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क्या हो आपकी आपकी हेल्दी डाइट – national nutrition week

national nutrition week – नेशनल न्यूट्रिशन वीक

स्वस्थ रहने के लिए पोषक खुराक शरीर की पहली जरूरत है, जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज करते हैं. यह एक सीधा गणित है कि जितना आप अपने शरीर आहार में पौष्टिकता का ध्यान रखेंगे. उतना ही बीमारी से दूर रहेंगे. यह भी सही है कि पोस्टिक आहार का विकल्प फूड सप्लीमेंट नहीं हो सकता. पूरे परिवार के खानपान में पौष्टिकता को बढ़ावा देने के लिए ही यह सप्ताह नेशनल न्यूट्रिशन वीक ( national nutrition week ) ( 1-7 September ) के रूप में मनाया जाता हैं. परिवार में किसके लिए क्या हो हेल्दी डाइट, बता रहे हैं दिल्ली के प्रतिष्ठित डाइटिशियन. 

शरीर के समुचित विकास के लिए सही मात्रा में पोषक तत्वों का मिलना जरूरी है. इनकी कमी से आगे कई प्रकार की बीमारियां शरीर को घेर लेती है.

स्वस्थ रहने के लिए पोस्टिक डाइट प्लान क्यों जरूरी है? – swasth rahne ke liye diet plan Kiya ho

भारत में कुपोषण एक गंभीर समस्या है. बचपन से ही यदि बच्चा कुपोषण का शिकार होता है, तो उसका मानसिक व शारीरिक विकास रुक जाता है. वहीं भारतीय महिलाएं भी परिवार की चिंता से अपनी चिंता करना भूल जाती है. अतः वे भी अक्सर कुपोषण का शिकार हो जाती है, जबकि बुजुर्गों में उम्र बढ़ने के कारण शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है. इस कारण वे भी रोगों से ग्रसित हो जाते हैं. इन सभी को स्वस्थ रहने के लिए पोस्टिक डाइट प्लान अपनाना जरूरी होता है.

कैसी हो बच्चों कि डाइट चार्ट – children weight loss diet chart in Hindi

बच्चों को न्यूट्रीशन की जरूरत अधिक होती है, क्योंकि इन्हीं पर उनका शारीरिक और मानसिक विकास टिका होता है. पर्याप्त पोषण मिलने से ही बच्चों का इम्यूनिटी सिस्टम ठीक रहता है, जिससे संक्रमण और बीमारियां जैसे बच्चों को चपेट में नहीं ले पाते हैं. बच्चों के भोजन में माताओं को इन पोषक तत्वों को जरूर शामिल करना चाहिए. 

कार्बोहाइड्रेट और फैट : बच्चों की ग्रोथ के लिए आवश्यक एनर्जी, कार्बोहाइड्रेट से प्राप्त होती है. इसके अलावा शारीरिक विकास के लिए भी उतना ही जरूरी है. 

प्रोटीन : प्रोटीन शरीर में टिशु के निर्माण और उसके रिपेयर में भी अहम भूमिका निभाता है. विकसित हो रहे बच्चों के लिए इसका सेवन जरूरी है. इससे शारीरिक रचना का विकास होता है. दाल, मछली, अंडे, दूध की आदि प्रोटीन के मुख्य स्रोत है. 

विटामिन और मिनरल्स : विटामिन्स और मिनरल्स शरीर की ग्रोथ के साथ शरीर को मजबूत भी बनाते हैं. विकसित हो रहे शरीर में मौजूद हड्डियों और दातों के लिए कैल्शियम भी अधिक जरूरी होती है. 

दूध पनीर केला आदि से या भरपूर मात्रा में पाया जाता है. आयरन खून की कमी को दूर करता है. यह ध्यान और एकाग्रता बढ़ाने में भी मददगार करता है. पत्तेदार सब्जियां, बींस, मछली, मांस आदि इसके प्रमुख स्रोत हैं. फल और सब्जियां कई विटामिंस और मिनरल्स के अच्छे स्रोत हैं.

भोजन में इन्हे करे शामिल : 5 वर्ष की आयु से लेकर 12 वर्ष की आयु तक के बीच बच्चे का शारीरिक और मानसिक विकास तेजी से होता है. अतः ऐसे बच्चों को दिन में कम से कम चार या पांच बार भोजन करना चाहिए. आटा हर दिन अलग-अलग इस्तेमाल करें.

फिर मिक्स आटा भी प्रयोग कर सकते हैं, जैसे गेहूं के आटे के अलावा दलिया, मक्के का आटा, ब्राउन राइस भी इस्तेमाल करें. खाने में हरी सब्जी जरूर हो, क्योंकि इनमें से अनेक पौष्टिक तत्वों की पूर्ति होती है. सब्जियां बदल-बदल कर खाने में इस्तेमाल कर सकते हैं. प्रतिदिन ताजा फलों का भी भोजन में शामिल करें.    

