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Food allergy: किया खा रहे है आप?

Food allergy हमारी प्रतिरोधक प्रणाली की प्रतिक्रिया है, जिसका काम हमें किसी भी अनजान खाद पदार्थ से बचाना है, जैसे-जीवाणु, विषाणु, जहरीले पदार्थ आदि. जब हमारा शरीर खाने के प्रति ज्यादा क्रियाशील हो तो उससे food allergy की समस्या हो सकती है,

यहां तक कि प्रोटीन युक्त खाना भी कभी-कभी नुकसानदेह परिणाम देते हैं. उदाहरण के लिए किसी की प्रतिरोधक प्रणाली अंडे में मौजूद प्रोटीन को खतरनाक समझ लेती है. प्रतिक्रिया स्वरूप वाह इम्यूनोग्लोबुलीन ई नामक एंटीबायोटिक पैदा करती है. जो त्वचा, फेफड़ों और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट के सेल्स में चिपक जाता है.

अगर आप फिर से एलर्जी के कारण के संपर्क में आते हैं, तो यह सेल हिस्टामाइन सहित अन्य रसायन उत्सर्जित करते हैं. प्रतिरोधक तंत्र में या उठापटक ही हमें बीमार कर देता है.

मोटे तौर पर कहें तो जब हमारा शरीर किसी खाने पीने की चीज को स्वीकार नहीं करता है, और सेहत हो उससे हानि पहुंचाने लगती है, तो ऐसी स्थिति में शरीर में हिस्टेमाइन नामक खास सुरक्षात्मक रसायन का स्त्राव होने लगता है.

शरीर पर लाल लाल चकत्ते पड़ने लगते है, सूजन आ जाती है, उल्टी, चक्कर और सांस लेने में तकलीफ या डस्ट की समस्या पेश आती है, यह ग्रॉस रिएक्टिविटी के रूप में जाना जाता है. छोटे बच्चों में तो फूड एलर्जी होने की संभावनाएं कहीं ज्यादा रहती है, क्योंकि प्रतीक्षा प्रणाली तब उतनी मजबूत नहीं होती. हालांकि कोई भी भोजन फूड एलर्जी का कारण बन सकता है, पर सबसे आम हैं – दूध, सोया और अनाज.

फूड एलर्जी के लक्षण

फूड एलर्जी मुख्यतः ग्लूटन युक्त पदार्थ, डायरी उत्पाद, सोयाबीन, अंडों से होती है. कुछ अवस्थाओं में इसका प्रभाव तुरंत दिखने लगता है, पर कुछ परिस्थितियां मै लक्षण नजर आने में 48 से 72 घंटे लग सकते हैं. इसके लक्षणों में खुजली से लेकर एनाफीलेक्सिस तक शामिल है. त्वचा पर लाल दाने आना, सांस की तकलीफ और दम घुटना, कई लोगों को बेसन, दुग्ध उत्पाद, खाने से अपच, डस्ट, व उल्टी की समस्या हो सकती है नाक में जलन, नाक बहना और छींक आने के लक्षण उभरते हैं.

बरतें सावधानियां

हमारे शरीर के पाचन तंत्र में प्रतिरोधक व्यवस्था होती है, जिसे इम्यूनोग्लोबिन ई कहते हैं. यह शरीर के एलर्जी उत्पन्न करने वाले कारकों से रक्षा करता है. अगर आपको चने से एलर्जी है, तो इसके परिवार में आने वाले सारे अनाजों का सेवन बंद कर दें. जब भी बाहर खाएं, उन चीजों से बचें. जिन से पहले एलर्जी हुई हो. डिब्बाबंद आहार खरीदते समय उसके लेवल पर लिखी सामग्री को अवश्य पढ़ें.

 कौन से खाद पदार्थ food allergy के कारक

मूंगफली से होने वाली एलर्जी आम है. चॉकलेट, मछली, नारियल और काजू एलर्जी के अन्य प्रमुख कारक है. भारत में दूध, अंडे और गेहूं से एलर्जी होना सामान्य है. वही चना, दाल, चावल, तला खाना और मांसाहारी भोजन एलर्जी के सामान्य कारक है.

मछली: इसमें इतना अधिक प्रोटीन होता है कि शरीर कई बार झेल नहीं पाता और एलर्जी हो जाती हैं. करीब 2% वयस्क इससे ग्रस्त हैं.

अंडा: इससे शरीर का तापमान बढ़ जाता है, जिससे त्वचा पर चकत्ते या खुजली होने लगती है.

सोया: इसमें प्रोटीन की मात्रा 45% होती है. लगभग 70% बच्चों में सोया की वजह से एलर्जी होता है.

Food allergy से बचाते है ये फल 

कीवी: विटामीन सी से भरपूर यह फल आम खाद एलर्जी से बचाता है. आप संतरे और मुसम्मी आदि खट्टे फल भी खा सकते हैं.

अनानास: इसे नियमित खाने से अस्थमा और स्किन एलर्जी से राहत मिलती है. यह फल रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में कारगर है.

सेब: रोज एक सेब खाना पाचन को ठीक रखता है. जिन्हें स्किन एलर्जी होती रहती हैं, उन्हें सेब जरूर खाना चाहिए. यह एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है.

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