Ayurveda

गिलोय सत्व के फायदे, उपयोग और दुष्प्रभाव – Giloy Satva uses, benefits and side effect in Hindi

Contents hide
2 गिलोय सत्व क्या है – what is Giloy Satva in Hindi

गिलोय सत्व – Giloy Satva in Hindi

दोस्तो आज हम इस आर्टिकल में गिलोय सत्व ( Giloy Satva ) के बारे में जानने की कोशिश करेंगे. गिलोय सत्व के बारे में आपको विस्तार से जानकारी देने की कोशिश करेंगे हमारे एक्सपर्ट. आज हम गिलोय सत्व के उन सभी पहलू पर बात करेंगे, जिसको लोग गूगल पर बहुत अधिक मात्ररा सर्च करते हैं. 

उस सामग्री की पूरी जानकारी लेने की कोशिश करते हैं.इस आर्टिकल में गिलोय सत्व के फायदे, नुकसान, सेवन विधि, तासीर और बनाने की विधि. इन सभी पर विस्तार से जानने की कोशिश करेंगे. बहुत से लोग इसके बारे में जानते तो है लेकिन उन्हें यह पता नहीं होता है कि ये कैसे काम करता है.

गिलोय सत्व क्या है – what is Giloy Satva in Hindi 

गिलोय सत्व ( Giloy Satva ) एक पूर्ण आयुर्वेदिक औषधि है. जिसका मुख्य घटक गिलोय है. गिलोय सत्व का सेवन बहुत से रोगों में किया जाता है. गिलोय के बारे में हम लोग बचपन से ही जानते है, और हमारे पूर्वज भी इसका सेवन करते है. जिससे उन्हें काफी फायदा होता था. क्यूंकि गिलोय में अनेक प्रकार के गुण पाए जाते है. जिस वजह से इसका सेवन बहुत अधिक मात्रा में किया जाता है. 

का सेवन करने का सबसे अधिक हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को होती है. यह हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में काफी मदद करता है. इसके अलावा इसका उपयोग मुख्य रूप से लिवर के रोगों को दूर करने में किया जाता है. इसके सेवन से बुखार पुराना से पुराना बुखार भी उतर जाता है. इसलिए बहुत से डाक्टर बुखार में या रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में इसका सेवन करने की सलाह देते है.

इसका का सेवन अभी बहुत अधिक बड़ गया है. इसका कारण है, corona virus. क्यूंकि corona virus उन्हीं लोगों को अपना शिकार बनाता है, जिसका रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है. इसलिए अभी के समय में corona virus से लड़ने के लिए डॉक्टर इसका सेवन करने की सलाह देते हैं.

इन्हे भी पड़े : स्टे ऑन तेल के इस्तेमाल करने का तरीका, फायदे और नुकसान – stay on oil uses, benefits and side effect in Hindi

गिलोय सत्व के घटक द्रव्य – Giloy Satva ingredients in hindi

  • 1. गिलोय ( giloy )

गिलोय सत्व बनाने की विधि – Giloy Satva making vidhi in Hindi

गिलोय सत्व बनाना बहुत आसान है. आज हम आपको गिलोय सत्व को बनाने का तरीका बताएंगे. कि कैसे आप आसानी से इसको घर पर बना कर इसका सेवन कर सकते हैं. नीचे हम आपको अच्छी तरह से समझाने को कोशिश करेंगे. 

सबसे पहले आपको गिलोय का एक पौधा लेना है. उसके बाद आपको इसके जड़ और तने को छोटे छोटे टुकड़ों में काट लेना है. उसके बाद आपको इन टुकड़ों को किसी बड़े से पात्र में पानी के साथ भिगो कर रख देना है. आपको इस बात को ध्यान रखना है, कि पानी अधिक मात्रा में ना हो. 

पानी की मात्रा केवल उतना ही होना चाहिए. जितने में गिलोय के टुकड़े आसानी से डूब जाए. अब इसे आपको 24 घंटे तक फूलने के लिए छोड़ देना चाहिए. 24 घंटे बाद आपको इन टुकड़ों को पानी में अच्छी तरह मसल दें. ताकि गिलोय का पूरा रस उस पानी में चला जाए.

