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गर्भपात की गोली के उपयोग, फायदे और दुष्प्रभाव – bacha girane ( garbhpat ) ka medicine name

गर्भपात – garbhpat in Hindi

आज लगभग हर ( गर्भपात ) व्यक्ति या महिला संभोग का संपूर्ण आंनद लेना चाहते हैं, लेकिन गर्भवती होने से महिला को डर लगता है. क्यूंकि बहुत समय ऐशा होता है. कि लोग शादी भी नहीं करते है और संभोग क्रिया का आंनद लेने लगते है. ऐसे में कभी कभी महिला या पुरुष की वजह से महिला गर्भवती हो जाती है. 

जिसे बाद में महिला चाहती है. कि अभी अपने बच्चे को सम्भाल नहीं सकती है. जिस वजह से वह गर्भपात करवाना चाहती है. अनचाहे गर्भ के बारे में पता चलते ही महिला के मन में कई सवाल तरह के सवाल उठने लगते है. जैसे कि क्या इस समय गर्भपात ( garbhpat ) की गोली खाना सुरक्षित है? या फिर उन्हें मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ़ प्रेगनेंसी (MTP) कराने की जरुरत है?. गर्भपात की गोली के साइड इफ़ेक्ट क्या हैं?. 

इस तरह के और भी कई सवाल महिला के मन में उठने लगते है. आज हम आपको इससे जुड़े कई सवालों के जवाब देने को कोशिश करेंगे. गर्भपात ( garbhpat ) से जुड़ी कानून की जानकारी बहुत कम लोगों को है. आप इस article में गर्भपात से जुड़े कानून के बारे में भी जानेंगे.

एमटीपी क्या है? – what is MTP in Hindi

MTP एक दवा है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से गर्भपात के लिए किया जाता है. लेकिन आप इसे किसी भी दवाई दुकान से बिना डॉक्टर के पर्ची के नहीं खरीद सकते है. क्यूंकि इस दवा के उपयोग को लेकर बहुत सख्त कानून है. इसलिए कोई भी दवाई की दुकान से इसे बिना डॉक्टर की पर्ची के देने से इंकार कर सकते हैं. 

चिकित्सकीय गर्भ समापन कानून (Medical Termination of Pregnancy Act) नाम से यह कानून जाना जाता है. कोई भी महिला अगर अपना गर्भपात करवाना चाहती है, तो उन्हे पहले डॉक्टर को गर्भपात का कारण बताना होगा. उसके बाद ही डॉक्टर यह फैसला ले सकते है कि उस महिला का गर्भपात करना है या नहीं. 

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कौन सी महिलाएं मेडिकल अबॉर्शन करवा सकती हैं? – kon si mahilayen medical Abortion karva sakti hai

एमटीपी करवाने के भी कुछ नियम है. उस नियम के दायरे में रहकर कोई भी महिला अपना अबॉर्शन करवा सकती है. कोन कोन महिला अबॉर्शन करवा सकती है. और किस परिस्थित में करवा सकती है. इसकी जानकारी नीचे दी गई है. 

  • 1. किसी भी महिला का गर्भपात कराने के लिए उसकी सहमति होना बहुत जरूरी है. बिना औरत के सहमति के गर्भपात करवाना कानून अपराध है. जिसके लिए सख्त से सख्त सजा का प्रावधान है. 
  • 2. अगर कोई महिला गर्भनिरोधक के असफल होने के कारण गर्भवती हुए है. तो वो औरत अपने मर्ज़ी से गर्भपात करवा सकती है. 
  • 3. अगर महिला किसी उत्पीड़न की वजह से गर्भवती हुए है, तो ऐसे में महिला अपना गर्भपात करवा सकती है. 
  • 4. अगर शिशु को किसी भी तरह के शारीरिक या मानसिक अनियमितता का खतरा हो, तो ऐसे में आप अपना गर्भपात करवा सकते हैं. 
  • 5. अगर गर्भावस्था को जारी रखने से उसके मानसिक या शारीरिक स्वास्थ्य को कोई खतरा हो, तो ऐसे में भी अबॉर्शन करवाया जा सकता है. 

अबॉर्शन कैसे किया जाता है? – Abortion kaise kiya jata hai

आपकी जानकारी के लिए हम आपको बता दें. कि अबॉर्शन दो प्रकार का होता है. जिसके बारे में आपको जानना बहुत जरूरी है. नीचे उन दोनों अबॉर्शन के बारे में आपको बताया जा रहा है. जिससे आप आसानी से इनके बारे में जान सके. 

1. मेडिकल अबॉर्शन : आम तौर पर इस प्रक्रिया में दवाओं का सेवन कराया जाता है. जिससे गर्भपात कराना काफी आसान हो जाता है. इसमें महिलों को बहुत कम समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. 

