Ayurveda

अर्जुनारिष्ट सिरप के फायदे, उपयोग और दुष्प्रभाव – Arjunarishta syrup uses, benefits and side effect in Hindi

Contents hide
3 अर्जुनारिष्ट सिरप के घटक द्रव्य – Arjunarishta syrup ingredients in hindi
3.3 अर्जुनारिष्ट सिरप की सेवन विधि – Arjunarishta syrupSevan vidhi in hindi

अर्जुनारिष्ट सिरप – Arjunarishta syrup in hindi

दोस्तो आज हम इस आर्टिकल में अर्जुनारिष्ट सिरप ( Arjunarishta syrup ) के बारे में जानने की कोशिश करेंगे. अर्जुनारिष्ट सिरप के बारे में आपको विस्तार से जानकारी देने की कोशिश करेंगे हमारे एक्सपर्ट. आज हम अर्जुनारिष्ट सिरप के उन सभी पहलू पर बात करेंगे, जिसको लोग गूगल पर बहुत अधिक मात्रा में सर्च करते हैं. 

उस सामग्री की पूरी जानकारी लेने की कोशिश करते हैं. अर्जुनारिष्ट सिरप ( Arjunarishta syrup ) के फायदे, नुकसान, सेवन विधि, तासीर और बनाने की विधि. इन सभी पर विस्तार से जानने की कोशिश करेंगे. बहुत से लोग इसके बारे में जानते तो है लेकिन उन्हें यह पता नहीं होता है कि ये कैसे काम करता है. 

अर्जुनारिष्ट सिरप क्या है? – what is Arjunarishta syrup in Hindi

Arjunarishta syrup एक पूर्ण आयुर्वेदिक एवं हर्बल औषधि है. जिसका मुख्य रूप से उपयोग हृदय रोगों में किया जाता है. इसको बनाने कई प्रकार के जड़ी बूटियों का इस्तेमाल किया जाता है. हृदय रोग के अलावा इसका सेवन और भी बहुत से रोगों में किया जाता हैं. 

अर्जुनारिष्ट सिरप के घटक द्रव्य – Arjunarishta syrup ingredients in hindi 

Arjunarishta syrup में निम्न घटक द्रव्य का इस्तेमाल किया जाता है. 

  • 1. अर्जुन की छाल – 480 ग्राम 
  • 2. अंगूर – 240 ग्राम 
  • 3. महुआ का फूल – 96 ग्राम 
  • 4. जल – 5 लीटर 
  • 6. गुड़ – 480 ग्राम 
  • 7. धाय के फूल – 96 ग्राम

अर्जुनारिष्ट सिरप के फायदे – Arjunarishta syrup benefits in hindi 

प्रजनन क्षमता : अगर आप इसका सेवन लगातार  करते हैं, तो इसके सेवन से आपके वीर्य में काफी इजाफा करता है, इसके अलावा अगर आपका वीर्य पतला है, तो आपको इसका सेवन अवश्य कराना चाहिए. इसके अलावा अगर आपकी प्रजनन क्षमता कमजोर है, तो भी आपको इसका सेवन अवश्य करना चाहिए. 

रक्तचाप : अर्जुनारिष्ट सिरप रक्तचाप को नियंत्रित रखने में मदद करता है. अर्जुनारिष्ट सिरप कार्डियो-वैस्कुलर में काफी सुधार करता है. जिस वजह से हमारा रक्तचाप काफी नियंत्रित रहता है.  

अर्जुनारिष्ट सिरप का सेवन करने से दिल के बहुत से रोगों में काफी राहत मिलता है. और दिल भी काफी मजबूत होता है. जिससे अनेक प्रकार की बीमारियों से लड़ने में मदद मिलती है. 

अगर आपके पेशाब के साथ आपका धातु भी गिड़ता है, तो आपको इसका सेवन अवश्य करना चाहिए. इसके सेवन यह समस्या दूर हो जाती है. जिससे आप काफी अच्छा महसूस कर सकते है. इसके अलावा यह और भी कई प्रकार के गुप्त में रोगों में काफी कारगर है.

अर्जुनारिष्ट सिरप के नुकसान – Arjunarishta syrup side effect in Hindi

1. अर्जुनारिष्ट सिरप का सेवन हमेशा डॉक्टर की देखरेख में करना चाहिए. 

2. इसका सेवन हमेशा सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से कुछ नुकसान भी जो सकते हैं. 

3. मधुमेह रोगियों का इसका सेवन करने बचना चाहिए या उन्हे इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए. डॉक्टर के इजाजत के बिना इस दवा का सेवन नहीं करना चाहिए. 

4. 5 साल से कम उम्र के बच्चो को इसका सेवन करने से बचना चाहिए.

5. गर्भवती महिला को इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए. 

6. स्तनपान कराने वाली महिला को इसका सेवन करने से बचना चाहिए. 

