शायर को ही पता होता है कि हुस्न और रूप में छुपे हुए काव्यात्मक सौंदर्य को कहां, कब और कैसे प्रस्तुत करना है। वहीं, यदि बात हो ‘तिल’ की तो यह चेहरे पर सुंदरता को बढ़ाने का काम करता है, चाहे गाल पर हो या आंख पर। जब भी यह एहसास शायरी में समाहित होता है, तब आशिक इसे अपनी जुबान पर लगाने लगते हैं। यदि आपको भी अपने चेहरे के तिल की तारीफ शायरी के माध्यम से करना है तो यह लेख आपके लिए है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम लेकर आए हैं बिलकुल नए तिल स्टेटस और बेस्ट तिल शायरी हिंदी में।

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लेख की शुरुआत में हम प्रस्तुत कर रहे हैं बेस्ट तिल कोट्स और बेस्ट तिल शायरी हिंदी में।

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50+ बेस्ट तिल शायरी – Til Shayari in Hindi | तिल स्टेटस हिंदी में

यहां पर बेस्ट तिल शायरी हिंदी में दी जी रही है। इन बेस्ट तिल कोट्स और तिल शायरी का उपयोग आप अपने चहेते को संदेश के रूप में भेज कर कर सकते हैं। प्रस्तुत है बेस्ट तिल शायरी हिंदी में साथ ही तिल स्टेटस हिंदी में।

