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लक्षणों से जाने अपनी इम्यूनिटी स्ट्रैंथ | Immunity Strength in Hindi |

Immunity Strength – इस महामारी में लोग अपनी इम्यूनिट को लेकर चिंतित है. इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए कई नुस्खे अपनाए जा रहे हैं. सही भोजन और सप्लीमेंट के द्वारा इसे बढ़ाया जा सकता है. यदि हमारी इम्यूनिट मजबूत रहेगा, तो इससे कई प्रकार की बीमारियों का जोखिम कम हो जाता है.

शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होने पर सर्दी, खांसी, हेपेटाइटिस, लंग इन्फेक्शन, किडनी इन्फेक्शन सहित कई बीमारियों से बचाव होता है. कई बार अनजाने में भोजन, पानी या सांस के साथ पैथोजोन ( रोगजनक कीटाणु या वायरस ) शरीर के अंदर प्रवेश कर जाते हैं. इससे हर कोई बीमार नहीं पड़ता. जिन की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है उनका शरीर बाहरी संक्रमण से लड़कर शरीर को सुरक्षा कवच प्रदान करता है.

रिकवरी रेट बढ़ने की वजह है मजबूत Immunity Strength

भारत में 80 फ़ीसदी मरीज esimtomatic या हल्के लक्षण वाले हैं. ऐसे मरीज मजबूत इम्यूनिटी के कारण बिना उपचार के ही स्वस्थ हो रहे हैं. इस प्रकार के मरीजों को सिर्फ विटामिंस की कुछ दवाइयां दी जाती है. इसलिए सरकार ने दिशा-निर्देश जारी कर ऐसे मरीजों को होम क्वॉरेंटाइन में रखकर उपचार करने का निर्देश दिया है. कई स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में रिकवरी रेट बढ़ने के पीछे बड़ी वजह उनकी Immunity Strength है.

कुछ लक्षणों में छिपा है Immunity Strength का राज 

हमारी इम्यूनिट कैसी है, इसका पता हम ब्लड रिपोर्ट में लगा सकते हैं. लेकिन शरीर में कई तरह के लक्षण भी इसका इस स्ट्रेंथ बता देते हैं. आइए जानते हैं ऐसे कुछ लक्षणों के बारे में. 

  • अक्सर बीमार होना : कुछ लोग मौसम बदलते ही बीमार हो जाते हैं. बार-बार जुकाम, खांसी, गला खराब होना आपकी कमजोर इम्यूनिट का कारण हो सकता है. डायरिया, मसूड़ों में सूजन, मुंह में छाले इत्यादि हो, तो समझे कि आपकी इम्यूनिट ही कमजोर हो गई है.  
  • बुखार ना आना : जब शरीर को बुखार आना चाहिए, फिर भी ना आए इसका मतलब है कि इम्यूनिट कमजोर है. बुखार होने से शरीर बीमारियों से लड़ता है. जिसमें ज्यादातर लोग बुखार की दवा खा लेते हैं. इससे बुखार हमारे लिए पॉजिटिव तरीके से काम नहीं कर पाता. यदि संक्रमण से ठीक होने की कई सालों बाद भी आप को बुखार ना आए, तो यह कमजोर इम्यूनिट लक्षण है.  
  • ब्लड में विटामिन डी की कमी : ब्लड मैं विटामिन डी इम्यूनिटी को बढ़ाने में सहायक है. अधिकांश लोगों में इसकी कमी होती है. यदि ब्लड में विटामिन डी की कमी पाई गई, तो इसका स्तर संतुलित करने की जरूरत है. थकान, आलस, घाव जो लंबे वक्त तक ठीक ना हो, नींद ना आना और डिप्रेशन आदि कमजोर इम्यूनिटी के लक्षण है. इसकी कमी को पूरा करने के लिए सूर्य की रोशनी शरीर पर पड़ने दें.    

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