स्वास्थ

ऑनलाइन स्टडी : ड्राई आइज से करे बचाव | Dry Eyes in Hindi |

ड्राई आइज क्या है ? What is Dry Eyes ?

आजकल स्कूल और कॉलेज बंद है और बच्चे ऑनलाइन स्टडी करने के लिए रोज 4 से 5 घंटे स्क्रीन पर समय बिता रहे हैं. इससे Dry Eyes की समस्या सामने आ रही है. जानते हैं इससे बचाव के लिए विशेषज्ञ दे रहे हैं सुझाव. 

इन दिनों कई पेरेंट्स बच्चों की आंखों की समस्या को लेकर संपर्क कर रहे हैं. जांच में बच्चों की आंखों में ड्राइनेस यानी सूखापन बढ़ने की समस्या सामने आ रही है. दरअसल ड्राई आइज में आंखों का पानी सूखने लगता है. 

यह ऐसी स्थिति है, जिसमें आंखों में पर्याप्त आंसू नहीं बन पाते, जिससे आंखों की चिकनाहट चली जाती है और आंखों का पोषण रुक जाता है. यह समस्या आजकल मोबाइल, लैपटॉप, टैब आदि गेजेट्स के अत्यधिक इस्तेमाल से हो रही है. घंटो तक स्क्रीन पर नजरें गड़ाए रहने से आंखों पर जोर पड़ता है और आंखों से बहने वाला पानी धीरे-धीरे सूखने लगता है.

ड्राई आइज से बचाव के उपाय | Prevent From Dry Eyes |

अपनी आंखों को सूखने से बचाने के लिए नीचे कुछ उपाय दिए गए है. आप उनकी मदद से अपने आंखों सूखने से बचा सकते है |

  1. स्क्रीनपर लगातार ना देखें, पलके झपकाते रहे. इससे आंखों में पानी अंदर ही अंदर फैलता है. जब पलकें पर्याप्त झपकती नहीं, तो पानी आंख में फ़ैल नहीं पाता और सूखने लगता है.
  2. जिस रूम में काम कर रहे हैं, वहां ऐसी ना चलाएं, क्योंकि ऐसी कमरे से नमी खींच लेती है.
  3. अगर आंखों में जलन हो रही है, तो दिन में तीन चार बार डॉक्टर द्वारा निर्देशित आई ड्राप डालें. 
  4. जलन होने पर बच्चों आंखों को मसलने लगते हैं. अपने बच्चों को ऐसा करने से रोके. इससे इंफेक्शन या कॉर्निया भी क्षति ग्रस्त हो सकता है.
  5. लैपटॉप या मोबाइल स्क्रीन को आंखों से नीचे ही रखें. यदि आपकी स्क्रीन आंखों के स्तर से ऊपर है, तो आप अपनी आंखें स्क्रीन को देखने के लिए ज्यादा खोलेंगे. जबकि स्क्रीन नीचे रखने पर आंखों को पूरी तरह को खोलना नहीं पड़ेगा. इससे पलकों को झपकने के बीच आशु के वाष्पीकरण को धीमा करने में मदद मिलती है. 
  6. बच्चों को हेल्दी डाइट दें. फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज, अंडा, विटामिन ए, प्रोटीन युक्त चीजों का सेवन अधिक करें. 

ड्राई आइज के लक्षण | Dry Eyes Symtoms |

ड्राई आइज के लक्षण निम्लिखित है. जिनमे से कुछ का वर्णन नीचे दिया गया है.जैसे- 

  • आंखों में खुजली, जलन, चुभन, होना.
  • बहुत कीचड़ निकलना. 
  • आंखों में सूखापन लगना. 
  • रोशनी से आंखों में दर्द होना.     
  • रात में सही से ना देखना. 
  • आंखों में थकान महसूस होना या धुंधला दिखना. 

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