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द्राक्षासव सिरप के फायदे, उपयोग और दुष्प्रभाव – Drakshasava syrup uses, benefits and side effect in Hindi

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1 द्राक्षासव सिरप – Drakshasava syrup in hindi

द्राक्षासव सिरप – Drakshasava syrup in hindi

दोस्तो आज हम इस आर्टिकल में द्राक्षासव सिरप के बारे में जानने की कोशिश करेंगे. द्राक्षासव सिरप के बारे में आपको विस्तार से जानकारी देने की कोशिश करेंगे हमारे एक्सपर्ट. आज हम द्राक्षासव सिरप के उन सभी पहलू पर बात करेंगे, जिसको लोग गूगल पर बहुत अधिक सर्च करते हैं. या उस सामग्री की पूरी जानकारी लेने की कोशिश करते हैं. द्राक्षासव सिरप के फायदे, नुकसान, सेवन विधि, तासीर और बनाने की विधि. इन सभी पर विस्तार से जानने की कोशिश करेंगे.

द्राक्षासव सिरप क्या है? – what is Drakshasava syrup in hindi

द्राक्षासव सिरप एक आयुर्वेदिक औषधि है. जो टॉनिक के रूप में उपलब्ध है. द्राक्षासव सिरप का मुख्य रूप से उपयोग पेट से संबंधित सभी प्रकार के रोगों के लिए किया जाता है. इसका मुख्य घटक द्राक्षा है. अंगूर को ही संस्कृत में द्राक्षा कहते है. 

द्राक्षासव सिरप पाचन तंत्र के बहुत ही लाभदायक औषधि है. जो पेट के लगभग समस्याओं मैं कारगर है. इसके लगातार सेवन से व्यक्ति को बहुत से समस्याओं से छुटकारा मिलता है. रोगी व्यक्ति इस दवा का सेवन करने के बाद अंदर से बहुत अच्छा महसूस करता है. 

काम काजी लोगों काम की वजह से सही से अपना खान पान नहीं कर पाते हैं. जिसकी वजह से उनके पेट का पूरा सिस्टम गड़बड़ा जाता है. जिसकी वजह से उनको बहुत सी पेट की समस्याओं का सामना करना पड़ता है. जैसे – पेट में गैस, बदहजमी, अपच, भूख ना लगना और पेट में दर्द की समस्या होने लगती है. 

इन सभी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए आपको रोजाना 2 चम्मच सुबह और रात में द्राक्षासव सिरप का सेवन करना चाहिए. द्राक्षासव सिरप के सेवन से आपको उन सभी समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं. लेकिन इसके सेवन से पहले आपको एक बार आपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. उसके बाद ही इस सिरप का सेवन करना चाहिए. 

द्राक्षासव सिरप के घटक द्रव्य – Drakshasava syrup ingredients in hindi

द्राक्षासव सिरप को बनाने में बहुत से घटक द्रव्य का इस्तेमाल किया जाता है. उनमें से सबसे प्रमुख घटक द्रव्य द्राक्षा या जिसे आप अंगूर के नाम से भी जानते हैं. इसके अलावा द्राक्षासव सिरप में और भी बहुत से घटक द्रव्य का इस्तेमाल किया जाता है. 

1. द्राक्षा ( अंगूर ) – 2.4 केजी

2. गुड़ 9.6 केजी

3. इलायची 48 ग्राम 

4. नागकेसर 48ग्राम 

5. पिर्यंगु 48ग्राम 

6. तेजपाता 48ग्राम 

7. दालचीनी 48ग्राम 

8. पीपली 48ग्राम

9. विडंग 48 ग्राम 

10. गोलकी 48ग्राम 

 11. धातकी पुष्प 240ग्राम

द्राक्षासव सिरप की सेवन विधि – Drakshasava syrup uses in hindi 

द्राक्षासव सिरप के सेवन विधि की बात करे, तो आप इसे एक दिन मैं दो बार ले सकते हैं. आप इसे एक दिन में दो बार सुबह और शाम को ले सकते हैं. इसका सेवन आप बच्चे को भी करा सकते हैं. लेकिन जिस बच्चे को आप द्राक्षासव सिरप को सेवन कराना चाहते हैं. उसकी उम्र 10 साल से अधिक होनी चाहिए. 

10 साल से कम उम्र के बच्चो के लिए यह नुकसानदेह हो सकता है. इसका सेवन हमेशा खाना खाने के बाद ही करना चाहिए. खाना खाने से पहले इसका सेवन करने से पेट में जलन कि समस्या उत्पन हो सकती है. इसलिए द्राक्षासव सिरप का सेवन करते वक्त कुछ सावधानी बरतनी भी जरूरी है.