इसके बाद इस मिश्रित पानी को किसी सूती कपड़े से छान लें. और किसी दूसरे पात्र में इस छाने हुए मिश्रण को रख दें. और बाकी बचे हुए गिलोय के टुकड़ों को फेंक दें. क्यूंकि यह अब हमारे किसी काम का नहीं रह जाता है. 

उसके बाद आप इसे कुछ घंटों के लिए ऐसे छोड़ दें. ताकि इसमें मौजूद स्टार्च नीचे अच्छी तरह बैठ जाए. उसके बाद आप पानी को ऊपर से फेंक दें. और नीचे में मौजूद स्टार्च को अच्छी तरह से धूप में सूखने के लिए दे दें. उसके बाद जब यह अच्छी तरह से सूख जाए, तो इसे मिक्सर में डाल कर पीस लें. अब यह खाने के लिए पूरी तरह से तैयार है. इसे ही गिलोय सत्व कहा जाता है. 

गिलोय सत्व के फायदे – Giloy Satva benefits in hindi 

1. गिलोय सत्व केवल एक औषधि ही नहीं, एक जैविक रसायन है, जिसके सेवन से हमे कई रोगों से लड़ने में बहुत मदद मिलती है. 

2. गिलोय सत्व के सेवन का सबसे अधिक फायदा हमारे शरीर को होता है, क्यूंकि यह हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक होता है. इसलिए रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए डॉक्टर भी गिलोय का सेवन करने की सलाह देते हैं. 

3. यह हमारे शरीर की सफाई भी करता है, मतलब यह हमारे शरीर में मौजूद सभी विषेले पदार्थ को शरीर से बाहर निकलने में मदद करता है. जिससे आपको रोग मुक्त होने में काफी सहायता मिलती है. 

4. इसके लगातार सेवन करने से हमारी पाचन शक्ति भी काफी मजबूत हो जाती है, और जैसा कि आप सभी जानते है, बहुत सी बीमारियों का कारण पेट से जुड़ा होता है, इसलिए हम इसकी सहायता से अपनी पाचन तंत्र को मजबूत कर बहुत सी बीमारियों से बच सकते हैं. 

5. यह हमे बहुत सी छोटी मोटी ( आम दोष ) बीमारियों से भी बचाता है. 

6. अगर किसी व्यक्ति के लिवर में कोई समस्या है, तो उस व्यक्ति को गिलोय सत्व का सेवन अवश्य करना चाहिए. इसके सेवन से लिवर को काफी मजबूती मिलती है, जिससे लिवर सुचारू रूप से अपना कार्य कर पाता है. 

7. गिलोय सत्व हमे आने प्रकार के रोग जैसे – बुखार, मलेरिया, typhoid, डेंगू, विषम ज्वर, शीत ज्वर, जीर्ण ज्वर इन जैसी और बहुत से रोगों में काफी लाभदायक सिद्ध होता है. 

इन्हे भी पड़े : सांडे के तेल के फायदे, नुकसान और लगाने का सही तरीका – sanda oil benefits and side effect in Hindi

गिलोय सत्व के फायदे – Giloy Satva benefits in hindi

8. इसका सेवन महिलाओं के लिए बहू काफी फायदेमंद साबित होता है. क्यूंकि यह महिलाओ के अनेक रोग को दूर करता है. यह महिलाओं के श्वेत प्रदर जैसे रोगों में भी काफी फायदेमंद साबित होता है. 

8. इसका सेवन अगर आप पीलिया रोग में करते है, तो यह आपके लिए बहुत लाभदायक होता है. क्यूंकि गिलोय पीलिया रोग को दूर करने में बहुत मदद करती है. 

