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कनकासव सिरप के फायदे, उपयोग और दुष्प्रभाव – Kanakasava Syrup uses, benefits and side effect in Hindi

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2 कनकासव सिरप क्या है? – what is Kanakasava Syrup in Hindi

कनकासव सिरप – Kanakasava Syrup in hindi

दोस्तो आज हम इस आर्टिकल में कनकासव सिरप ( Kanakasava Syrup ) के बारे में जानने की कोशिश करेंगे. कनकासव सिरप जेल के बारे में आपको विस्तार से जानकारी देने की कोशिश करेंगे हमारे एक्सपर्ट. आज हम कनकासव सिरप के उन सभी पहलू पर बात करेंगे, जिसको लोग गूगल पर बहुत अधिक मात्रा में सर्च करते हैं.

उस सामग्री की पूरी जानकारी लेने की कोशिश करते हैं. हिमालया कनकासव सिरप ( Kanakasava Syrup ) के फायदे, नुकसान, सेवन विधि, तासीर और बनाने की विधि. इन सभी पर विस्तार से जानने की कोशिश करेंगे. बहुत से लोग इसके बारे में जानते तो है लेकिन उन्हें यह पता नहीं होता है कि ये कैसे काम करता है. 

कनकासव सिरप क्या है? – what is Kanakasava Syrup in Hindi

Kanakasava Syrup एक आयुर्वेदिक औषधि है. जिसका उपयोग अनेक प्रकार के रोग में किया जाता है. श्वास रोगों एवं कफ जनित रोगों जैसे अस्थमा एवं क्षय रोग में इसका सेवन मुख्य रूप से किया जाता है. 

अगर इसके नाम की बात करे, तो इसका नाम 2 सब्दो से मिलकर बना है. कनक एवं आसाव. कनक संस्कृत में धतूरे को कहा जाता है. इस औषधि में मुख्य रूप से कनक का प्रयोग किया जाता है. कनकासव कफ जनित रोगों जैसे खांसी, दमा, सांस लेने में दिक्कत होना एवं टीवी जैसी समस्याओं में बहुत ज्यादा फायदेमंद होती है. 

कनकासव सिरप के घटक द्रव्य – Kanakasava Syrup ingredients in hindi 

Kanakasava Syrup में निम्न घटक द्रव्य का इस्तेमाल किया जाता है. 

  • कनक धतूरा – 192 ग्राम
  • मुलेठी – 96 ग्राम
  • पिप्पली – 96 ग्राम
  • वासा – 96 ग्राम
  • कंटकारी – 96 ग्राम
  • नागकेशर – 96 ग्राम
  • भारंगी – 96 ग्राम
  • सोंठ – 96 ग्राम
  • तालिसपत्र – 96 ग्राम
  • धातकी पुष्प – 768 ग्राम
  • मुन्नका – 960 ग्राम
  • शहद – 2.400 किलोग्राम
  • शक्कर – 4.800 किलोग्राम
  • जल – 24.576 किलोग्राम

कनकासव सिरप बनाने की विधि – Kanakasava Syrup making vidhi in Hindi

Kanakasava Syrup को बनाने की विधि काफी आसान है, इसे कोई भी आसानी से घर पर भी बना सकता है.अगर आपको कनकासव सिरप बनाने की विधि नहीं पता, तो आज हम आपको कनकासव सिरप बनाने की विधि के बार में भी बताएंगे. 

इसको बनाने के लिए सबसे पहले आपको एक बहुत ही बड़े मिट्टी के पात्र की जरूरत पड़ेगी. जब आपको मिट्टी का पात्र मिल जाए, तो आप उसमे ऊपर जितना पानी की मात्रा बताई गई है. इसमें डाल दें. उसके बाद उसमे चीनी और शहद भी मिला दें. उसके बाद आपको इस मिश्रण को अच्छी तरह से मिला लें. 

ये सब करने के बाद आपको ऊपर दी गई जड़ी बूटियों को उसी मात्रा में छोटा छोटा कूट लें. उसके बाद इस मिश्रण में डाल दें. जब सारा काम हो जाए. तो इसे आप अच्छी तरह से ढांक दें. ताकि हवा परवेश ना कर सके. उसके बाद आपको इसे किसी सुरक्षित स्थान पर 30 दिनों के लिए रख दें. उसके बाद आप 30 दिनों के बाद इसे किसी बोतल छान कर रख दें. इसे ही कनकासव सिरप कहते है. 