2. सर्जिकल अबॉर्शन : सर्जिकल अबॉर्शन गर्भपात कराने के लिए डाइलेशन और एवेक्युलेशन प्रक्रिया का सहारा लिया जाता है. 

जैसा कि आप जानते है, भारत में गर्भपात के लेकर काफी शक्त नियम बनाया गया है. इस नियम के तहत समय सीमा तय कर दी गई है. इस नियम के अनुसार गर्भधारण के सात हफ़्तों के अंदर महिला को बिना एडमिट किये उसका मेडिकल अबॉर्शन कराया दिया जाता है. 

गर्भपात ( garbhpat ) के मामले में महिला को डॉक्टर के निर्देशानुसार घर पर रहकर गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करने की सलाह दी जाती है. इसके 7 हफ्तों बाद महिला को एक दिन के लिए हॉस्पिटल में एडमिट कर दिया जाता है. क्यूंकि सात हफ़्तों के बाद अबॉर्शन करवाने पर महिला को कुछ समस्याएं होने का खतरा बना रहता है. जिस वजह डॉक्टर एक दिन के लिए हॉस्पिटल में एडमिट होने की सलाह देते है. 

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गर्भपात की गोली खाने के बाद क्या होता है? – garbhpat ki goli khane ke baad kiya hota hai

गर्भपात ( garbhpat ) का सेवन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए. जिससे हमें समस्याओं का सामना करना ना पड़े. नीचे हम आपको बताएंगे. कि इसका सेवन करने के बाद यह किस तरह से कार्य करता है. 

  • 1. अगर आप गर्भपात की दवाओं का सेवन करते है, तो यह हमारे प्रोजेस्टेरोन हार्मोन को बनने से रोक या प्रोजेस्टेरोन हार्मोन की कार्यविधि में रुकावट डालता है. 
  • 2. गर्भपात की गोली हमारे मायोमेट्रियम (गर्भाशय की अंदुरुनी मध्य परत) को संकुचित कर देती है. जिससे काफी फायदा मिलता है. 
  • 3. गर्भपात की गोलियां हमारे ट्रोफोब्लास्ट को बढ़ने से रोक देती है. ट्रोफोब्लास्ट एक प्रकार की कोशिका होती है, जो भ्रूण को पोषण देने और प्लेसेंटा को विकसित करने का कार्य करती है. 

गर्भपात की गोली का इस्तेमाल करने का सही तरीका क्या है? – garbhpat ki goli ka istemal karne ka sahi tarika kya hai

गर्भपात करवाने के लिए महिला को 2 तरह को गोलियों का सेवन करना पड़ता है. यह गोलियां महिला को डॉक्टर की देख रेख़ में लेनी पड़ती है. इसके दूसरे खुराक का से 3 से 4 दिन बाद किया जाता है. आपको इस विषय की जानकारी सही तरीके से केवल डॉक्टर ही से सकते है. इसलिए अपने तरीके से इस गोली का सेवन नहीं करना चाहिए. 

हर गोली अलग अलग तरीके से कार्य करती है. गर्भपात की पहली गोली गर्भपात ( garbhpat ) के लिए गर्भाशय को तेयार करती है. आपको बता दें कि सर्विक्स (गर्भाशय ग्रीवा), गर्भ में विकसित हो रहे भ्रूण को सहारा देती है. जिसके बाद यह दवा उस सर्विक्स को नरम करती है. इसके अलावा यह प्रोजेस्टेरोन को रोकने का भी कार्य करती है और गर्भाशय के सतह को तोड़ने का कार्य करती है. वहीं दूसरी गोली गर्भाशय को सिकुड़ने में मदद करती है, जिससे भ्रूण के साथ यूटेराइन लाइनिंग बाहर निकल जाती है. 

डॉक्टर गर्भपात के गोलियों का सेवन गर्भवास्था के सुरुवात में ही करने की सलाह दी जाती है. लेकिन बहुत बार ऐशा नहीं हो पाता है. जिसके बाद सर्जिकल अबॉर्शन को ही उचित माना जाता है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मेडिकल अबॉर्शन गर्भावस्था के 20 हफ़्तों तक ही कराया जा सकता है. लेकिन एमटीपी एक्ट के अनुसार 12 हफ़्तों के बाद आप कम से कम दो गायनकोलॉजिस्ट की सलाह के बाद गर्भपात करवा सकती हैं. 

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गर्भपात की गोली के साइड इफेक्ट – garbhpat ki goli ke nukshan 

गर्भपात की गोली खाने से इसके कुछ नुकसान भी हो सकते है. जिससे आपको कई तरह की समस्या हो सकती है. इसलिए इन दवाओं का सेवन करने से पहले आपको इसके नुकसान के बारे में जान लेना चाहिए. जिससे गर्भपात के दवा का सेवन करने के बाद होने वाली समस्या को कम किया जा सके. 

