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ना हो प्रीमेच्योर मोनोपॉज बचाव के लिए उठाए कदम – premature menopause – othershealth

Premature menopause
Premature menopause

प्रीमेच्योर मोनोपॉज ( premature menopause in Hindi )

असमय मेनोपॉज होने से अक्सर महिलाएं डिप्रेशन में चली जाती है और कई अन्य बीमारियां से घिर जाती है. इन एक्टिव लाइफ स्टाइल और खानपान में गड़बड़ी भी प्रीमेच्योर मोनोपॉज का कारण बनती है. बेहतर है कि समय रहते कुछ उपायों को अपनाएं और इस समस्या से बचें.

आमतौर पर मोनोपॉज 45 से 50 की उम्र में होता है. यदि यह 40 वर्ष से पहले हो तो इसे प्रीमेच्योर मेनोपॉज कहते हैं. देर से शादी, प्रेगनेंसी और कैरियर सेंट्रिक होने के कारण या समस्या हो सकती हैं.

साथ ही प्रदूषण, तनाव, बीमारी, खराब लाइफस्टाइल और अनहेल्दी खानपान जैसे कारणों से भी या समस्या हो सकती है. इन सबके अलावा कुछ अन्य कारणों से भी प्रीमेच्योर मेंनोपॉज हो सकता है.

प्रीमेच्योर मेनोपॉज से बचाव

संतुलित carbohydrate का सेवन : आपके शरीर को 40 से 50% कार्बोहाइड्रेट की जरूरत होती है. आप तुरंत एनर्जी देने वाले खाद पदार्थ का सेवन ना करें. सिंपल कार्बोहाइड्रेट की बजाय अपने आहार में कॉन्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट को शामिल करें. लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले आहार को भोजन में शामिल करें.

फॉलिक एसिड ले : फॉलिक एसिड को अपने आहार में शामिल करने से भी जल्द मेनोपॉज को रोका जा सकता है. साथ ही पौष्टिक आहार का सेवन करें, क्योंकि प्रजनन काल में भ्रूण के मस्तिष्क और स्पाइन के विकास के लिए इसका सेवन जरूरी होता है. इसके लिए आप हरी पत्तेदार सब्जियां प्रचुर मात्रा में खाएं.

नियमित एक्सरसाइज करें : अगर आपको ज्यादातर बैठकर काम करना पड़ता है, तो नियमित रूप से एक्सरसाइज करें. युवावस्था में 1 घंटे तक एक्सरसाइज जरूर करें और मध्य व्यस्क महिला कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज करें. इसमें आप योग, जोगिंग, जिमिंग किसी भी एक्सरसाइज को शामिल कर सकते हैं.

आहार में प्रोटीन अधिक लें : डायट में प्रोटीन और ट्रांस फैट को शामिल करने से मांसपेशियों की ग्रोथ होती है. आहार में इनको शामिल करने से पहले इस बात का ध्यान रखें कि या पॉलीअनसैचुरेटेड एसिड होना चाहिए जो शरीर के कार्यों को सही तरह से करने में मदद करें.

साथ ही जितना हो सके अपने डाइट में ताजे फल और सब्जियों को शामिल करें, जिससे आपको विटामिन और पौष्टिकता भरपूर मात्रा में मिल सके. इन उपायों को अपनाकर आप समय से पहले होने वाले मेनोपॉज की समस्या से आसानी से बच सकती है. समस्याओं से बचाव के लिए डॉक्टर के संपर्क में रहना चाहिए.

प्रीमेच्योर मेनोपॉज के कारण

जिसका प्रीमेच्योर मोनोपॉज की फैमिली हिस्ट्री रही हो, यानी मां को हुआ हो, तो बेटी में भी होने की आशंका होती है. थायराइड रोग के कारण यदि हार्मोनल बदलाव हो, तो इससे भी प्रीमेच्योर मेनोपॉज की आशंका हो सकती है.

अधिक वजन भी इस समस्या का कारण बन सकता है. कैंसर ट्रीटमेंट के दौरान कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी हुआ हो तब. एक स्टडी के अनुसार परफ्यूम, लिपस्टिक, फेस क्रीम, आदि के अधिक प्रयोग से मेनोपॉज 4 साल पहले हो सकता है.

सेक्स ड्राइव में कमी मेनोपॉज की वजह

रॉयल सोसायटी ओपन साइंस नामा जनरल में प्रकाशित एक रिसर्च रिपोर्ट की मानें, तो जिन महिलाओं का सेक्स लाइफ ठीक है या जो अपने दंपत्ति जीवन में सेक्स के प्रति रुचि रखती है, उनमें पीरियड्स के बंद होने की संभावना कम होती है.

हफ्ते में एक बार सेक्स करने वाली महिलाओं में पीरियड्स की संभावना महीने में एक बार संभोग करने वाली औरतों से 28 से अधिक कम होती है. शोधकर्ताओं का मानना है कि संभोग में नियमित रहने से शरीर के आंतरिक अंगों को यह संकेत मिलता है कि गर्भवती होने की संभावना है.

वही अध्ययन में कहा गया है कि जो महिलाएं मिडलाइफ में बार-बार संभोग नहीं करती है, उन में जल्द मेनोपॉज देखने को मिलती है. यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन की अध्ययन करता मेगन ऑर्नेट ने कहा, अध्ययन के निष्कर्ष बताते हैं कि अगर कोई महिला यौन संबंध नहीं बना रही है और गर्भधारण का कोई मौका नहीं है, तो शरीर अंडोत्सर्ग बंद हो कर देता है क्योंकि या व्यर्थ होगा.

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि अंडोत्सर्ग के दौरान महिला की प्रतिरक्षा क्षमता बिगड़ जाती है, जिससे शरीर में बीमारी होने की संभावना अधिक होती है. यह शोध 2936 महिलाओं से एकत्र किए गए आंकड़ों पर आधारित है.

शोध में महिलाओं से कई सवाल किए गए, जिसमें या भी शामिल था कि पिछले 6 महीनों में उन्होंने अपने साथी के साथ संभोग किया है या नहीं. संभोग करने के अलावा उनसे पिछले छह महीनों के दौरान कामोत्तेजना से जुड़े अन्य प्रश्न भी किए गए, जिनमें यौन स्पर्श और आत्म उत्तेजना आदि के बारे में विस्तृत जानकारी ली गई.

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