अर्जुनारिष्ट सिरप की सेवन विधि – Arjunarishta syrupSevan vidhi in hindi

Arjunarishta syrup का सेवन आप खाना खाने के बाद कर सकते है. इसका सेवन एक दिन में दो बार कर सकते है. इसका सेवन आप सुबह नाश्ता करने के बाद और रात को खाना खाने के बाद कर सकते है. इसका सेवन आप दूध या पानी के साथ कर सकते हैं. लेकिन इसका सेवन करने से पहले आप अपने डॉक्टर से अवश्य संपर्क करें. 

अर्जुनारिष्ट सिरप के चिकित्सीय उपयोग – Arjunarishta syrup uses in hindi 

Arjunarishta syrup का सेवन से निम्न रोगों में किया जाता है. 

  • 1. हृदय रोग 
  • 2. दिल का दौरा 
  • 3. छाती का दर्द 
  • 4. सांस रोग 
  • 5. प्रजनन क्षमता को ठीक करने में 
  • 6. अस्थमा 
  • 7. अनिद्रा 
  • 8. उच्च रक्तचाप 

अर्जुनारिष्ट सिरप का मूल्य – Arjunarishta syrup price 

इसके एक शीशी का मूल्य ₹150 rupay है. एक शीशी में सिरप की मात्रा 450ml है. इससे आप ऑनलाइन स्टोर से आसानी से खरीद सकते है. यह amazon.in और 1mg.com पर बिक्री के लिए उपलब्ध हैं. इसे आप किसी भी दवाई दुकान से भी खरीद सकते हैं. इसके लिए आपको किसी डॉक्टर के पर्ची की आवश्यकता नहीं है. 

अर्जुनारिष्ट सिरप के बारे में डॉक्टर से पूछे गए सवाल और उनके जवाब 

Q1. अर्जुनारिष्ट सिरप का सेवन कितने दिनों तक करना चाहिए? 

Ans : अर्जुनारिष्ट सिरप का सेवन लगातार 4 से 6 हफ्ते तक किया जा सकता है. इससे अधिक इसका सेवन करने के लिए आपको डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए. 

Q2. अर्जुनारिष्ट सिरप का सेवन कब करना चाहिए? 

Ans : अर्जुनारिष्ट सिरप का सेवन खाना खाने के बाद करना चाहिए. खाना खाने से पहले इसका सेवन नहीं करना चाहिए. इससे आपको नुकसान हो सकता है. 

Q3. क्या अर्जुनारिष्ट सिरप के सेवन से मुझे इसकी लत लग सकती है?

Ans : नहीं. अर्जुनारिष्ट सिरप के सेवन से लत नहीं लगती है. यह पूरी तरह सुरक्षित और एक पूर्ण आयुर्वेदिक औषधि है. 

Q4. क्या अर्जुनारिष्ट सिरप सेवन शराब के साथ किया जा सकता है?

Ans : नहीं. अर्जुनारिष्ट सिरप का सेवन शराब के साथ नहीं किया जा सकता है. अर्जुनारिष्ट सिरप का शराब के साथ सेवन शरीर के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है. 

Q5. क्या अर्जुनारिष्ट सिरप के सेवन के बाद ड्राइविंग किया जा सकता है?

Ans : हां. अर्जुनारिष्ट सिरप का सेवन करने के बाद ड्राइविंग किया जा सकता हैं. यह इसका सेवन पूरी तरह सुरक्षित है. क्यूंकि इसका सेवन करने के बाद नींद नहीं आती है. 

Q6. क्या अर्जुनारिष्ट सिरप का सेवन बच्चो के लिए सुरक्षित है?

Ans : अर्जुनारिष्ट सिरप का सेवन केवल 5 साल से अधिक उम्र के बच्चो को ही कराना चाहिए. 5 साल से कम उम्र के बच्चो के लिए अर्जुनारिष्ट सिरप का सेवन सुरक्षित नहीं है. 

Q7. क्या अर्जुनारिष्ट सिरप का सेवन महिलाएं कर सकती है?

 Ans : हां. अर्जुनारिष्ट सिरप का सेवन महिलाएं कर सकती है. लेकिन इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए. गर्भावस्था के दौरान अर्जुनारिष्ट सिरप का सेवन करने से बचना चाहिए और स्तनपान कराने वाली महिला को अर्जुनारिष्ट सिरप का सेवन करने से पहले डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. 

Q8. क्या अर्जुनारिष्ट सिरप का सेवन गुनगुने पानी के साथ किया जा सकता है? 

Ans : अर्जुनारिष्ट सिरप ( Arjunarishta syrup ) का सेवन हल्के गुनगुने पानी के साथ किया जा सकता है. पानी के साथ इसका सेवन करने किसी तेज़ का हानिकारक प्रभाव नहीं पड़ता है. यह पूरी तरह सुरक्षित है. 

नोट : अर्जुनारिष्ट सिरप ( Arjunarishta syrup ) के बारे में कोई और प्रश्न है, तो हमे कॉमेंट बॉक्स में लिख कर जरूर बताएं. हम आपके सभी सवालों के जवाब देने की कोशिश करेंगे 

Related Articles

Back to top button