9. इसका सेवन डायबिटीज़ के मरीजों के लिए भी बहुत फायदेमंद है. क्यूंकि जैसा की आप जानते है. यह खाने मैं बहुत कड़वा और तीखा होता है. जो हमारे डायबिटीज़ को नियंत्रित रखने में काफी मदद करता है. इसके अलावा यह खून में मौजूद चीनी की मात्रा को भी नियंत्रित करता है. 

10. इसके सेवन मूत्र से संबंधित बहुत सी समस्याएं भी दूर होती है. अगर आपको पेशाब करते समय जलन महसूस होती है, तो आपको इसका सेवन अवश्य करना चाहिए. इसके सेवन से आपके पेशाब के दौरान होने वाली जलन कि समस्या से छुटकारा मिलता है. 

11. गिलोय से बचने का सबसे आसान तरीका है, कि आप गिलोय का सेवन करें. जैसा कि आप जानते है. डेंगू होने पर शरीर पूरी तरह गरम हो जाता है, जिससे तेज़ बुखार आ जाती है. गिलोय में एंटीपायरेटिक गुण पाए जाते है, जो बुखार को जल्दी ठीक करने में मदद करता है. इसके अलावा यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी ठीक करता है, जिससे डेंगू के जल्दी ठीक होने में काफी मदद मिलती है. 

12. बहुत से लोगो को अपच की सिकायत होती है, ऐसे में लोग काफी परेशान रहते है, यह अपच संबंधी समस्याओं जैसे – गैस, एसिडिटी, अपच जैसी समस्याओं से परेशान व्यक्ति को इसका सेवन करने से काफी राहत मिलती है. 

गिलोय सत्व के नुकसान – Giloy Satva side effect in Hindi

1. गिलोय सत्व का सेवन हमेशा सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. इसका सेवन अधिक मात्रा में नहीं करना चाहिए. इसका अधिक मात्र में सेवन करने से पेट में जलन होने की समस्या उत्पन्न हो सकती है. 

2. अगर आपको किसी प्रकार की सर्जरी हुई है, या ऑपरेशन हुआ है, तो इसका सेवन करने से बचना चाहिए. क्यूंकि डॉक्टर सर्जरी के 2 हफ्ते बाद तक गिलोय का सेवन करने की सलाह नहीं देते है. 

3. अगर आपको गिलोय से एलर्जी है, तो इसका सेवन करने से बचना चाहिए.

4. गिलोय सत्व रक्त में ग्लूकोज को मात्रा को कम करता है, इसलिए सुगर के रोगी को इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए. उसके बाद ही इसका सेवन करना चाहिए. 

5. गिलोय सत्व का सेवन हमेशा डॉक्टर की देख रख में करना चाहिए. 

6. गर्भवती महिला को इसका सेवन करने से बचना चाहिए, या डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए. उसके बाद ही इस औषधि का सेवन करना चाहिए. 

इन्हे भी पड़े : जापानी तेल लगाने के फायदे, नुकसान और लगाने की विधि – japani oil benefits and side effect in Hindi

गिलोय सत्व की सेवन विधि – Giloy Satva uses in hindi

1. वयस्क व्यक्ति एक दिन में गिलोय सत्व का सेवन 500 मिलीग्राम से 2 ग्राम तक कर सकते हैं. इससे अधिक इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए.

2. 5 साल से अधिक उम्र के बच्चो को 125 मिलीग्राम अधिक गिलोय सत्व का सेवन नहीं कराना चाहिए. इससे बच्चे को नुकसान पहुंच सकता है. 

3. बाज़ार में यह कैप्सूल के रूप में भी उपलब्ध है. आप इसके कैप्सूल का सेवन एक दिन में 1 से 2 गोली का सेवन कर सकते हैं. 

4. अधिक मूत्र की समस्या होने पर आप इसका सेवन एक चम्मच देसी घी के साथ कर सकते है. ऐशा करने से आपको अधिक मूत्र होने की समस्या से छुटकारा मिलता है. 