  1. अब मैं समझा तेरे रुखसार पे तिल का मतलब
    दौलत ऐ हुस्न पे दरबान बिठा रखा है।
  1. कहीं झुमके,बिंदी, आँखे और उनमे काजल का सहारा है,
    हमें तो उनके मासूम चेहरे पे नाक के तिल ने ही मारा है।
  1. एक तिल का पहरा भी जरूरी है लबो के आसपास,
    डर है कहीं तेरी मुस्कुराहट को कोई नजर ना लगा दे।
  1. हाय वो उसकी गर्दन का काला तिल,
    मजबूर कर देता है मेरे लबों को उस तक जाने में।
  1. उसके गोरे रंग पर वो नाजुक सा तिल,
    उफ्फ नजर की क्या बिसात की उसे लग जाये।
  1. छोटा था तो तिल के लड्डू पर मरता था,
    बड़ा हुआ तो उसके तिल पर मर बैठा।
  1. तेरे गुलाबी गुलाबी होठों के पास काला-काला तिल,
    इस काले-काले तिल ने चुराया मेरा दिल,
    पहले जीते थे हम बड़े आराम से लेकिन,
    अब तिल ने किया मेरा जीना मुश्किल।
  1. खामोश रहकर भी तीखा सवाल करता हैं,
    उसके होठों का तिल बड़ा बवाल करता हैं।
  1. तेरे होठों के नीचे ये जो काला तिल आता है,
    हर बार इसी नाचीज पर हमारा दिल आता हैं।
  1. तेरे होठो के नीचे का काला तिल बड़ा बवाल करता है,
    तेरी मासूमियत पे छिपी तेरी शैतानियों पर सवाल करता है।
  1. बड़े फक्र से उसके आरिज से हो गुजरा वो तिल बेबाक,
    बड़ा मेरे दिल का इकलौता रकीब हो निकला वो तिल।
  1. तू जो हर रोज नए हुस्न पर मर जाता हैं,
    अब तू बताएगा मुझे इश्क होता है क्या।
  1. अब मैं समझा तेरे रुखसार पे तिल का मतलब,
    दौलत ऐ हुस्न पे दरबान बिठा रखा है।
  1. कोई नगर निगम से बुलाएगा क्या,
    इस तिल को देखकर मेरा दिल डूबा जा रहा है।
  1. तुम छुपा लो अपनी गर्दन जुल्फों से तो बात बन जाये,
    यूं उस पर पड़े तिल पे नजर ठनी तो इश्क तो होगा ही।
  1. नशीली आंखें और ये माथे का तिल आपका,
    ऊपर से ये चेहरा आपका गुलाब हम क्या कहे।
  1. तू कातिल तेरा चेहरा कातिल,
    चेहरे का ये काला तिल भी कातिल,
    भूल कर भी कहीं तुम देख न लेना आईना,
    की कही मार ना दे कातिल को कातिल।
  1. बांधते शायरी में हो तिल को,
    क्या कोई रास आ गया दिल को,
    जानती हैं की अब विदाई हैं कश्तियाँ चूमती हैं साहिल को,
    काम सब हो गए मेरे आसां कौन समझेगा मेरी मुश्किल को
  1. मेरा अपना तजुर्बा है तुम्हें बतला रहा हूं,
    मैं कोई लब छु गया था तब से अब तक गा रहा हूं मैं।
  1. यही चेहरा यही आंखें यही रंगत निकले,
    जब कोई ख्वाब तराशूं तेरी सूरत निकले।
  1. तूने देखी है वो परेशानी वो रुखसार वो होंठ,
    जिंदगी जिसके तसव्वुर में लुटा दी हमने।
  1. ये जो तेरे गाल पर काला तिल है,
    पगली उसी पर आया मेरा दिल है।
  1. कातिल तिल ने किस सफाई से धोई है आस्तीं,
    उसको खबर नहीं की लहू बोलता भी हैं।
  1. गोरे-गोरे मुखड़े पर काला-काला तिल,
    ना जाने कितनों का दिल ले गया।
  1. कातिल नजर और उसके गाल पर तिल,
    आज तो बेमौत मर जायेगा मेरा दिल।
  1. उड़ने लगती हैं पतंग मेरे दिल की,
    जब बात हो तेरे होठों के गुड और गालों के तिल की।
  1. हम दोनों ने पहने हैं काले रंग के कपड़े,
    आज उसने मेरे तिल जैसे मैंने उसके दिल जैसे।
  1. उसकी सूरत पर यूं तो कोई दाग नहीं,
    पर उसके गालों पे जो काला तिल है वही मेरा दिल है।
  1. काला न कहो मेरे महबूब को,
    खुदा तो तिल बना रहा था स्याही का प्याला लुढ़क गया।
  1. हमसे तो तुम बाद में मिलाओगे नजरे ,
    पहले तो ये होंठ और तिल पर ही मर मिटोगे।
  1. उसे देख कर लड़खड़ा पड़ता हैं मेरा दिल,
    एक तो मासूम चेहरा और फिर चार चांद लगाता तिल।
  1. उसके गलों को एक नन्हे तिल को जगह मिली हैं,
    कमबख्त उसे दाग से भी खूबसूरती ही मिली हैं।
  1. मुझसे अच्छा तो तेरे होंठो पर निखरा तिल है,
