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प्रजनन क्षमता को प्रभावित करती है हाई इन्सुलिन डोज – insulin overdose – othershealth

Types Of Insulin And What Are The Differences | OneTouch®
Insulin overdose

हाई इंसुलिन डोज ( insulin overdose in Hindi )

इंसुलिन – महिला हो या पुरुष लंबे समय की डायबिटीज दोनों की प्रजनन क्षमता पर गहरा असर डालती है. इंसुलिन का स्तर शरीर में हारमोंस को अनियंत्रित करती है, जो बाद में एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरोन और टेस्टरॉन आदि हारमोंस की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर इनफर्टिलिटी का कारण बनती है.

हाई बॉडी मास इंडेक्स वाली महिलाओं में टाइप-2 डायबिटीज का खतरा ज्यादा होता है, जिससे उनमें पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम और डिस्मेटाबॉलिक सिंड्रोम का जोखिम रहता है.

यह सभी चीजें मिलकर महिलाओं में इनफर्टिलिटी का कारण बनती है. हाई शुगर लेवल के कारण महिलाओं के गर्भ में भ्रूण प्लांट करना संभव नहीं होता है, जिससे कमजोर प्रजनन क्षमता और गर्भपात की संभावनाएं बढ़ जाती है.

डायबिटीज नसों को डैमेज करती है

डायबिटीज नसों को डैमेज करती है, जिससे पुरुषों की प्रजनन क्षमता गंभीर रूप से प्रभावित होती है. एक हालिया अध्ययन के अनुसार आईवीएफ ट्रीटमेंट से गुजर रहे चार सौ पुरषों में से 280 पुरुष इरेक्टाइल दिसफंक्शन की समस्या से प्रभावित थे, जबकि 160 डायबिटीज के मरीज थे.

इसके अलावा यह भी पाया गया कि लंबे समय की अनियंत्रित डायबिटीज शुक्राणु के डीएनए को डैमेज करती है, परिणाम स्वरूप उनकी जीवनसाथी गर्भधारण नहीं कर पाती है.

युवाओं को गिर रहा है टाइप-1 डायबिटीज

हाई इंसुलिन प्रतिरोध व अन्य जोखिम कारको के बारे में जागरूकता के साथ दंपतियों के लिए गर्भधारण करना संभव हो सकता है. हालांकि t 2 dm को नियंत्रित किया जा सकता है, लेकिन टाइप-1 डायबिटीज विशेष रूप से युवाओं के बीच एक आम समस्या बनी हुई है.

जो समय के साथ धीरे-धीरे गंभीर रूप लेती जा रही है t 2 dm को नियंत्रित किया जा सकता है, शुगर के स्तर को संतुलित करके शरीर का वजन जरूरत के अनुसार कम किया जा सकता है.

कई अनुसंधान से यह साबित हो गया है कि कम वजन वाली महिलाओं की तुलना में मोटी महिलाओं को गर्भधारण करने में ज्यादा समस्या आती है. स्वस्थ जीवनशैली और फिट शरीर के साथ इस प्रकार की बीमारियों की रोकथाम करना संभव है.

पुरुषों की सेक्स लाइफ कैसे होती है प्रभावित

हाई शुगर लेवल से टेस्टोस्टरॉन कम मात्रा में बनता है. शरीर में एस्ट्रोजन की अधिक मात्रा और टेस्टोस्टेरोन की कम मात्रा के कारण शुक्राणु की संख्या कम होने लगती है, जिससे पुरुषों की सेक्स लाइफ प्रभावित होती है.

दरअसल पुरुषों की लिंग की नसें डैमेज होने से इजैक्युलेशन में समस्या होने लगती है. डायबिटीज के कारण डैमेज हुई नसों के कारण मूत्राशय को नियंत्रण में रखना मुश्किल हो जाता है, परिणामस्वरूप, यौन सुख के बिना ही सीमेन पुरुष के लिंग से बाहर आ जाता है.

इंसुलिन के बचाव व उपचार के कदम

शराब और ध्रूमपान बंद करने जैसी लाइफ स्टाइल में सुधार से इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या से निजात पा सकते हैं. इजैक्यूलेशन साइकोलॉजिकल समस्याओं से भी जुड़ा हो सकता है. उपयुक्त परामर्श और साइकोलॉजिकल थेरेपी की सलाह दी जाती है.

डायबिटीज से ग्रस्त दंपत्ति आईवीएफ सेंटर से संपर्क कर सकते हैं, जहां उनके शुक्राणुओं की संख्या और गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए उन्हें उपयुक्त डाइट फॉलो करने वाले एक्सरसाइज की सजा दी जाती है.

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