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hydroxy chloroquine tablet uses in Hindi – अभी कई सवालों के जवाब बाकी hydroxychloroquine पर लगी है उम्मीदें – othershealth

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Hydroxychloroquin

hydroxy chloroquine इस्तेमाल करने का तरीका ( hydroxychloroquine tablet uses in Hindi )

कोरोना महामारी से गिरी दुनिया अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा बहु प्रचारित hydroxy chloroquine से संभावित इलाज पर नजर टिकाए हुए हैं. बीते कई दशकों से इसे मलेरिया रोधी दवा का स्वप्रतिरक्षी विकारों के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है.

फ्रांस और चीनी डॉक्टरों द्वारा शुरुआती परीक्षण के तौर पर इसका इस्तेमाल किया गया, जिससे इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई है. हालांकि विशेषगो ने समय पूर्व उतावलेपन को लेकर भी आगाह किया है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले विधिवत और व्यापक परीक्षण की बात दोहराई है.

किया है hydroxychloroquine, कारोना के खिलाफ कितनी असरकारक और संभावित इलाज की जानकारी के साथ प्रस्तुत है आज का ये आर्टिकल…

अमेरिका कोराेना महामारी के संक्रमण का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है, जहां लाखों लोग संक्रमित हो चुके हैं और मरने वालों का आंकड़ा हजारों को भी पार कर चुका है. दुनिया की सबसे उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का दावा करने वाला अमेरिका इस महामारी के सामने लाचार नजर आ रहा है.

अमेरिका के राष्ट्रपति हर संभव कोशिश कर रहे हैं और लगातार कुछ दवाओं का जिक्र करते हुए इस बीमारी के इलाज का दावा भी कर रहे हैं. बीते महीने बकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन्होंने को covid-19 के इलाज में मलेरिया रोधी दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वाइन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की बात कही थी, उन्होंने जोर देकर कहा कि मैं आश्वस्त हूं, इस दवा को जरूर आजमाना चाहिए.

कितना सही है ट्रंप का दावा

बीते दिनों डोलांड ट्रंप ने ट्वीट करते हुए दावा किया कि एंटीबायोटिक अजित्रोमायसिन के साथ ड्रग का इस्तेमाल मेडिसिन की इतिहास में एक बड़ा गेमचेंजर साबित हो सकता है. पिछले हफ्ते ट्रंप ने हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वाइन के बारे में कहा था कि कोविड-19 की चिकित्सा में इससे सबसे मजबूत संकेत पर उभरे हैं.

हालांकि ट्रंप के दावों को सार्वजनिक स्वास्थ्य के विशेषक ने कई बार दरकिनार किया है, यहां तक कि शीर्ष संक्रामक रोग सलाहकार डॉ एंथनी फॉसी ने भी चेताया है कि इस दवाई के असर को लेकर अभी कोई खास अस्पष्टता नहीं है कोरोनावायरस के इस संकट की घड़ी में भी ट्रंप लगातार गलत बयान दिए और गैर जिम्मेदाराना रवैया दिखाया है. वे कहते रहे हैं कि वे योग्य है और जो कह रहे हैं, वही सही है.

आपात इस्तेमाल के लिए मंजूरी

कुछ हफ्ते पहले फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने कॉरोना मरीजों के इलाज की विशेष परिस्थितियों में hydroxychloroquine के अपात उपयोग के लिए अधिकृत किया था. न्यूयॉर्क के आधिकारिक बयान के मुताबिक गंभीर रूप से संक्रमित 4000 मरीजों का इलाज इस दवा से किया जा रहा है.

किया है hydroxychloroquine ( what is hydroxychloroquine in Hindi )

मलेरिया के उपचार में इस्तेमाल के लिए है 1950 के दशक में इसकी अनुमति मिली थी. तब से यह दवा लुपस, रूमेटाइड अर्थराइटिस समेत अनेक बीमारी के उपचार में प्रयोग की जा चुकी है. यह दवा chloroquine इनके से कम विषाक्त मानी जाती है.

कैसे काम करती है यह दवा ( how work hydroxy chloroquine in Hindi )

Hydroxy chloroquine शरीर की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को निष्क्रिय करते हुए अनविक स्तर पर कोशिकाओं की महत्वपूर्ण प्रक्रिया को बाधित करती है. क्योंकि, हमारी प्राकृतिक प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया सूजन और अन्य सामान्य रोगों जैसे दर्द, बुखार आदि के लिए जिम्मेदार होती है,

इसलिए यह प्रतिरक्षा विरोधी प्रक्रिया रूमेटाइड अर्थराइटिस जैसी बीमारियों को कम करने का काम करती है. मलेरिया में यह दवा कैसे काम करती है इस बारे में अभी तक बहुत कुछ पता नहीं चल पाया है.

Hydroxy chloroquine के दुष्प्रभाव ( Hydroxy chloroquine side effects in Hindi )

इस दवा के अनेक दुष्प्रभाव है जैसे सिर दर्द, भूख ना लगना, मचली आना, उल्टी आना, त्वचा पर लाल चकत्ते आदि. इस दवा से आंखों की रोशनी भी जा सकती हैं, क्योंकि यह रेटीना को प्रभावित करता है.

आईसीएमआर की सूचना ( icmr information in Hindi )

पिछले महीने भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद द्वारा गठित एक टास्क फोर्स ने उच्च जोखिम वाली आबादी के लिए hydroxychloroquine के इस्तेमाल की सिफारिश की थी. इस दवा को केवल पुष्टि या संदिग्ध covid-19 मरीजों के सीधे संपर्क में आने वाले और उनका उपचार करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को देने की ही सलाह दी गई थी.