कनकासव सिरप के फायदे – Kanakasava Syrup benefits in hindi

Kanakasava Syrup के फायदे किया किया है. आपको नीचे विस्तार पूर्वक बताने की कोशिश करेंगे. जिससे आपको ये समझ में आ सके की किस समस्या में इसका सेवन करना चाहिए. 

1. जैसा कि आप सभी जानते है, कि कनकासव सिरप की तासीर गर्म होती है. जिससे वजह से इसका सेवन कई प्रकार के रोग में किया जाता है. उन्ही में से एक है खांसी की समस्या. इसका सेवन करने से आप इस समस्या से छुटकारा पा सकते है. क्यूंकि यह कफ को पतला कर निकालने में काफी सहायक होता है. 

2. कनकासव सिरप का सेवन फेफड़ों से जुड़ी समस्या में भी किया जाता है. फेफड़ों से जुड़ी कई समस्याओं में इसका सेवन करने से काफी लाभ मिलता है. क्यूंकि यह फेफड़ों में नई ऊर्जा का संचार करने में काफी सहायक होता है. 

3. कनकासव सिरप का सेवन मुख्य रूप से अस्थमा से जुड़ी समस्या में किया जाता है. कनकासव सिरप का सेवन अस्थमा से जुड़ी समस्या में काफी राहत मिलता है. 

4. टीबी से जुड़ी समस्या में भी आप इसका सेवन कर सकते है. इसमें भी आपको कनकासव सिरप का सेवन करने से काफी लाभ मिलता है. 

5. अगर आप पाचन तंत्र से जुड़ी समस्या से परेशान है, तो आपको इसका सेवन अवश्य करना चाहिए. इससे आपको काफी लाभ मिलता है. 

कनकासव सिरप के नुकसान – Kanakasava Syrup side effect in Hindi

Kanakasava Syrup का सेवन करने से किया किया नुकसान हो सकता है. इसके बारे में हम आपको नीचे विस्तार में बताने की कोशिश करेंगे. इससे होने वाले नुकसान के बारे में जान लेना बेहद जरूरी है. जिससे इससे होने वाले नुकसान को कम किया जा सके.

1. कनकासव सिरप का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए. अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से इसकी लत भी लग सकती है. इसके अलावा और भी कई समस्या उत्पन्न है सकती है. सिर दर्द, जी मिचलाना, उल्टी एवं बेचैनी जैसी अन्य कई समस्या उत्पन्न हो सकती है. इसका अधिक मात्रा में सेवन करने से पेट में जलन कि समस्या भी उत्पन्न हो सकती है.

2. कनकासव सिरप का सेवन स्तनपान कराने वाली और गर्भवती को करने से बचना चाहिए. क्यूंकि इसको बनाने में कुछ नशीली पद्र्थो का इस्तेमाल किया जाता है. जिससे इन महिलाओं को काफी नुकसान हो सकता है. 

3. जिन लोगो को पित्त की समस्या है. उन्हे इसका सेवन करने से बचना चाहिए. क्यूंकि उनके पित की समस्या बड़ सकती है. आप आपने डॉक्टर से संपर्क करने के बाद इसका सेवन कर सकते है. 

4. बच्चो को इसका सेवन करने से बचना चाहिए. क्यूंकि इसके अधिक इसकी लत भी लग सकती है. इसलिए इसका सेवन हमेशा डॉक्टर की देखरेख में करना चाहिए. 

कनकासव सिरप की सेवन विधि – Kanakasava Syrup Sevan vidhi in hindi

Kanakasava Syrup का सेवन वयस्क और बच्चे को अलग अलग मात्रा में करना चाहिए. बच्चे एक दिन में 6 से 12 मिलीमीटर तक सेवन कर सकता है. वयस्क एक दिन में 12 से 24 मिलीमीटर तक इस सिरप का सेवन कर सकते है. इसका सेवन आप एक दिन में 2 बार कर सकते है. इसका सेवन आपको खाना खाने के बाद करना चाहिए. इसका सेवन आपको हल्के गुनगुने पानी के साथ करना चाहिए. 