द्राक्षासव सिरप के चिकित्सीय उपयोग – Drakshasava syrup uses in hindi

 द्राक्षासव सिरप के बहुत से चिकित्सीय उपयोग है. उन सभी रोगों का वर्णन नीचे किया गया है. इससे आपको फायदा यह होगा कि आप जान सकेंगी, कि किस बीमारी मैं द्राक्षासव सिरप का सेवन करना चाहिए और किस बीमारी में नहीं करना चाहिए. 

1. द्राक्षासव सिरप का उपयोग बवासीर के इलाज के रूप में भी किया जाता है. क्यूंकि यह बवासीर नाशक होता है. 

2. जिस व्यक्ति को नींद की समस्या होती है. उनको भी द्राक्षासव सिरप का सेवन कराया जाता हैं. 

3. द्राक्षासव सिरप आलस्य और थकान को दूर करने में भी बहुत कारगर है. 

4. द्राक्षासव सिरप का उपयोग पीलिया रोग मैं भी किया जाता है. 

5. पेट में गैस को समस्या होने पर. द्राक्षासव सिरप का सेवन कराया जाता है. 

6. अगर पेट में कीड़े हो जाते हैं, तो ऐसे में द्राक्षासव सिरप का सेवन कराया जाता है. 

7. पाचन शक्ति को मजबूत बनाने के लिए भी द्राक्षासव सिरप का सेवन किया जाता है.

द्राक्षासव सिरप बनाने की विधि – Drakshasava syrup bnane ki vidhi

द्राक्षासव सिरप को बनाने की विधि काफी आसान है, इसे कोई भी आसानी से घर पर भी बना सकता है. अगर आपको द्राक्षासव सिरप बनाने की विधि नहीं पता, तो आज हम आपको द्राक्षासव सिरप बनाने की विधि के बार में भी बताएंगे. 

1. सबसे पहले आपको मुनक्का को अच्छी तरह से मसल लें. ताकि उसके ऊपर का छिलका हत जाए. उसके बाद आप इसे किसी बर्तन में अच्छी तरह से पानी में डालकर उबाल लें. उबाल लेने के बाद आप उबला हुआ पानी को पहले ठंडा कर लें. उसके बाद आप मुनक्का को अच्छी तरह से छान लें. याद रखे पानी अच्छी तरह सूख जाएं. तभी इसको छाने. 

2. अब इसी छाने हुए पानी में मिश्री और शहद को भी डाल दे. इसके अलावा और जितने भी घटक के बारे में आपको बताया गया है. सीमित मात्रा में इसको भी इस पानी मैं दाल दें. उसके बाद आप इस बर्तन में ऊपर से कपूर और चंदन की धूनी को भी इस बर्तन में डाल दें. 

3. उसके बाद आप इस बर्तन को अच्छी तरह से ढक दें. याद रखे इसमें वायु अंदर नहीं जाना चाहिए. वायु को अंदर जाने से रोकने के लिए आप गीले आते का भी प्रयोग कर सकती है. इसके वायु जाने से इसके खराब होने का खतरा बहुत अधिक होता है. 

4. इसके। आद आप इस बर्तन को 30 से 45 दिनों के लिए किसी सुरक्षित जगह पर रख दें. उसके बाद आप इसे किसी बोतल में छान लें. उसके बाद आप इसका सेवन कर सकती है. 

द्राक्षासव सिरप के फायदे – Drakshasava syrup benefits in hindi

द्राक्षासव सिरप के फायदे बहुत है. उन सभी फायदों के बारे में हम नीचे विस्तार मैं जानने की कोशिश करेंगे, हमारे एक्सपर्ट डॉक्टर्स द्वारा. 

1. यह लिवर को मजबूत बनाकर कब्ज की समस्या को ठीक करने में बहुत मदद करता है. 

2. अगर आपके सीने में जलन की समस्या हो, तो आपको द्राक्षासव सिरप का सेवन करना चाहिए. इसके सेवन से सीने में जलन की समस्या दूर होती है. 

3. पेट के गैस की समस्या से परेशान व्यक्ति को एक बार द्राक्षासव सिरप का सेवन करके देखना चाहिए. क्यूंकि इसके सेवन से गैस की समस्या से छुटकारा मिलता है. 

4. द्राक्षासव सिरप शरीर की कमजोरी को दूर करने में बहुत मदद करता है. जिससे शरीर में फिर से ताक़त आ जाती है. यह शरीर को मजबूत करने के साथ साथ पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाता है. 