Hydroxy chloroquine के फायदे ( Hydroxy  chloroquine benefits in Hindi )

पहली बार क्लोरोक्वाइन को 1940 के दशक में विकसित किया गया था, लेकिन 1949 में एफडीए ने मलेरिया के उपचार में इसकी अनुमति दी. दिसंबर 2019 में चीन में करोना वायरस महामारी के बाद वैज्ञानिकों ने संभावना जताई कि chloroquine or hydroxychloroquine covid-19 के उपचार में प्रभावी हो सकते हैं.

यह संभावना वायरोलॉजी जनरल में प्रकाशित 2005 की रिपोर्ट की समीक्षा के बाद जताई गई. कहा गया कि क्लोरोक्वीन सोर्स सीआईवी वायरस के द्वीगणित होने की क्षमता को प्रभावित करता है. यह दवा कोशिका झिल्ली के भीतर एंडोसोम, जो थोड़े अम्लीय होते हैं, में प्रवेश करती है.

उसके बाद दवा की रासायनिक संरचना के कारण एंडोसॉम का पीएच बढ़ जाता है, जो वायरस के प्रसार को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. असल में सोर्स सीओवी सहित कई वायरस कोशिका झिल्ली को तोड़ने के क्रम में एंडोसोम को अमलकृत कर देते हैं और अपने अनुवांशिक गुणों के साथ खुद को भी द्वीगणित करना शुरू कर देते हैं.

क्लोरोक्वीन वायरस के इसी महत्वपूर्ण कदम पर रोक लगा देती है. क्लोरोक्वीन की पर्याप्त खुराक वायरस के द्वीगणित करने की प्रक्रिया को रोकने के साथ ही संक्रमित करने की प्रक्रिया को भी कमजोर करती है.

अब तक मिली कितनी कामयाबी

फ्रेंच अध्ययन के अलावा चीनी शोधकर्ताओं ने भी सुझाया है कि hydroxychloroquine covid-19 के वायरस सोर्स cov 2 के संक्रमण को धीमा कर सकता है. यह शरीर में कोशिकाओं में प्रवेश को रोक सकता है. चीन के ही अन्य अध्ययन में यह बताया गया कि जिन मरीजों का इलाज इस दवा से किया गया और जिनका इलाज इससे नहीं किया गया दोनों के स्वास्थ्य सुधार में कोई स्पष्ट अंतर नहीं दिखता.
साथ ही यह बताया गया कि एक मरीज की हालत और खराब हो गई एवं चार अन्य मरीजों में लीवर खराब होने और डायरिया होने के लक्षण भी दिखे. उपयुक्त परिणामों के बावजूद जब तक किसी दवा पूर्ण चिकित्सकीय परीक्षण नहीं कर लिया जाता, परिभाषा के मुताबिक यह आप्रमाणित ही है.
हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के फायदे हो सकते हैं या नहीं, इसे का पाना अभी किसी के लिए भी आसान नहीं है. यूरोपियन मेडिसन एजेंसी ने भी कहा है कि क्लीनिकल ट्रायल या अपात इस्तेमाल कार्यक्रमों को छोड़कर हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन कॉरॉना वायरस मरीज को नहीं दी जा सकती हैं.

क्लोरोक्वीन के प्रभाव को लेकर जारी है व्यापक रिसर्च

फरवरी में चीनी विज्ञान अकैडमी के शोधकर्ताओं के एक समूह ने इस दवा का परीक्षण किया और पाया कि क्लोरोक्वाइन ने कल्चर की हुई मानव कोशिका में सोर्स cov-2 के प्रसार को सफलतापूर्वक दिया.
अखबार में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार चीन, दक्षिण कोरिया और फ्रांस की आरंभिक रिपोर्ट से पता चलता है कि मनुष्य मैं क्लोरो क्वीन के जरिए रोना बारिश के संक्रमण का उपचार कुछ हद तक असरकारक है और अमेरिका के कुछ अस्पतालों ने इस दवा को देना भी शुरू कर दिया है.
इतना ही नहीं, एफडीए तो दवा के प्रभाव को जानने के लिए एक बड़ा परीक्षण का आयोजन भी कर रहा है. हालांकि, चीन में क्लोरोक्वीन की कम आपूर्ति और दवा के ओवरडोज के कारण लोगों में विषाक्तता फैलने या उनकी मृत्यु होने के कारण.
यहां के शोधकर्ताओं ने इससे मिलती-जुलती दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का प्राइमेट कोशिका पर परीक्षण किया और पाया की क्लोरोक्वीन की तरह hydroxychloroquine भी सोर्स-cov-2 के द्विगुण को रोक देती है.
यह रिपोर्ट मार्च 2018 में सेल डिस्कवरी जनरल में प्रकाशित हुई है. वहीं अमेरिका का मिनेसोटा विश्वविद्यालय इस बात का अध्ययन कर रहा है कि हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वाइन देने से covid-19 से जूझ रहे रोगियों के साथ रहने वाले संक्रमण से बचे रह सकते हैं या नहीं.

फ्रांस भी अभी आश्वस्त नहीं

विशेषज्ञों ने चेताया है की या अध्ययन छोटा है और उपलब्ध साक्ष्य प्रमाणित उपचार के लिए पर्याप्त नहीं है. फ्रांस के स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी covid-19 के उपचार में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन प्रयोग के लिए चेताया है.
फ्रांसीसी स्वास्थ्य मंत्री ओलिवर वेरण ने कहा है कि अस्पताल में भर्ती गंभीर मरीजों के इलाज और डॉक्टरों के पैनल के फैसले तथा गहन चिकित्सकीय देखरेख में ही इस दवा के इस्तेमाल की इजाजत है. कोई अन्य व्यक्ति से सवाल नहीं कर सकता.
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