कनकासव सिरप के चिकित्सीय उपयोग – Kanakasava Syrup uses in hindi 

Kanakasava Syrup का उपयोग कई प्रकार के रोगों में किया जाता है. 

  • 1. सांस की समस्या 
  • 2. टीवी 
  • 3. रक्तपित्त 
  • 4. क्रॉनिक फीवर 
  • 5. अस्थमा 
  • 6. सीने में कफ जमना
  • 7. खांसी 

कनकासव सिरप का मूल्य – Kanakasava Syrup price

Kanakasava Syrup के एक शीशी का मूल्य ₹ है. जिसे आप किसी भी ऑनलाइन स्टोर से खरीदे सकते है. आप इसे किसी भी दवाई या हकीम की दुकान से भी खरीद सकते है. इसमें सिरप की मात्रा में 450 ग्राम होते है. इसका निर्माण कई कंपनियां द्वारा किया जाता है. इसका निर्माण करने वाली मुख्य कंपनियों के नाम पतंजलि, डाबर, बैद्यनाथ, हिमालया आदि. 

कनकासव सिरप के बारे में डॉक्टर से पूछे गए सवाल और उनके जवाब 

Q1. कनकासव सिरप का सेवन कितने दिनों तक करना चाहिए? 

Ans : कनकासव सिरप का सेवन आपको 4 से 6 हफ्तों तक करना चाहिए. इससे अधिक इसका सेवन करने के लिए आपको पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए. अगर इजाजत दे तभी आप इसका सेवन करे. अन्यथा कनकासव सिरप का सेवन करने से बचें. 

Q2. कनकासव सिरप का सेवन कब करना चाहिए? 

Ans : कनकासव सिरप का सेवन आप खाना खाने के बाद दूध या हल्के गुनगुने पानी के साथ कर सकते है. इसका सेवन आपको एक दिन में 2 बार करना चाहिए. 

Q3. क्या कनकासव सिरप के सेवन से मुझे इसकी लत लग सकती है?

Ans : नहीं. कनकासव सिरप का सेवन करने से लत लगने की समस्या उत्पन्न नहीं होती है, क्यूंकि इसको बनाने में किसी तरह के हानिकारक तत्व का उपयोग नहीं किया जाता हैं. 

Q4. क्या कनकासव सिरप सेवन शराब के साथ किया जा सकता है?

Ans : नहीं. कनकासव सिरप का सेवन शराब के साथ नहीं किया जा सकता है. इससे रोगी को अन्य काई प्रकार की समस्या उत्पन्न हो सकती है. इसलिए इसका सेवन शराब के साथ करने से बचना चाहिए. 

Q5. क्या कनकासव सिरप के सेवन के बाद ड्राइविंग किया जा सकता है?

Ans : हां. आप कनकासव सिरप का सेवन करने के बाद ड्राइविंग कर सकते है. इससे उन्हें किसी तरह का नुकसान नहीं होता है. 

Q6. क्या कनकासव सिरप का सेवन बच्चो के लिए सुरक्षित है?

Ans : हां. कनकासव सिरप का सेवन बच्चो को कराने से पहले किसी विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लेना चाहिए. इससे बच्चे को होने वाली नुकसान से बचाया जा सकता है. 

Q7. क्या कनकासव सिरप का सेवन महिलाएं कर सकती है?

 Ans : हां. कनकासव सिरप का सेवन महिलाएं कर सकती है. लेकिन इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए. उसके बाद ही इसका सेवन करना चाहिए. अइशा ना करने से उन्हे कुछ नुकसान भी हो सकता है. 

Q8. क्या कनकासव सिरप का सेवन गुनगुने पानी के साथ किया जा सकता है? 

Ans : कनकासव सिरप का सेवन हल्के गुनगुने पानी के साथ किया जा सकता है. पानी के साथ इसका सेवन करने किसी तेज़ का हानिकारक प्रभाव नहीं पड़ता है. यह पूरी तरह सुरक्षित है. 

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