गिलोय सत्व के चिकित्सीय उपयोग – Giloy Satva uses in hindi

गिलोय सत्व ( Giloy Satva ) के निम्नलिखित चिकित्सीय उपयोग है. इसका सेवन अनेक बीमारियों को ठीक करने में किया जाता है. 

  • 1. बुखार 
  • 2. बदहजमी 
  • 3. दमा 
  • 4. सुगर 
  • 5. गठिया 
  • 6. एलर्जी 
  • 7. टीबी 
  • 8. रक्तस्राव 
  • 9. लिवर रोग 
  • 10. गैस 
  • 11. अल्सर

गिलोय सत्व का मूल्य – Giloy Satva price 

  • 1. Brand name : Baidyanath
  • 2. Weight : 10 gram 
  • 3. Price : ₹44 
  • 4. Available : 1mg.com, Amazon.in etc.

गिलोय सत्व के बारे में डॉक्टर से पूछे गए सवाल और उनके जवाब 

Q1. गिलोय सत्व का सेवन कितने दिनों तक करना चाहिए? 

Ans : गिलोय सत्व का सेवन कितने दिनों तक करना चाहिए. इसकी जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं. 

Q2. गिलोय सत्व का सेवन कब करना चाहिए? 

Ans : गिलोय सत्व का सेवन हर उम्र के लोगो को अलग-अलग मात्रा में करना चाहिए. वयस्क एक दिन में 500 मिलीग्राम तक इसका सेवन कर सकते है. बच्चे 125 ग्राम. इसके अलावा इसका सेवन अलग अलग बीमारियों में अलग अलग मात्रा में किया जाता है. 

इन्हे भी पड़े : हैमर ऑफ थोर के फायदे, उपयोग और दुष्प्रभाव – hammer of thor uses, benefits and side effect in Hindi

Q3. क्या गिलोय सत्व का सेवन शराब के साथ किया जा सकता है? 

Ans : नहीं. गिलोय सत्व या किसी भी अन्य आयुर्वेदिक दवा का सेवन शराब के साथ नहीं किया जा सकता है. गिलोय सत्व का शराब के साथ सेवन करने से आपको शरीर को काफी नुकसान हो सकता है. इसलिए शराब के साथ इसका सेवन करने से बचना चाहिए. 

Q4. क्या गिलोय सत्व का सेवन करने के बाद ड्राइविंग किया जा सकता है? 

Ans : हां. गिलोय सत्व का सेवन करने के बाद आप ड्राइविंग कर सकते है. क्यूंकि इसके सेवन से नींद नहीं आती है. और ना ही किसी प्रकार का नशा होता है. 

Q5. क्या गिलोय सत्व के सेवन से मुझे इसकी लत लग सकती है? 

Ans : नहीं. गिलोय सत्व के सेवन से किसी तरह की लत नहीं लगती है. यह एक पूरी तरह से सुरक्षित आयुर्वेदिक औषधि है. इसलिए आप इसका सेवन बिना किसी परेशानी के कर सकते है. 

Q6. क्या गिलोय सत्व का सेवन बच्चे कर सकते है? 

Ans : हां. इसका सेवन बच्चो के लिए भी पूरी तरह से सुरक्षित है. इसलिए किसी भी के बच्चे को आप इसका सेवन करवा सकते है. इससे आपको किसी तरह की परेशानी नहीं होगी. 

Q7. क्या गिलोय सत्व का सेवन गुनगुने पानी के साथ किया जा सकता है? 

Ans : गिलोय सत्व ( Giloy Satva ) का सेवन आप हल्के गुनगुने पानी में साथ कर सकते है. गुनगुने पानी के साथ गिलोय सत्व का सेवन पूरी तरह से सुरक्षित है. इसलिए आप इसका सेवन गुनगुने पानी के साथ कर सकते है. 

नोट : गिलोय सत्व ( Giloy Satva ) के बारे में कुछ भी अधिक जानकारी के लिए आप हमसे संपर्क कर सकते है. या हमसे कॉमेंट करके पूछ सकते है. जय हिन्द.

Related Articles

Back to top button