Home Disease नेत्रहीन बना सकता है रेटिनल डिटैचमेंट - retinal detachment - othershealth

नेत्रहीन बना सकता है रेटिनल डिटैचमेंट – retinal detachment – othershealth

Retinal detachment
Retinal detachment

रेटिनल डिटैचमेंट ( retinal detachment in Hindi )

रेटिनल डिटैचमेंट – उम्र बढ़ने के कारण आंखों में कई प्रकार की समस्याएं शुरू हो जाती है. ऐसी ही एक गंभीर समस्या है- रेटिनल डिटैचमेंट. इसमें आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचता है. अतः लक्षण दिखते ही डॉक्टर से संपर्क करें.

यह एक गंभीर समस्या है. इसमें रेटीना के टिशू ब्लड वेस्लेस के पास से खिसक जाते हैं. इन्हीं ब्लड वेसलेस से रेटिना को ऑक्सीजन और पोषण मिलता है. रेटिनल डिटैचमेंट के कारण रेटिना की कोशिकाओं में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है.

यदि यह समस्या लंबे समय तक रहती है और उसका उपचार नहीं किया जाता है, तो इसके कारण प्रभावित आंखों की रोशनी अस्थाई रूप से जा सकती है. इस समस्या के लक्षण इसके शुरू होने के साथ ही पता चल जाते हैं. जितनी जल्दी इसका इलाज शुरू हो जाता है, उतनी जल्दी दृष्टि को बचाया जा सकता है.

रेटिनल डिटैचमेंट के लक्षण ( retinal detachment symptoms in Hindi )

इस रोग में किसी प्रकार का दर्द नहीं होता है. लेकिन इस रोग के कारण होने वाले लक्षण इसके गंभीर होने से पहले ही नजर आने लगते हैं, जिससे इसे शुरुआत में ही पहचाना जा सकता है.

आंखों के सामने बहुत सारी आकृतियों का तैरना जैसे छोटी-छोटी बिंदिया या बाल जैसे आकृतियों का दिखाई देना, यह पलक झपकआने से पहले ही गायब हो जाते हैं. प्रभावित आंखों के सामने अचानक से रोशनी चमकने जैसा एहसास होना.

जैसे-जैसे डिटैचमेंट बढ़ता जाता है वैसे-वैसे प्रभावित आंखों के हिस्से धुंधले दिखाई देने लगता है. क्योंकि यह एक गंभीर रोग है और इसके कारण आपकी आंखों की रोशनी स्थाई रूप से जा सकती है. अतः लक्षण दिखते ही डॉक्टर से संपर्क करें.

रेटिनल डिटैचमेंट के कारण ( reason of retinal detachment in Hindi )

हमारी आंखों में विट्रियस नामक जेल जैसा एक द्रव भरा होता है. इसके सिकुड़ने के कारण भी यह समस्या हो सकती है. इसके अलावा चोट लगने, डायबिटीज के बढ़ने और आंखों की किसी अन्य समस्या के कारण भी हो सकता है.

कभी-कभी विट्रियस रेटिना की सतह से अलग हो जाता है. इस अवस्था को पोस्टीरियर विट्रियस डिटैचमेंट कहते हैं. इसे विट्रेयस कॉलेप्स भी कहते हैं.

रेटिनल डिटैचमेंट के जांच व उपचार ( retinal detachment testing and treatment in Hindi )

इसकी रोग की जांच के लिए आपथैलोंमस्कोप और अल्ट्रासोनोग्राफी की जाती है. रोग सुरुवाती स्टेज में हो, तो इससे बचने के लिए लेजर सर्जरी का सहारा लिया जाता है. यदि होल हो गया हो तो ले जा की सहायता से छेद वाली जगह को ब्लॉक कर दिया जाता है.

इसके अलावा क्रायोपेक्सी का सहारा भी लिया जाता है यदि रेटीना दिताचेड चुका हो, तो डॉक्टर इसके लिए विभिन्न सर्जरी की सहायता लेते हैं. इसके लिए न्यूमेटिक रेटिनोपेक्सी का सहारा लिया जाता है.

कभी-कभी आंखों में मौजूद द्रव को भी बदला जाता है. इस प्रक्रिया को वितरेक्टोमी कहते हैं. सर्जरी के करीब 2 सप्ताह बाद मरीज अपना सामान्य कामकाज कर सकते हैं.

इन मामलों में अधिक आशंका

यह रोग मुख्य रूप से बुजुर्गो को परेशान करता है. 40 से अधिक उम्र के लोगों को अधिक खतरा है. जिन्हें पहले कभी एक आंख में रेटिनल डिटैचमेंट हुआ है.

यदि रोगी को मयोपिया ( दूर की चीजे न देख पाना ) हुआ हो. पहले आंखों की सर्जरी हुआ हो. आंखो में कभी गंभीर चोट लगी हो. आंखो का कोई अन्य रोग हुआ हो.

Reference

Health Expertshttps://othershealth.in
Health experts: आजकल की जीवनशैली ऐसी है की लोग विभीन्न तरह की बीमारियों से पीड़ित है और दवा लेते लेते थक चुके है। Othershealth.in के माध्यम से आप अच्छे से अच्छा घरेलू उपचार और चिकित्सा कर सकते है। हम Doctors and Experts की टीम है,जिसमे चिकित्सा विशेषज्ञ के द्वारा यह जानकारी दी गयी है की हम एक अच्छी और स्वस्थ जीवन कैसे जी सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read

क्या हो आपकी आपकी हेल्दी डाइट – national nutrition week

national nutrition week - नेशनल न्यूट्रिशन वीक स्वस्थ रहने के लिए पोषक खुराक शरीर की पहली जरूरत है, जिसे...

प्रीमेच्योर डिलीवरी होने के कारण, लक्षण व बचने के उपाय – premature delivery ...

कई बार अनेक कारणों से बच्चे का जन्म समय पूर्व हो जाता है. ऐसे शिशु को गर्भ...

हैपेटाइटिस : प्रकार, लक्षण, कारण, उपचार और दवा – hepatitis symptoms in Hindi

हैपेटाइटिस - hepatitis in hindiदुनिया में हर 12वां व्यक्ति हेपेटाइटिस से पीड़ित है. इसके पीड़ितों की संख्या कैंसर या एचआईवी पीड़ितों से भी...

थकान दूर कैसे करें और खुद को स्वस्थ कैसे रखे – How to relieve fatigue and keep yourself healthy

आज हर व्यक्ति अपने जीवन यापन के लिए दिन-रात कार्य में व्यस्त है. इस कार्य में उसके पास अपने लिए भी समय...