क्या करें जब बच्चे ना खाना चाहए पोस्टिक खाना? – Kiya kare jab bacha khane nahi khaye 

अक्सर पेरेंट्स की शिकायत रहती है कि बच्चे पौष्टिक खाना खाने से कतराते हैं. पोष्टिक आहार के बदले वे फास्ट फूड और अन्य खाद्य पदार्थ तो खाना ज्यादा पसंद करते हैं. आप बच्चे को पौष्टिक आहार के प्रति आकर्षित करने के लिए विभिन्न तरीके अपना सकती है. जिसका उदाहरण नीचे दिया गया.  

1. बच्चों को प्यार से पौष्टिक आहार और फास्ट फूड के बीच अंतर समझाएं और बताएं कि स्वस्थ रहने के लिए पोष्टिक आहार कितना जरूरी है. 

2. उन्हें उनके आइडियल जैसा बनने के लिए पोस्टिक आहार खाने की सलाह दें.

3. कई बार बच्चों को कोई विशेष खाड पदार्थ पसंद नहीं आता है. यदि ऐसा है, तो आप उस चीज से कोई अन्य चीज बनाकर खिला सकते हैं. जैसे अक्सर बच्चे दूध से परहेज करते हैं. मगर खीर को पसंद करते हैं. ऐसे में बच्चों को खीर का सेवन करने दें. 

4. यदि बच्चा फास्ट फूड खाना पसंद करता है, तो फास्ट फूड भी हेल्दी हो. इसके लिए विशेष तैयारी कर ले. आप बच्चों के लिए कुछ स्पेशल बना सकती हैं, जो बच्चों को फास्ट फूड भी लगे और उनकी सेहत के लिए भी सही हो. जैसे आप घर पर सब्जियों का पास्ता, वेज सैंडविच आदि बनाकर बच्चों को खिला सकती है. 

बुजुर्गो के लिए क्या हो डायट प्लान – old age man diet chart in Hindi

उम्र बढ़ने के साथ-साथ के कार्य करने की शक्ति में गिरावट आती है. इसलिए उन्हें पोड़ लोगों में से अधिक विटामिनों और खनिजों की जरूरत पड़ती है.

भोजन को तीन समूहों में बांटे : ऊर्जा देने वाले भोजन, शरीर पुष्ट करने वाले भोजन और रक्षात्मक. हर बार भोजन करते समय इन तीनों समूह को बारी-बारी से शामिल करें. ऊर्जा देने वाले भोजन में मुख्यता कार्बोहाइड्रेट और वसायुक्त खाना होता है जैसे- साबुत अनाज, साबुत दालें, सब्जियों और फलों जैसे शकरकंद आदि. वसा के स्रोत में तेल, घी और मक्खन है. लेकिन इन्हें कम लेना चाहिए.

शरीर को पुष्ट करने वाले भोजन में प्रचुर प्रोटीन जैसे- दालें, अंडे, मछली, दूध और दुग्ध उत्पाद हैं. ये मांसपेशियों और अंगों के निर्माण में सहायक है, जो कमजोरी को दूर करते हैं. प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं. 

रक्षात्मक भोजन : रक्षात्मक भोजन में खनिजों और विटामिनों की प्रचुरता होती है. वे शरीर को संक्रमण से बचाते हैं और रोग प्रतिरोधक प्रणाली को मजबूती प्रदान करते हैं. ऐसे भोजन में शरीर के लिए आवश्यक तत्वों की पूर्ति होती है. यह खून की कमी को दूर करते हैं रोगों से बचने के में मदद करते हैं.

फल और सब्जियों में ऐसे पोषक तत्व और एंटी ऑक्सीडेंट पर्चुर होते हैं. मिश्रित अनाज ले यानी एक बार खाने में चावल, दूसरी बार चपाती ले. विभिन्न प्रकार की दाले खाएं, जैसे विटामिन सी प्रचुर का होता है. मगर पाचन संबंधी समस्या हो, तो राजमा सोयाबीन या साबुत उड़द का प्रयोग ना करें. इनके सेवन से गैस एसिडिटी की समस्या होती है.

महिलाओं का क्या हो डाइट प्लान – female weight loss diet chart in Hindi

पूरे घर के कामकाज की जिम्मेदारी अक्सर महिलाओं पर होती है. ऐसे में वे अपने खान-पान पर ध्यान नहीं देती और बीमार पड़ जाती है. उनके बीमार होने से पूरे परिवार को परेशानी होती है. अतः इन्हें भोजन में अवश्य शामिल करें. 

