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स्ट्रेस फ्री हो एग्जाम की तैयारी

स्ट्रेस फ्री एग्जाम युक्तियाँ

स्ट्रेस फ्री एग्जाम टिप्स :- जैसे-जैसे परीक्षाएं नजदीक आने लगती है, बच्चों के साथ-साथ अभिभावकों का भी स्ट्रेस लेवल बढ़ने लगता है. मानसिक स्तर पर होने वाली थकान का सीधा असर शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ता है. 

इस कारण बच्चों के स्लीपिंग पैटर्न, खाने पीने में बदलाव और एकाग्रता में कमी आने लगती है. ऐसे में अगर परीक्षा के दौरान उनके मेंटल हेल्थ के साथ फिजिकल फिटनेस पर भी ध्यान दिया जाए, तो ना तो बच्चा बीमार पड़ेगा, ना ही सुस्ती महसूस करेगा. उसके अंदर का कॉन्फिडेंस लेवल भी बढ़ेगा, जो उसे बेहतर स्कोर करने में मदद करेगा. 

सेहत पर भी करे फोकस 

एग्जाम के दिनों में तनाव हो जाना स्वाभाविक है, मगर खुद को कूल डाउन रखने के लिए एक बैलेंस रूटीन बनाए, तो यह बच्चों पर हावी नहीं होता. 

वहीं इन दिनों में सेहत को नजरअंदाज करने से हो सकता है कि बच्चों को कई तरह की परेशानियों से जूझना पड़े, जैसे- सिर दर्द, मांसपेशियों में तनाव व शरीर का दर्द, भूख में बदलाव दिखना, पेट में दर्द, कब्ज या डस्ट, अनिद्रा, चिड़चिड़ा होना, मोड में बदलाव और एकाग्रता बनाए रखने में परेशानी होना. 

ऊपर से बेहतर इसको करने का दबाव होने चिड़चिड़ा बना देता है. ऐसे में बेहद जरूरी है कि पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों की सेहत पर भी फोकस किया जाए. परीक्षा के दौरान बच्चों की सेहत बनाए रखने में पैरेंट्स की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है.

डाइट का रखें विशेष ध्यान 

परीक्षा के दौरान बच्चों का खाना पीना सबसे ज्यादा नजर अंदाज होता है, बच्चे भी इस दौरान पैरंट्स से जंक फूड खाने की फरमाइश करते हैं.
परीक्षा के दौरान बच्चों को बैलेंस डाइट बेहद जरूरी है, साथ ही तरल पदार्थों का सेवन भी वे अधिक मात्रा में करें, यह भी ध्यान दें. हेल्थी फूड खाने से ना सिर्फ स्मरण शक्ति बढ़ती है, साथ ही वे फिट भी महसूस करते हैं. बच्चों के खाने पीने की आदतों में आप बदलाव कर सकते है.

रूटीन डाइट

नाश्ते में ओट्स, मुसली, उपमा, खिचड़ी, इडली, पोहा, ढोकला आदि शामिल करें. दोपहर के भोजन में सलाद, दाल, दही, हरी सब्जी, व रोटी. रात के खाने में सूप और सब्जी के साथ रोटी दे सकते हैं या वेजिटेबल दलिया. रात का खाना हल्का ही रखें. 

ये चीजें दूर भगाएगी सस्ती

बच्चे के लिए ताजे फल और हरी सब्जियां खाना बेहद जरूरी है. प्रोटीन का सेवन इस दौरान अधिक मात्रा में करना चाहिए, क्योंकि यह रक्त और मस्तिष्क में टायरोंसीन को बढ़ाता है, जो तंत्रिका कोशिकाओं के निर्माण में सहायक है. 

साथ ही बच्चों को सतर्क और चुस्त बनाए रखता है. बच्चे को थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पौष्टिक आहार दें. ज्यादा मात्रा में भोजन करने से नींद और सुस्ती आ सकती है. पोस्टिक आहार में ताजे फल, सूखे मेवे, सहज सूप और सलाद आदि अच्छे विकल्प है. स्ट्रेस फ्री एग्जाम टिप्स

खाने में विटामिन को शामिल करें. परीक्षा के तनावपूर्ण समय के दौरान पानी में घुलनशील कुछ विटामिंस जैसे विटामिन बी कंपलेक्स और विटामिन सी शरीर के लिए आवश्यक होते हैं. 

