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इस महामारी में सुनिश्चित करें सेफ़ व हेल्दी फूड

सामान्य दिनों के मुकाबले महामारी के समय में सेफ़ व हेल्दी फूड को सुनिश्चित करना और भी जरूरी हो जाता है. खासकर covid-19 के संक्रमण से बचाव के लिए फूड्स की खरीदारी में अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए. इस वर्ष संयुक्त राष्ट्र द्वारा दूसरा ‘फूड सेफ्टी डे’ मनाया जा रहा है, जिसका थीम है – ‘फूड सेफ्टी, सभी का दायित्व’.

वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे 

कोरोना वायरस की महामारी में स्वास्थ्य विशेषण खान-पान की चीजों में अतिरिक्त स्वच्छता बरतने का सुझाव दे रहे हैं. यह सिर्फ covid-19 में ही नहीं हर प्रकार के रोगों के से बचाव के लिए जरूरी है.

सेफ़ व हेल्दी फूड के मद्देनजर 7 जून 2020 को दूसरा ‘वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे’ मनाया जाएगा. United Nations general assembly की ओर से दिसंबर 2018 में हर साल 7 जून को ‘वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे’ मनाने का फैसला लिया गया था. 

2019 में पहले सफल आयोजन के बाद लोग इसे लेकर काफी जागरूक हुए हैं. इस वर्ष का थीम है- ‘फूड सेफ्टी, सभी का दायित्व’ लक्ष्य है. वैश्विक खाद्य सुरक्षा के बारे में लोगों और नीति निर्माताओं को जागरुक करना. 

वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे का उद्देश्य 

हम जो भोजन खाते हैं, वह पूरी तरह से सुरक्षित और पोस्टिक हो. भोजन से संबंधित बीमारियों का खतरा कम से कम हो. इसका लक्ष्य खाद सुरक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक समृद्धि और सतत पोषणीय विकास को सुनिश्चित करना है. 
हेल्थी फ़ूड हमारे शरीर को ऊर्जा और पोषण देता है. बेहतर खानपान के जरिए ही हम अपनी इम्यूनिटी को मजबूत कर पाते हैं. फूड सेफ्टी हम सभी का सामूहिक दायित्व है.

उत्पादक, उपभोक्ता और सरकार के साझा प्रयास से ही इसके लक्ष्य को पूरा किया जा सकता है. ‘वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे’ के माध्यम से डब्ल्यूएचओ का प्रमुख लक्ष्य खाद्य पदार्थों से होने वाली बीमारियों के बोझ को कम करना है, ताकि एक स्वस्थ समाज का निर्माण हो. 

लोगों में जागरूकता जरूरी

डब्ल्यूएचओ के अनुसार दुनिया भर में हर साल 60 करोड़ मामले खाने से जुड़ी बीमारीयों के होते हैं. खाद्य पदार्थों से होने वाली बीमारियां बैक्टीरिया, वायरस, परजीवी या रासायनिक पदार्थों से दूषित भोजन या पानी के जरिए शरीर में पहुंचने से होती है. इसलिए हम सभी की जिम्मेदारी है कि फूड सेफ्टी को सुनिश्चित करें, ताकि स्वास्थ्य जीवन जी सकें.

संक्रमण काल में कैसी हो आपकी दिनचर्या

कोरोना वायरस से बचाव के लिए विशेषज्ञ बार-बार रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की सलाह दे रहे हैं, ताकि हमारा शरीर इस महामारी से मुकाबला कर सके.

इसके लिए योग-व्यायाम के साथ संतुलित जीवन शैली को अपनाना भी अत्यंत आवश्यक है. प्राकृतिक चिकित्सा के अंतर्गत बताई गई दिनचर्या का अगर हम पालन करें, तो ना केवल संक्रमण काल बल्कि ताउम्र हम स्वस्थ जीवन व्यतीत कर सकेंगे. 

प्राकृतिक चिकित्सा

प्राकृतिक चिकित्सा प्रणाली एक रचनात्मक विधि है, जिसका लक्ष्य प्रकृति में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध तत्वों के उचित इस्तेमाल द्वारा रोग का मूल कारण समाप्त करना है.