  • 1. मतली या उल्टी होना 
  • 2. थकान 
  • 3. डायरिया 
  • 4. बुखार 
  • 5. क्रैंप 
  • 6. उल्टी होना 

एमटीपी से क्या-क्या समस्याएं हो सकती हैं?

एमटीपी कराने के बाद भी महिलाओं को कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. जिससे महिलाओं को कई प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ता है. एमटीपी से क्या क्या समस्या उत्पन्न हो सकती है. इसके बारे में हम नीचे विस्तार पूर्वज बताने की कोशिश करेंगे. 

एबॉर्शन फेल होना – Abortion fail hona

कभी कभी गर्भपात की गोलियां ठीक तरीके से काम नहीं कर पाती है. जिस वजह से गर्भावस्था की समस्या बनी रहती है. ऐसे में भ्रूण में समस्या उत्पन्न हो सकती है. ऐसे में महिला डॉक्टर सर्जिकल अबॉर्शन करवाने की सलाह देते है. इससे महिलाएं कई तरह की समस्या से बच सकती है. 

एलर्जी – ellergy 

कुछ महिलाओं को गर्भपात की गोलियों का सेवन करने से बाद एलर्जी की समस्या उत्पन्न हो जाती है. जिस वजह से कई तरह के एलर्जिक रिएक्शन हो सकते हैं. जिसके वजह से गर्भपात के फैल होने की समस्या भी बनी रहती है. ऐसे में अगर आपको किसी तरह की समस्या उत्पन्न होती है, तो आपको तुरंत किसी महिला विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लेनी चाहिए. 

अगर अबॉर्शन पिल्स के इस्तेमाल से यूटेरस में संक्रमण होने का खतरा बहुत कम मामलों में देखने को मिलता है, तो आपको गर्भपात कराने के कुछ दिनों के बाद डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए. ताकि गर्भपात की पूरी जानकारी मिल सके. गर्भपात ठीक से हुआ है या नहीं इस बार की जानकारी मिल सके. इसके अलावा आपको इस प्रक्रिया के दौरान आपको संभोग क्रिया करने से बचना चाहिए. 

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गर्भपात के बाद देखभाल – garbhpat ke baad dekhbaal

कोई भी गर्भवती महिला को अबॉर्शन कराने के बाद अपना खास ख्याल रखना चाहिए. क्यूंकि अबॉर्शन होने के बाद भी समस्या उत्पन्न होने की संभावना बनी रहती है, जो कोई भी औरत के लिए परेशानी का कारण बन सकती है. गर्भपात वाली महिला को किस किस बात का ध्यान रखना चाहिए. इसके बारे में आप नीचे विस्तार पूर्वक जान सकते हैं. 

1. कभी कभी Mtp होने के बाद भी कुछ समस्या उत्पन्न हो जाती है. जिसका ध्यान हमे रखना चाहिए. आप mtp कराने के 2 से 3 हफ्तों बाद अपना अल्ट्रासाउंड अवश्य करवाएं. इससे आपको यह पता चलेगा, कि आपका गर्भपात ठीक से हुआ है या नहीं. अगर कुछ गड़बड़ी हो, तो तुरंत अपने महिला डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. 

2. बहुत बार ऐशा होता है, कि एबॉर्शन पिल फैल हो जाता है. जिससे महिला को बहुत अधिक मात्रा में ब्लीडिंग होने लगती है. ऐसे में डॉक्टर तुरंत वैक्यूम एस्पिरेशन द्वारा एबॉर्शन करने की सलाह देते है. जिसके लिए आपको पहले से तैयार रहना चाहिए. 

3. बहुत बार एबॉर्शन के बाद बहुत अधिक मात्रा में महावारी आने लगती है, जिसके चलते महिला को बार बार अपने पैड को बदलना पड़ता है. इसके अलावा उन्हें उन्हे बुखार और क्रंप की समस्या भी उत्पन हो जाती है. अगर आपके साथ भी ऐशा कुछ हो रहा है, तो आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. क्यूंकि यह बाद में बड़ी समस्या को भी जन्म से सकता है. 

4. गर्भपात के बाद अगर बार बार बुखार आने की समस्या हो रही है, तो ऐसे में संक्रमण होने का खतरा बना रहता है. ऐसे में आप डॉक्टर के निर्देशानुसार कुछ दवाओं का सेवन कर सकते है. जिससे यह समस्या खतम हो सके. 

5. गर्भपात के बात जब तक ब्लीडिंग की समस्या खतम ना हो, जाए तब तक संभोग क्रिया करने से बचना चाहिए. 

6. जब आपका एबॉर्शन सही तरीके से हो जाए. आप संभोग करने के बाद गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन कर सकते है. आप संभोग के दौरान निरोध का भी उपयोग कर सकते है. 