यह मूल रूप से तनाव से लड़ने में मदद करते हैं. दूध, दही और अंडा दे. बदलते मौसम में नींबू पानी पीना स्वास्थ्य के लिए अच्छा है. साथ ही छाच, ताजे फलों का रस और थकान दूर करने के लिए हर्बल टी दे सकते हैं. बहुत अधिक चीनी और मीठे चीजें ना दें, जिससे सुस्ती घेर सकती है.

सेट करें एक रूटीन 

परीक्षा की तैयारियों के दौरान क्योंकि बच्चा अधिकांश समय घर में ही होता है, इसलिए उसका रूटीन बिगड़ जाता है. वह देर रात तक जागता है और सुबह जल्दी नहीं उठ पाता. जब मन होता है खाता है, नहाता है. चुकी स्कूल नहीं जाना होता, तो पेरेंट्स भी बेफिक्र होते हैं कि नाश्ते खाने की कोई जल्दी नहीं. 

परीक्षा के दौरान एक रूटीन सेट करना निहायत जरूरी है. बच्चा सुबह उठे और रात को समय से सोए. पढ़ाई का पहला जो भी टारगेट बनाया उसकी टाइमिंग 45 मिनट रखें. इससे बोरियत नहीं होगी. टारगेट पूरा होने से आत्मविश्वास भी बढ़ेगा. इससे उसके अंदर एक सक्रियता बनी रहेगी, जिस की इस समय बेहद जरूरत होती है.

तनाव को ऐसे रखें दूर 

परीक्षा की तैयारियों के दौरान अनावश्यक तनाव को खुद पर हावी ना होने दें. तनाव से दूर रहने के लिए पर्याप्त नींद सबसे जरूरी है. रोज 6 से 8 घंटे की नींद जरूर लें. स्ट्रेस फ्री एग्जाम टिप्स

अन्यथा एकाग्रता व स्मरण शक्ति पर इसका दुष्प्रभाव पड़ेगा. परीक्षा की तैयारियों के दौरान पेरेंट्स घर में हंसी मजाक का वातावरण बनाए रखने की कोशिश करें. विद्यार्थियों को पढ़ाई से वक़्त निकाल कर थोड़ा बहुत खेलना चाहिए. 

अभिभावकों को खास सलाह है कि वह अपने बच्चों पर अच्छे अंक लाने या अपनी अपेक्षाओं का अनावश्यक पोस्ट ना डालें.  स्ट्रेस फ्री एग्जाम टिप्स

आंखों में तनाव होने का एक कारण यह होता है कि आप देर तक अंधेरे में पढ़ते हैं. इसलिए कमरे में पर्याप्त प्रकाश होना चाहिए. कंप्यूटर पर काम करते समय मॉनिटर को इस प्रकार रखें कि आप खिड़की के बगल में बैठ सके.

कंप्यूटर पर एंटी ग्लेयर स्क्रीन लगाएं और अगर बाहर का प्रकाश काम ना किया जा सके, तो कंप्यूटर हुद का प्रयोग करें. चश्मे में anti-reflective कोटिंग लगवाएं. इससे आपकी आंखों को सीधे तौर पर क्षति नहीं होगी.

प्रत्येक 30 मिनट में कम से कम 10 बार ऐसे पलक झपकाएं. पढ़ते समय और कंप्यूटर पर काम करते समय कुर्सी की लंबाई सही ढंग से रखें, जिससे गर्दन पीठ दर्द ना हो.

अगर आंखों में दर्द या तनाव महसूस हो तो नेत्र रोग विशेषक की सलाह ले. लगातार देर तक पढ़ना किसी भी तरह से आंखों की सेहत के लिए अच्छा नहीं. पढ़ते वक्त आंखों और किताबों की दूरी कम से कम 14 इंच हो. विशेषज्ञ की परामर्श पर रोज कम से कम 30 मिनट आंखों का व्यायाम करें.

खास डाइट्री निर्देश

हरी पत्तेदार सब्जियों और फलों को आहार में शामिल करें. गरिष्ठ और बाहरी खाद्य पदार्थों का सेवन ना करें. देर रात तक जागने के लिए कई परीक्षार्थी चाय कॉफी का सहारा लेते हैं, जो ठीक नहीं. गर्म दूध, हेल्थ ड्रिंक या सूप पिएं.

परीक्षा के दौरान रखे आंखों का भी ख्याल 

परीक्षा नजदीक आते ही विद्यार्थियों में चिंता बढ़ने लगती है. बच्चे अपने स्कूल या कॉलेज में सफल होने के लिए अधिक से अधिक समय पढ़ाई को देते हैं. इसके लिए कई बार वे खाना पीना भी छोड़ कर सिर्फ किताबों में ही घुसे रहते हैं. 