यह न केवल एक चिकित्सा पद्धति है, बल्कि मानव शरीर में उपस्थित आंतरिक महत्वपूर्ण शक्तियों या प्राकृतिक तत्वों के अनुरूप एक स्वस्थ जीवनशैली जीने के लिए प्रेरित करना है. 

यह एक सुंदर जीवन कला तथा विज्ञान में एक संपूर्ण क्रांति है. प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति के अंतर्गत रसायन मुक्त भोजन के सेवन की सलाह दी जाती है, जो उचित विधि से पकाई गई हो. 

विशेषकर ताजे फल तथा कच्ची व हल्की पकी सब्जियां विभिन्न रोगों के समन में निर्णायक भूमिका निभाती है. हम यह जानते हैं की corona के संक्रमण काल में एक आदर्श जीवन शैली कैसी होनी चाहिए, ताकि हमारा शरीर इस महामारी से लड़ने में सक्षम हो सके. 

सेफ़ व हेल्दी फूड

सुबह से लेकर रात्रि तक ऐसा हो खानपान व संयमित दिनचर्या

सुबह का समय

प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में जागने के बाद नींबू जल का सेवन करें. शौच क्रिया से निर्वित होकर आधा घंटा या 1 घंटा वायु सेवन करें. वायु सेवन से तात्पर्य है खुले में टहलना व फेफड़ों में स्वच्छ वायु भरना.

तत्पश्चात 1 घंटा योगाभ्यास करें. जिसमें 5 मिनट ध्यान, 15 मिनट व्यायाम, 20 मिनट आसन व 20 मिनट प्राणायाम करें. वृद्ध व्यक्ति अपनी क्षमता अनुसार ही अभ्यास करें, फिर आधे घंटे बाद स्नान करें.

अगर गर्म पानी से स्नान करते हैं, तो अंत में ठंडा पानी का सेवन अवश्य करें, क्योंकि गर्म पानी के स्नान से त्वचा शुष्क पड़ जाती है, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी आती है. 

सुबह का नाश्ता 8:00 से 9:00 बजे के बीच अवश्य करें, जिसमें एक मुट्ठी अंकुरित अनाज के साथ कोई भी एक मौसमी फल व दूध का छेना गुड़ के साथ ले सकते हैं.

दोपहर का समय 

दोपहर का भोजन 12:00 बजे से पहले करें. भोजन में 80% छारीय एवं 20% अमलीय आहार ले. क्षारीय भोजन से तात्पर्य है चोकर समेत आटे की रोटी, बिना पॉलिश का चावल, छिलके वाली दाल, हरी सब्जी एवं सलाद. 
सलाद को काटने के बाद गर्म पानी से बस से धोएं, ताकि कीटाणु नष्ट हो जाएं. खाने के साथ ढाई सौ ग्राम दही का छाछ एवं अलसी का पाउडर भी ले सकते हैं. फिर 3:00 से 4:00 के बीच मौसम अनुसार कोई फल या नारियल का पानी वेजिटेबल सूप या उबला अंकुरित अनाज ले. 

संध्या का समय 

शाम 5:00 से 6:00 के बीच 30 मिनट आसन, 20 मिनट प्राणायाम व 10 मिनट ध्यान करें. रात्रि का भोजन 8:00 से 9:00 के बीच करनी चाहिए. इसमें चोकर समेट आटे की रोटी, कम तेल, न्यूनतम मिर्च मसाले में बनी सब्जी ले. 

सेफ़ व हेल्दी फूड खाने के 20 मिनट बाद हल्दी मिला एक गिलास दूध पिएं. उसमें चीनी के बजाय गुड़ डालें. रात्रि 10:00 से 10:30 के बीच आवश्यक सो जाएं. 

परहेज : डिब्बाबंद आहार, बाहर का खाना, पॉलिश्ड चावल, मैदा, रिफाइंड ऑयल, चीनी से जितना संभव हो, परहेज रखें. इस प्रकार दिनचर्या अपनाकर हम corona महामारी से लड़ने में सक्षम हो सकते है. 

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