हरी पत्तेदार सब्जियां : पालक, मेथी, बटुआ, चुकंदर आदि को खाने में नियमित रूप से शामिल करें. यह आयरन की कमी को दूर कर एनीमिया से छुटकारा दिलाते हैं इतना ही नहीं हरी सब्जियों के सेवन से कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन और पोटेशियम की कमी भी दूर होती है. 

साबुत अनाज : साबुत अनाज खाएं, इससे हाइपरटेंशन डायबिटीज आदि बीमारियां दूर रहेंगी. अंकुरित चना का सेवन करें. इससे प्रोटीन और विटामिन की जरूरत पूरी होगी. 

नट्स : बादाम, काजू, अखरोट, मूंगफली आदि का सेवन करें. इनमे प्रोटीन के साथ विटामिन बी और ई होते हैं. यह आपके स्वास्थ्य को मेंटेन रखने में काफी कारगर साबित होंगे. 

दही : एक कटोरी दही कई रोगों से लड़ने में कारगर है. दही का सेवन रोज करने से शरीर में लाभदायक बैक्टीरिया की संख्या बढ़ेगी, जो विभिन्न बीमारियों से लड़ने में मदद करेंगे.

फल और दूध : प्रतिदिन एक फल जरूर खाए. इनमें एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो स्वस्थ रखते हैं दूध में कैल्शियम होता है, जो ऑस्टियोपोरोसिस से बचाता है.

खाने के 5 स्मार्ट तरीके. – khana khane ka sahi tarika 

सीमित मात्रा में करें फैट का प्रयोग : अधिक मात्रा में फैट का प्रयोग समय के साथ बूढ़ा बनाता है. यह ऐसे हार्मोन के निर्माण को बढ़ाते है. जिनसे टाइप-टू डायबिटीज होने का खतरा बढ़ता है. इससे हृदय और दूसरे अंग भी डैमेज होते हैं. इसलिए – 

1. लो फैट डेरी प्रोडक्ट खाएं 

2. ऑलिव ऑयल का सेवन करें. 

3. नट्स मूंगफली, बादाम में शरीर के लिए फायदेमंद फैट होते हैं. इसे खाना आपकी सेहत के लिए बहुत जरूरी है.

4. रेड मीट इग्नोर करे. 

चीनी का सेवन कम करें : त्वचा पर उम्र का असर ग्लाईकेसन पर्किर्या के कारण होता है. इसमें ब्लड शुगर महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. 1 दिन में व्यक्ति को लगभग 200 कैलरी जितनी चीनी की आवश्यकता होती है इसलिए – 

1. शुगर युक्त सॉफ्ट ड्रिंक्स और फलों के जूस के बजाय सीधे फलों का सेवन करें.

2. आलू में छिपी मात्रा में शुगर की अत्यधिक मात्रा होती है. इनका सेवन कम ही करना चाहिए.

नमक का सेवन कम करें : नमक के अधिक प्रयोग से हाइपरटेंशन का खतरा होता है. इसमें मौजूद सोडियम हड्डी पर भी बुरा प्रभाव डालता है. एक स्वस्थ व्यक्ति को आठ से 10 ग्राम नमक का सेवन प्रतिदिन करना चाहिए. इसलिए – 

1. ताजे फलों और सलाद का सेवन करें. इनसे प्राकृतिक रूप से नमक मिलता है. 

2. स्वाद के लिए नमक का इस्तेमाल करने के बजाय अन्य खाद्य पदार्थ जैसे- पुदीना और रोजमेरी का इस्तेमाल कर सकते हैं.

विटामिंस और मिनरल्स : विटामिंस और मिनरल्स की पूर्ति हरी सब्जियों और फलों से होती है. प्रतिदिन पांच फलों और सब्जियों का सेवन स्वस्थ और युवा बनाए रखता है. इसलिए – 

1. नियमित मल्टी विटामिन और मिनरल्स का डोज लें. 

2. विटामिन बी और बी सिक्स में एंटी एजिंग गुण होते हैं. इसका प्रयोग अधिक से अधिक करें 

3. विटामिन सी त्वचा के निर्माण में सहायक होते हैं. 

4. मेनोपॉज के बाद महिलाएं डॉक्टर की सलाह से आयरन सप्लीमेंट ले.

ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं : पानी का सेवन अधिक करने से शरीर में मौजूद विष और अवांछित पदार्थ बाहर निकलते हैं. रोज कम से कम 8 से 10 गिलास पानी पीना आवश्यक है. इसलिए  – 

1. नींबू पानी, हरी और काली मिर्च, आंवला जूस का सेवन करें. 

2. व्यायाम से पहले और बाद में अतरिक्त पानी अवश्य पिएं. 

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