अच्छे अंक जो लाने होते हैं. इस कारण उनकी सेहत के साथ आंखों पर भी काफी दुष्प्रभाव पड़ता है. चूंकि प्रत्येक छात्र के लिए अच्छी दृष्टि बेहद महत्वपूर्ण होती है और हमें हर समय हर काम को सही ढंग से करने के लिए आंखों की जरूरत होती है. स्ट्रेस फ्री एग्जाम टिप्स

हमें अपनी आंखों का ख्याल रखना आना चाहिए. कई बार हम अपने शरीर को तो भी स्वस्थ रखने की और सजग रहते हैं, मगर आंखों की समस्या को अधिकांश हल्के में ले लेते हैं. हम शरीर के लिए हर प्रकार का व्यायाम जिम, योग, तैराकी, ब्रह्मण आदि करने के लिए तैयार रहते हैं, लेकिन आंखों के लिए कुछ भी नहीं करते.

अपनी आदतों और सुविधाओं के अनुसार परीक्षा जी जान से पढ़ाई में जुटे रहते हैं. कुछ विद्यार्थी देर रात तक जाग कर किताबों में सिर खापाते हैं, तो कुछ सुबह जल्दी उठकर पढ़ने बैठते हैं.  

उचित मार्गदर्शन और जानकारी के अभाव में दिन-रात पढ़ाई में जुटे रहना विद्यार्थियों की सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है, और वह परेशानी में पड़ सकते हैं. इसके लिए उन्हें अंतिम समय में पर एक परीक्षा की तैयारी सोच समझकर करनी चाहिए.

यहां हम आपको आंखों के तरफ को दूर करने का आसान तरीका बता रहे हैं, जो आपकी पढ़ने की क्षमता को बढ़ाने में आपकी मदद करेंगे.

पामिंग 

आराम अवस्था में बैठकर दोनों हथेलियों को इस प्रकार राग्रे कि वे गरम हो जाए. फिर आंखों को बंद कर अपने हाथों से उन्हें ढक दें. लेकिन, अपनी आई बाल पर कोई बदलाव ना डालें.

अपनी हथेलियों को आंख पर इस प्रकार रखें कि आंखें ढकी रहे. ध्यान रखें कि आपकी उंगलियों के बीच में जरा भी अंतर ना रहे, ताकि आंखों पर थोड़ा सा भी प्रकाश ना पड़े.

धीरे-धीरे गहरी सांस लें. इसी अवस्था में तीन से 5 मिनट तक आराम करें. फिर आंखों से हाथ हटा लें. इस व्यायाम को 3 मिनट तक या उससे अधिक भी कर सकते हैं.

ज़ूम इन ज़ूम आउट एक्सरसाइज 

सबसे पहले किसी दूर की चीज को ध्यान से देखें और फिर तुरंत बहस पास रखी किसी चीज पर अपना ध्यान लगा दे. फिर कुछ सेकंड तक यहां देखें और दोबारा दूर वाली चीज पर अपनी नजर घुमा दे. इस प्रक्रिया को 5 बार दोहराए|

कंप्यूटर पर देर तक काम करते हुए बीच-बीच में अपनी नजर दूर तक दौड़ा कर वहां कुछ देर के लिए ध्यान लगाए. इससे आपको फायदा होगा आंखों का तनाव भी दूर होगा.

ध्यान एक्सरसाइज 

अपनी आंखों के सामने हाथ में एक पेंसिल रखें. फिर धीरे-धीरे हाथ को अपनी नाक तक ले जाएं. पेंसिल को तब तक ध्यान से देखते रहे जब तक कि आप उस पर पूरी तरह से फोकस ना कर लें. इसे 10 दोहराएं. आपकी आंखों की वे मांसपेशियां मजबूत होंगी, जो ध्यान लगाने में मददगार होती है.

आंखों की रोशनी बढ़ाए एकपादासन 

सीधे खड़े हो जाएं और शरीर को संतुलित रखते हुए दाएं पैर को घुटने से मोड़ें और पंजे को बाएं पैर की जांग के मूल में लगाएं. एक पैर पर संतुलन बनाए. 

आप दोनों हाथों को प्रार्थना मुद्रा में ले आए. 30 सेकंड तक इसी स्थिति में रहे. पैर बदलकर यह क्रिया दोहराएं. इस आसन से मानसिक तनाव दूर होगा. शरीर चुस्त रहेगा. गुस्सा पर नियंत्रण पा सकेंगे. आंखों की रोशनी बढ़ाने के साथ स्मरण शक्ति बढ़ाने में भी सहायक है.

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