कोरोना वायरस के बारे में शायद मुझे आपको बताने की जरुरत नहीं है जिसने देश की आर्थिक इस्थिति को पूरी तरह से हिला कर रख दिया है जिसके बारे में किसी को भी अंदाज़ा नहीं था इससे होने वाली हानि में लोगो ने गंध की क्षमता में कमी महसूस की पर इसके पीछे का कारण क्या है यह हर कोई जानना चाहते है और इस आर्टिकल में हम मूल रूप से यही जानने वाले है की आखिर ऐसा क्यों हो रहा है तो जानने के लिए आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़े |

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इन्फ्लुएंजा का सामान्य लक्षण है गंध की हानि 

स्वाद और सूंघने की क्षमता में कमी इन्फ्लूएंजा के साथ-साथ कई अन्य वायरस का भी सामान्य लक्षण है, लेकिन यह कोरोना वायरस का यह सबसे आम लक्षण रहा। 

कोरोना संक्रमित मरीजों की सूंघने की क्षमता क्यों कम होने लगी इस बात का खुलासा अब हो चुका है। दरअसल हाल ही में किए गए एक अध्ययन में इस बात को समझाया गया है कि आखिर कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज की सूंघने की क्षमता क्यों कम हो रही है। 

पहले, वैज्ञानिकों का मानना था कि COVID-19 में गंध की कमी सूजन और ऑल्फेक्ट्री डायफंक्शन को नुकसान के कारण होती है। लेकिन, एक नए अध्ययन ने मेडिकल इमेजिंग से सबूत इकट्ठा किए, जो इस ओर इशारा करते हैं कि गंध का नुकसान नाक के मार्ग में सूजन और रुकावट के कारण होता है। 

जानिए क्या कहता है अध्ययन? 

यह अध्ययन सिंगापुर के शोधकर्ताओं द्वारा किया गया। जिसको द लैरींगोस्कोप में प्रकाशित किया गया है। स्टडी में शामिल शोधकर्ताओं ने कोरोनोवायरस रोगियों के इमेजिंग परीक्षणों के माध्यम से पाए जाने वाले ऑल्फेक्टरी स्ट्रक्चर में परिवर्तन पर चिकित्सा साहित्य का विश्लेषण किया। और इस बात का पता लगाया कि आखिर कोरोना वायरस संक्रमण से संक्रमित मरीजों में सुनने की क्षमता क्यों कम हो जाती है। 

इस अध्ययन को करने के लिए यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर के शोधकर्ताओं द्वारा कोविड-19 के रोगियों के इमेजिंग परीक्षण को समझा गया। जिसके बाद ऑल्फेक्टरी स्ट्रक्चर्स में परिवर्तन देखे गए। जिन लोगों में परिवर्तन रिपोर्ट किए गए उनके लिए चिकित्सा साहित्य की खोज की गई।

एक ऑल्फेक्टरी क्लेफ्ट असामान्यता का प्रसार COVID-19 और ऑल्फेक्टरी डायफंक्शन (63%) के रोगियों में नियंत्रण (4%) के विपरीत लगभग 16 गुना अधिक था। ऑल्फेक्टरी दरारें हवा के अणुओं को संवेदी ऑल्फेक्टरी न्यूरॉन्स तक पहुंचने के लिए एक महत्वपूर्ण चैनल देती हैं, जो मस्तिष्क से जुड़ती हैं ताकि व्यक्ति को गंध का अनुभव हो सके।

क्या है इस बारे में विशेषज्ञों की राय 

सिंगापुर विश्वविद्यालय के प्रमुख लेखक क्लेयर जिंग-वेन टैन कहते हैं,”हमें लगता है कि यह उन रोगियों के लिए अच्छी खबर है, जो अपनी गंध की भावना को ठीक करना चाहते हैं क्योंकि इन रुकावटों के समय के साथ हल होने की उम्मीद नज़र आई है। जबकि तुलना में तंत्रिका क्षति की संभावना से उबरना अधिक कठिन है। ये निष्कर्ष उन लोगों के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार नहीं हो सकते हैं, जो लंबे समय तक ऑल्फेक्टरी रोग से पीड़ित हैं। हालांकि, इस समूह के रोगियों का मूल्यांकन करने वाले आगे के अध्ययन अधिक जानकारी प्रदान कर सकते हैं।”

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