    जब मुस्कुराती है तू दुनिया को नजर आता है।
  1. तुम्हारी आंखों ने तो हमें घायल किया ही था,
    कमबख्त होठ के ऊपर बैठे उस तिल ने तो हमारी जान ही ले ली।
  1. लाल होठों के लफ्जों पर हैं नुक्ते सा एक काला तिल,
    एक गजल जैसा वो चेहरा जिस पे आज नकाब नहीं।
  1. सौदेबाजी का हुनर तो कोई उनसे सीखे,
    गालों का तिल दिखाकर हमारे सीने से दिल ले गई।
  1. कमसिनी का हुस्न था वो ये जवानी की बहार था,
    यही तिल पहले भी रुख पर मगर कातिल न था।
  1. तेरे श्रृंगार में शामिल हो मेरा भी हिस्सा,
    तेरे चेहरे पर मैं भी कहीं तिल हो जाऊं।
  1. शायद हमारे पांव में तिल है कि आज तक,
    घर में कभी सुकून से दो दिन नहीं रहे।
  1. उनकी नाक के नीचे जो तिल सजाया है,
    लगता है कुदरत ने काला टीका लगाया है।
  1. अब क्या लिखूं तेरे तिल की तारीफ में मेरे हमदम,
    अलफाज कम पड़ जाते है तेरी मासूमियत देखकर।
  1. तुम्हारे गालों पर एक तिल का पहरा भी जरूरी है,
    डर है की इस चेहरे को किसी की नजर न लग जाए।
  1. आसमां में एक अजीब खलबली मची हुई है,
    लोग पूछ रहे हैं की ये जमीं पे कौन घूम रहा है,
    एक चांद सा खूबसूरत चेहरा और उस पर तिल लिए हुए।
  1. हाय ये नज़ाकत ये शोखियां ये तकल्लुफ़, ये हुस्न ये तिल,
    कहीं तू मेरी शायरी का कोई हसीन लफ्ज़ तो नहीं।
  1. मेरी आंखों को जब उनके तिल का दीदार हो जाता है,
    दिन कोई भी हो मेरे लिए त्यौहार हो जाता है।
  1. तुम्हें अपनी पलकों पर बिठाने को जी चाहता है,
    अब तो तेरी बाहों से लिपटने को जी चाहता है,
    खूबसूरती की जीती जागती मिसाल है तुम्हारा तिल,
    तुम्हें अपनी जिंदगी बनाने को जी चाहता है।
  1. हम आज उसके तिल और मासूमियत के कायल हो गए,
    उसकी सिर्फ एक नजर से ही घायल हो गए।
  1. वो मुझसे रोज़ कहती थी मुझे तुम चांद ला कर दो,
    आज उन्हें एक आईना देकर अकेला छोड़ आया हूं।
  1. इस तिल पे कौन न मर जाए ऐ खुदा,
    लड़ते हैं और हाथ में तलवार भी नहीं।
  1. तुम्हारे तिल को देखा तो मुझे मोहब्बत समझ में आयी,
    वरना औरों से ही तुम्हारी तारीफ सुना करते थे।
  1. गिरता जाता है चेहरे से नकाब आहिस्ता-आहिस्ता,
    दिख जाता है चेहरे का तिल और आफताब अहिस्ता-अहिस्ता।
  1. वो अपने चेहरे में सौ आफताब रखते हैं,
    इसलिए तो तिल को छुपाने वो नकाब रखते हैं,
    वो पास बैठे हो तो आती है प्यार की खुशबू,
    वो तो अपने होठों पर खिलते गुलाब रखते हैं।
  1. हमें बदलना नहीं आता इस मौसम की तरह,
    हम तो हर मौसम में तेरा ही इंतज़ार करते है,
    तुम कभी नहीं समझ सकोगे मेरे इस प्यार को,
    लेकिन हम तो कयामत तक तुमसे ही प्यार करते है।
  1. किसी खुबसूरत इन्सान से मोहब्बत नही होती,
    बल्कि आपको जिस इन्सान से मोहब्बत होती है,
    वही इंसान आपको खूबसूरत लगने लगता है।
  1. क्यों मदहोश कर रही है मुझे तेरी मौजूदगी,
    कहीं मुझे तुमसे प्यार तो नहीं हो रहा है।
  1. वो वक्त भी और वो लम्हे भी अजीब होंगे,
    दुनिया में हम सबसे ज्यादा खुशनसीब होंगे,
    हम आपको कितना याद करते हैं रातों दिन,
    वो क्या लम्हा होगा जब आप हमारे करीब होंगे।

महबूबा के चेहरे का तिल कातिलाना और प्यारा हो, तो बेझिझक उनकी तारीफ कर दें। उनके तिल की तारीफ में शायरी का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए इस लेख में दी गई तिल पर शायरी की मदद ले सकते हैं। इन शायरियों को मैसेज के माध्यम से भी भेज सकते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि इस लेख में मौजूद तिल पर शायरियां और कोट्स आपको पसंद आए होंगे।

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