5. द्राक्षासव सिरप के सेवन के बाद आप अंदर से अपने अंदर ताज़गी का एहसास होगा. जिससे आप पहले से बेहतर तरीके से किसी भी काम को करेंगे. 

6. अगर आपको भूख नहीं लगती है, तो आपको द्राक्षासव सिरप का सेवन करना चाहिए. इससे पाचन तंत्र ठीक होता है और भूख की समस्या से छुटकारा मिलता है. 

7. द्राक्षासव सिरप के लगातार सेवन से पीत कि समस्या से भी छुटकारा मिलता है. 

8. द्राक्षासव सिरप आम दोष की समस्या से भी छुटकारा मिलता है. आम दोष के कारण आप हर समय किसी ना किसी बीमारी से ग्रस्त रहते हैं. ऐसे में अगर आप द्राक्षासव सिरप का सेवन रोजाना 2 बार करते हैं, तो यह आपके सभी प्रकार के आम दोष को दूर करता है. जिससे आप बहुत से बीमारियों से निजात पा सकते हैं.

9. अगर आप कब्ज की समस्या से परेशान है, तो आपको द्राक्षासव सिरप का सेवन अवश्य करना चाहिए. इसके सेवन से कब्ज की समस्या भी दूर होती है.

द्राक्षासव सिरप के नुकसान – Drakshasava syrup side effect in Hindi

द्राक्षासव सिरप की कोई साइड इफेक्ट तो नहीं है. लेकिन इसका सेवन कभी भी अधिक मात्रा में नहीं करना चाहिए. द्राक्षासव सिरप का अगर आप अधिक मात्र में सेवन करते हैं, तो इससे आपके पेट में जलन कि समस्या उत्पन्न हो सकती है. इसके अलावा अगर आपको इसमें मौजूद किसी घटक से एलर्जी है, तो इसके सेवन आपको बचना चाहिए, या आपको इसका सेवन चिकित्सक की देखरेख में करना चाहिए. इसके अलावा गर्भावस्था के दौरान द्राक्षासव सिरप के सेवन से बचना चाहिए. 

द्राक्षासव सिरप का मूल्य – Drakshasava syrup price

द्राक्षासव सिरप के मूल्य की बात करे, तो इसके 450ग्राम शीशी की कीमत ₹100 rupay है. और यह आपको कहीं भी किसी भी दवाई दुकान पर मिल जाएगा. या फिर आप इसे किसी भी ऑनलाइन स्टोर से खरीद सकते है. आप की जानकारी के आप को बता देना चाहते हैं, द्राक्षासव सिरप का निर्माण कई कंपनियां करती है. जैसे – डाबर और बैद्यनाथ.

द्राक्षासव सिरप के बारे में डॉक्टर से पूछे गए सवाल और उनके जवाब 

Q1. द्राक्षासव सिरप का सेवन कितने दिनों तक करना चाहिए? 

Ans : द्राक्षासव सिरप का सेवन हमेशा खाना खाने के बाद करना चाहिए. एक दिन में आप द्राक्षासव सिरप का सेवन 2 बार कर सकते हैं. इससे अधिक सेवन करने से पहले आपको डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए. 

Q2. द्राक्षासव सिरप का सेवन कब करना चाहिए? 

Ans : द्राक्षासव सिरप का सेवन आपको कितने दिनों तक करना चाहिए. इसके लिए आपको डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए. बिना डॉक्टर के सलाह के इसका सेवन करने से बचना चाहिए. 

Q3. क्या द्राक्षासव सिरप का सेवन शराब के साथ किया जा सकता है? 

Ans : नहीं. द्राक्षासव सिरप का सेवन आप किसी भी प्रकार से शराब के साथ नहीं कर सकते हैं. ऐशा करने पर यह आपके शरीर पर साइड इफेक्ट भी दिखा सकता है. जिससे आपको हानि पहुंच सकती है. इसलिए द्राक्षासव सिरप को शराब के साथ सेवन नहीं करना चाहिए. 

Q4. क्या द्राक्षासव सिरप के सेवन से मुझे इसकी लत लग सकती है? 

Ans : नहीं. द्राक्षासव सिरप का सेवन आप बिना किसी परेशानी के कर सकते हैं. इसके सेवन से लत लगनकी संभावना बहुत कम है. क्यूंकि यह पूरी तरह से एक आयुर्वेदिक औषधि है. 

Q5. क्या द्राक्षासव सिरप का सेवन करने के बाद ड्राइविंग किया जा सकता है? 

Ans : हां. द्राक्षासव सिरप का सेवन करने के बाद आप आसानी से ड्राइविंग कर सकते हैं. बिना किसी परेशानी के आप कोई भी मसीनारी चला सकते हैं

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