गर्भपात के बाद ध्यान देने वाली बातें – garbhpat

1. गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करने से पहले किसी डॉक्टर की सलाह अवश्य लेनी चाहिए. आपने जानकारी के अनुसार कभी भी मेडिकल से गरबनिरोधक गोलियां ना खरीदे. इससे आपको परेशानी का भी सामना करना पड़ सकता है. 

2. अगर आपको गर्भपात कराने से पहले कोई गंभीर समस्या हो, तो आपको पहले इसका इलाज करा लेना चाहिए. क्यूंकि बाद में इससे समस्या उत्पन्न हो सकती है. आप गर्भपात कराने से पहले किसी डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए. 

3. कभी कभी गर्भपात के मासिक धर्म में अनियमितताएं उत्पन्न हो सकती है. जिससे कई प्रकार की समस्या उत्पन्न हो सकती है. इसलिए आपके साथ भी अगर ऐसे समस्या उत्पन्न होती है, तो आपको तुरंत किसी महिला डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. 

4. अगर भ्रूण यूटेरस के बाहर है, जैसे कि भ्रूण फैलोपियन ट्यूब से चिपक गया हो, तब ऐसे मामलों में आप डॉक्टर की सलाह लेने के बाद गर्भपात के लिए मेडिकल एबॉर्शन करवा सकते है. 

5. कुछ मामलों में इंट्रा यूटेराइन डिवाइस के फेल होने की वजह से भी प्रेगनेंसी हो सकती है. ऐसे मामलों में महिलाएं गर्भपात की गोलियां ले सकती हैं, लेकिन किसी भी दवा का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए. दवाई का सेवन करने से पहले लगे हुए सभी डिवाइस को निकलवा लें.  

बच्चा गिराने की दावा का नाम – Bacha girane ka medicine name 

1. मिफेप्रिस्टोन – mifepristone : यह गर्भपात की एक बहुत ही उत्तम दवा है. इसका सेवन करके आप आपने अनचाहे गर्भ से छुटकारा पा सकता है. लेकिन इसका सेवन करने से पहले आपको किसी गर्भपात विशेषज्ञ से सलाह लेना चाहिए. इसके एक डब्बे में 5 गोली उपलब्ध होता है. जिसका सेवन आपको खाना खाने के बाद कर सकते है. सबसे पहले आपको बड़ी वाली गोली का सेवन करना चाहिए. उसके 48 घंटे बाद आप इसके छोटी गोली का सेवन कर सकते है. 

2. मिफेजेस्ट किट – mifegest kit : अगर आपको ऐशा लगता है, कि अनचाहे गर्भ हो सकता हैं, तो आपको इसका सेवन करना चाहिए. इसके सेवन आप इस समस्या से बच सकते हैं. आपको इसका सेवन अधिक मात्रा में ब्लीडिंग होने में भी कर सकते है. 

3. टर्मीपिल किट – termipil kit : इस दवा का सेवन भी गर्भपात के लिए किया जाता है. इसके एक डब्बे में 5 गोलियां उपलब्ध होती है. इसके एक डब्बे की कीमत ₹350 rupay है. इसे आप किसी भी दवाई दुकान से खरीद सकते है. लेकिन इसे आपको इसे खरीदने के लिए आपको डॉक्टर की पर्ची की जरूरत पड़ेगी. 

4. जेस्ताप्रो किट – zestapro kit : इसके डब्बे में 5 गोलियां मौजूद होती है. इसके एक डब्बे का मूल्य ₹400 होता है. इसे आप बिना डॉक्टर के इजाजत के सेवन ना करे. इससे आपको नुकसान पहुंच सकता है. 

5. अनवांटेड 72 – unwanted 72 : यह एक बहुत ही पर्चलित दवा है. इसका उपयोग बहुत अधिक मात्रा में होता है. क्यूंकि यह अनचाहे गर्भ के लिए बहुत ही उत्तम दवा माना जाता है. लेकिन इसका सेवन भी करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना चाहिए. 

6. प्रेगनोट किट – pregnot kit : प्रेगनोट किट की महिलाओं के लिए भी काफी फायदेमंद साबित होता है. क्यूंकि यह गर्भपात के लिए एक बहुत ही उत्तम दवा माना जाता है. क्यूंकि इसके सेवन से अनचाहे गर्भ का खतरा कम हो जाता है. 

7. कन्ट्रापिल्ल किट – contapill kit : इसका सेवन भी आपको खाना खाने के बाद करना चाहिए. खाना खाने के बाद आप डॉक्टर के निर्देशानुसार इसका सेवन कर सकते है. इसके एक डब्बे में भी 5 गोलियां उपलब्ध होती है. कन्ट्रापिल्ल किट का सेवन भी मुख्य रूप से गर्भपात के लिए किया जाता है. 

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