी के द्वारा अपमान किए जाने को मन में रख लेने के कारण तनाव या निराशाजनक हो, लोग उसके बारे में क्या सोचते हैं यही सोच सोच कर निराशाजनक हो रहा हो, तो यह दवा उपयोगी होता है.

आर्ज नेट : मानसिक और शारीरिक रूप से खुद पर काबू ना रह पाए, हमेशा डरा हुआ और नर्वस रहे, डरावने सपने दिखे खास करके सांप के, एग्जाम देने में डर लगे, आत्मविश्वास की कमी हो और अपने आप आसपास तरह-तरह की वस्तुओं का आभास हो, यह दवा उपयोगी होती है.

होम्योपैथी में रोग के कारण को दूर करके रोगी को ठीक किया जाता है. प्रत्येक रोगी की दवा उसकी शारीरिक और मानसिक अवस्था के अनुसार अलग-अलग होती है. अतः बिना चिकित्सीय परामर्श यहां दी हुई किसी भी दवा का उपयोग ना करें. 

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